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Welspun और Enviro Infra को मिला हजारों करोड़ का ऑर्डर. (Image Source-AI)
शेयर बाजार में जब भी किसी कंपनी की झोली में बड़े ऑर्डर गिरते हैं, तो निवेशकों के कान खड़े होना लाजिमी है. इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स सेक्टर की दो दमदार कंपनियों वेलस्पन कॉर्प और एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स के लिए हाल ही में बड़ी खबरें आई हैं.
इन दोनों कंपनियों ने तगड़े कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए हैं, जो आने वाले कई सालों तक इनकी कमाई का रास्ता साफ कर रहे हैं. अगर आप भी बुधवार को बाजार में किसी बड़े मौके की तलाश में हैं, तो इन दो शेयरों की हलचल पर नजर रखना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है.
पाइप बनाने वाली दिग्गज कंपनी वेलस्पन कॉर्प (Welspun Corp) ने एक बार फिर अपनी अंतरराष्ट्रीय ताकत का लोहा मनवाया है. कंपनी को अमेरिका स्थित अपनी फैसिलिटी से करीब 1000 करोड़ रुपये का एक बहुत बड़ा पाइप सप्लाई ऑर्डर मिला है. यह कोई छोटी-मोटी कामयाबी नहीं है, क्योंकि इस नए ऑर्डर के जुड़ते ही कंपनी की ग्लोबल ऑर्डर बुक अब 24,700 करोड़ रुपये (लगभग 2.6 बिलियन डॉलर) के पार पहुंच गई है.
जनवरी 2026 से लेकर अब तक कंपनी ने लगातार कई कॉन्ट्रैक्ट्स पर अपनी मुहर लगाई है. कंपनी का मानना है कि यह मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन भारत और अमेरिका, दोनों ही जगहों पर उसके बिजनेस को जबरदस्त रफ्तार देगी. सबसे अच्छी बात यह है कि इन ऑर्डर्स को वित्त वर्ष 2026, 2027 और 2028 के दौरान पूरा किया जाना है. यानी अगले तीन साल तक कंपनी के पास काम की कोई कमी नहीं रहने वाली है.
वेलस्पन कॉर्प का शेयर 30 मार्च 2026 को 809.95 रुपये के स्तर पर बंद हुआ. दिन के दौरान इसमें उतार-चढ़ाव देखा गया और इसने 849.95 रुपये का हाई भी छुआ. हालांकि पिछले बंद के मुकाबले इसमें मामूली गिरावट रही, लेकिन 1000 करोड़ का नया ऑर्डर बुधवार को शेयर की चाल बदल सकता है.
दूसरी तरफ, एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स (Enviro Infra Engineers) ने रिन्यूएबल एनर्जी यानी अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी धाक जमाई है. कंपनी को देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी NTPC से 'लेटर ऑफ अवार्ड' (LOA) मिला है. यह प्रोजेक्ट बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) से जुड़ा है, जो आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है.
यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के टांडा थर्मल पावर स्टेशन और असम के बोंगाईगांव थर्मल पावर स्टेशन में लगाया जाएगा. यह एक EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) आधारित कॉन्ट्रैक्ट है. इसका मतलब है कि सामान की सप्लाई से लेकर उसे लगाने और चलाने तक की पूरी जिम्मेदारी एनवायरो इंफ्रा की होगी.
एनवायरो इंफ्रा को मिला यह कॉन्ट्रैक्ट कुल 405.71 करोड़ रुपये का है (बिना GST के). लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. इस प्रोजेक्ट की खास बातें ये हैं:
30 मार्च 2026 को एनवायरो इंफ्रा के शेयर में हरियाली देखी गई. शेयर 141.00 रुपये पर बंद हुआ, जो करीब 2.17% की बढ़त दिखाता है. बाजार बंद होते-होते निवेशकों ने इस खबर पर भरोसा जताया है, जिससे बुधवार को इसमें और एक्शन की उम्मीद है.
इन दोनों कंपनियों को मिले ऑर्डर्स भारत के बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर की तस्वीर पेश करते हैं. वेलस्पन कॉर्प जहां ग्लोबल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है, वहीं एनवायरो इंफ्रा रिन्यूएबल और एनर्जी स्टोरेज जैसे भविष्य के सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रही है. NTPC जैसी बड़ी सरकारी कंपनी से बैटरी स्टोरेज का काम मिलना यह दिखाता है कि ग्रिड स्थिरता और क्लीन एनर्जी की दिशा में देश कितनी तेजी से बढ़ रहा है.
जब भी किसी कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत होती है, तो उसे भविष्य के रेवेन्यू की गारंटी माना जाता है. वेलस्पन कॉर्प के पास कई सालों का काम सुरक्षित है, जो उसके शेयरों को मजबूती देता है.
वहीं, एनवायरो इंफ्रा का NTPC के साथ जुड़ना उसे एनर्जी ट्रांजिशन की थीम में एक बड़ा खिलाड़ी बना रहा है. आने वाले समय में बाजार यह देखेगा कि ये कंपनियां कितनी कुशलता से इन ऑर्डर्स को पूरा करती हैं और अपने मार्जिन को कैसे बरकरार रखती हैं.
Q1: वेलस्पन कॉर्प को मिला नया ऑर्डर किस बारे में है?
A1: वेलस्पन कॉर्प को अपनी अमेरिकी फैसिलिटी से करीब 1,000 करोड़ रुपये का पाइप सप्लाई का बड़ा ऑर्डर मिला है.
Q2: वेलस्पन कॉर्प की कुल ग्लोबल ऑर्डर बुक अब कितनी हो गई है?
A2: नए ऑर्डर्स के साथ कंपनी की कुल ग्लोबल ऑर्डर बुक अब 24,700 करोड़ रुपये (करीब 2.6 बिलियन डॉलर) तक पहुंच गई है.
Q3: एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स को NTPC से क्या काम मिला है?
A3: कंपनी को उत्तर प्रदेश और असम के थर्मल पावर स्टेशनों पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लगाने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है.
Q4: एनवायरो इंफ्रा के प्रोजेक्ट की समय सीमा क्या है?
A4: इस प्रोजेक्ट के तहत निर्माण कार्य (EPC) 15 महीनों में पूरा करना है, जिसके बाद 11 सालों तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी कंपनी की होगी.
Q5: इन दोनों कंपनियों के शेयरों पर बुधवार को नजर क्यों रखनी चाहिए?
A5: इन दोनों कंपनियों ने बड़े और रणनीतिक ऑर्डर्स हासिल किए हैं, जो उनकी भविष्य की कमाई के लिए बहुत सकारात्मक संकेत हैं.