फुटबॉल प्रेमियों के लिए फीफा के टूर्नामेंट किसी त्योहार से कम नहीं होते हैं. भारत के फुटबॉल प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड ('Z') ने साल 2026 से लेकर 2034 तक लगातार 8 वर्षों के लिए 39 प्रमुख ग्लोबल फुटबॉल इवेंट्स को लाने के लिए FIFA के साथ पार्टनरशिप की है. इस रणनीतिक कदम के साथ जी भारत में फुटबॉल के सभी प्रमुख इवेंट्स और डॉक्यू सीरीज का घर बन जाएगा. आपको बता दें कि जी 'Unite8 Sports' नाम से स्पोर्ट्स चैनलों का एक नया पोर्टफोलियो लॉन्च करने जा रही है.
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइज लिमिटेड एक अग्रणी कंटेंट और टेक्नोलॉजी कंपनी है, जिसकी मौजूदगी 190 से ज्यादा देशों में है और दुनिया भर के 1.4 अरब से अधिक लोगों तक इसकी पहुंच है. इस पार्टनरशिप के साथ कंपनी स्वामी विवेकानंद के "उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक कि लक्ष्य प्राप्त न हो जाए" की भावना के साथ आगे बढ़ रही है.
4 समर्पित स्पोर्ट्स चैनल पर लाइव टेलीकास्ट
फेस्टिवल ऑफ फुटबॉल का आगाज 11 जून 2026 से होगा. फैंस इन मैचों का लाइव टेलीकास्ट जी के 4 नए समर्पित स्पोर्ट्स चैनल्स- Unite8 Sports 1, Unite8 Sports 1 HD, Unite8 Sports 2 और Unite8 Sports 2 HD पर देख सकेंगे.
8 साल में इन इवेंट्स के मिले ब्रॉडकास्टिंग राइट्स
- टीवी के अलावा फुटबॉल प्रेमी जी के ओटीटी प्लेटफॉर्म Z5 पर अपनी पसंद की भाषा में मैच की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं.
- आठ साल के करार में जो इवेंट्स शामिल हैं, उनमें प्रमुख हैं- फीफा वर्ल्ड कप 2026 और इसके शताब्दी वर्ष 2030 का वर्ल्ड कप. इसके साथ-साथ फीफा विमेंस वर्ल्ड कप 2027 का सीधा प्रसारण भी आपको जी के स्पोर्ट्स चैनल पर देखने को मिलेगा.
- 2027, 2029, 2031, 2033 में होने वाले फीफा अंडर 20 मेंस वर्ल्ड कप और 2026, 2028, 2030, 2031, 2034 में होने वाले विमेंस अंडर 20 वर्ल्ड कप का टेलिकास्ट आप जी के स्पोर्ट्स चैनल पर देख सकेंगे.
- फीफा फुटसल मेंस (2028, 2032) और विमेंस वर्ल्ड कप (2029, 2033), फीफा इंटरकांटिनेंटल कप (2026-2030) और इन सभी ग्लोबल टूर्नामेंट्स से जुड़ी डॉक्यू सीरीज के अधिकार भी जी एंटरटेनमेंट के पास हैं.
स्पोर्ट्स इवेंट को लेकर कंपनी उत्साहित
जी एंटरटेनमेंट के सीईओ पुनीत गोयनका ने कहा, "हम भारतीय दर्शकों के लिए दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स इवेंट में से एक को लाने के लिए काफी उत्साहित हैं."
भारत फीफा के लिए अहम बाजार
- बकौल पुनीत गोयनका, "मीडिया राइट्स को हासिल करने और समर्पित स्पोर्ट्स चैनल लॉन्च करने में किया गया निवेश इसकी लंबी अवधि की क्षमता में हमारे विश्वास को साफ दिखाता है. यह पार्टनरशिप विकास और प्रॉफिटिबिलिटी पर हमारे ध्यान के मुताबिक इस खेल की ट्रू वैल्यू को अनलॉक करेगी."
- फीफा के चीफ बिजनेस ऑफिसर रोमी गई के मुताबिक, "फीफा वर्ल्ड कप धरती का सबसे बड़ा शो है. हम पहली बार जी के साथ पार्टनरशिप करके बेहद खुश हैं. भारतीय बाजार फीफा के लिए रणनीतिक महत्व रखता है और जी का व्यापक प्रसारण और डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन इकोसिस्टम भारत के हर हिस्से में फुटबॉल की पहुंच का विस्तार करेगा."
लंबे वक्त तक मिलेगा कंपनी को फायदा
जी एंटरटेनमेंट के डिप्टी सीईओ और सीएफओ मुकुंद गलगली ने कहा, "फीफा के साथ पार्टनरशिप स्पोर्ट्स की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान और आधार बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, इससे आने वाले लंबे वक्त तक कंपनी को फायदा मिलेगा."
आर्थिक रूप से मजबूत बिजनेस मॉडल
- बकौल मुकुंद गलगली, "हमारा लक्ष्य बहुत ही सोच-समझकर और सही जगह पर पैसा लगाना है, ताकि हम एक ऐसा बिजनेस मॉडल तैयार कर सकें जो लगातार आगे बढ़े और आर्थिक रूप से भी मजबूत रहे."
- जी एंटरटेनमेंट के एड रेवेन्यू (सीओओ) संदीप मेहरोत्रा के मुताबिक, "स्पोर्ट्स इकोसिस्टम में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के साथ ही हमारा ध्यान विज्ञापनों के लिए एक बेहतरीन और फायदेमंद माहौल तैयार करने पर है. हम भारत में स्पोर्ट्स की बड़ी ग्रोथ स्टोरी में हिस्सा लेते हुए एक नए मॉनेटाइजेशन का दरवाजा खोल रहे हैं."
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टीवी और डिजिटल का बढ़ेगा सब्सक्राइबर बेस
फीफा के साथ इस अहम पार्टनरशिप से कंपनी को कई रणनीतिक और लंबे वक्त के फायदे हैं. इससे स्पोर्ट्स बिजनेस के लिए एक मजबूत नींव का निर्माण किया जाएगा. लीनियर (टीवी) और डिजिटल सेगमेंट में सब्सक्राइबर बेस को बढ़ाया जाएगा.
स्वामी विवेकानंद के संदेश से प्रेरणा
- नए एडवर्टाइजिंग सेगमेंट में टैप करके ब्रांड पार्टनरशिप को मजबूत करेगा. एक नए उपभोक्ता वर्ग को जोड़ेगा और सभी एंटरटेनमेंट की जरूरतों को पूरा करेगा.
- कंपनी ने साल 1897 में स्वामी विवेकानंद द्वारा युवाओं को दिए गए संदेश से प्रेरणा ली है. उन्होंने कहा था कि गीता की पढ़ाई से ज्यादा, फुटबॉल के जरिए युवा स्वर्ग के करीब पहुंचेंगे.
- जी का उद्देश्य 70 साल के उस खोए हुए खेल रुतबे और सम्मान को वापस लाना है जब 1956 के मेलबर्न ओलंपिक में भारतीय फुटबॉल टीम चौथे स्थान पर रही थी. भारतीय फुटबॉल टीम ने आखिरी बार साल 1960 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया था.