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डिफेंस स्टॉक Mazagon Dock पर आ रही बड़ी खबर. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
डिफेंस सेक्टर की दिग्गज सरकारी कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders Limited एक बार फिर चर्चा में है. ज़ी बिजनेस की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार जल्द ही Project-75 India यानी Project-75I को मंजूरी दे सकती है. यह डील ₹90,000 करोड़ से ज्यादा की बताई जा रही है.
खबर सामने आने के बाद कंपनी के शेयर में भी हल्की तेजी देखने को मिली. निवेशकों की नजर अब इस बड़े डिफेंस प्रोजेक्ट पर टिकी हुई है क्योंकि इससे कंपनी को लंबे समय के लिए बड़ा ऑर्डर मिल सकता है.
सूत्रों के मुताबिक Project-75I भारत की बड़ी डिफेंस योजनाओं में शामिल है. इसके तहत AIP तकनीक से लैस 6 एडवांस्ड पनडुब्बियां खरीदी जाएंगी. खास बात यह है कि इन पनडुब्बियों का निर्माण Make in India के तहत भारत में ही किया जाएगा.
रिपोर्ट के अनुसार Mazagon Dock Shipbuilders Limited और Thyssenkrupp Marine Systems के बीच सहयोग की तैयारी है. इस प्रोजेक्ट में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और स्वदेशी निर्माण पर खास जोर रहेगा. ज़ी बिजनेस ने इस खबर की जानकारी सबसे पहले 27 जनवरी 2024 को दी थी. हालांकि Mazagon Dock की तरफ से ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला.
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22 मई 2026 को Mazagon Dock Shipbuilders Limited का शेयर बढ़त के साथ बंद हुआ. कंपनी का शेयर 17.20 रुपये यानी करीब 0.70 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,472 रुपये पर बंद हुआ. दिन के कारोबार में शेयर ने 2,481 रुपये का हाई और 2,446 रुपये का लो बनाया. वहीं पिछला बंद भाव 2,454.80 रुपये था.
मार्केट में खबरों के बीच स्टॉक में हल्की खरीदारी देखने को मिली. हालांकि शेयर अभी भी अपने ऑल टाइम हाई 5,860 रुपये से काफी नीचे कारोबार कर रहा है. कंपनी ने यह हाई 5 जुलाई 2024 को बनाया था. वहीं इसका ऑल टाइम लो 164 रुपये रहा था, जो 13 अक्टूबर 2020 को दर्ज किया गया था.
Mazagon Dock Shipbuilders Limited भारत की प्रमुख डिफेंस पीएसयू शिपयार्ड कंपनी है, जो रक्षा मंत्रालय के तहत काम करती है. कंपनी की शुरुआत 1774 में हुई थी और 1960 में इसे भारत सरकार ने अधिग्रहित किया था. यह भारत की इकलौती शिपयार्ड कंपनी मानी जाती है जिसने भारतीय नौसेना के लिए डेस्ट्रॉयर और पारंपरिक पनडुब्बियों का निर्माण किया है.
कंपनी मुख्य रूप से युद्धपोत और पनडुब्बियां बनाने और उनकी मरम्मत का काम करती है. साल 2024 में कंपनी को Navratna का दर्जा भी मिला था, जिसके बाद यह भारत की इकलौती शिपयार्ड कंपनी बन गई जिसके पास यह स्टेटस है.
पिछले कुछ समय से डिफेंस सेक्टर के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ी है. Make in India और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर सरकार का फोकस इस सेक्टर की कंपनियों के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है. अगर Project-75I को मंजूरी मिलती है तो इसका फायदा लंबे समय में Mazagon Dock Shipbuilders Limited को मिल सकता है. यही वजह है कि बाजार की नजर अब इस बड़े फैसले पर बनी हुई है.