वॉटर मैनेजमेंट कंपनी की सब्सिडियरी को मिला ₹207 करोड़ का ऑर्डर, शुक्रवार को स्टॉक पर रखे नजर

इस वॉटर सप्लाई कंपनी की सब्सिडियरी सुयोग ऊर्जा को 207.47 करोड़ रुपए का हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी EPC ऑर्डर मिला है. प्रोजेक्ट में विंड और सोलर कंपोनेंट्स से जुड़े सिविल वर्क, WEG इंस्टॉलेशन और पावर इवैक्यूएशन जैसे काम शामिल हैं.
वॉटर मैनेजमेंट कंपनी की सब्सिडियरी को मिला ₹207 करोड़ का ऑर्डर, शुक्रवार को स्टॉक पर रखे नजर

वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट कंपनी की सब्सिडियरी को मिला ऑर्डर, स्टॉक पर रखें नजर (फोटो - AI)

शुक्रवार यानी 29 मई 2026 को जब बाजार खुलेंगे तो वॉटर सप्लाई और मैनेजमेंट कंपनी Enviro Infra के शेयर पर नजर रखें. नवंबर 2024 में लिस्ट हुई इस कंपनी की सब्सिडियरी को हाल ही में एक और ऑर्डर मिला है. कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को फाइलिंग के दौरान इसकी जानकारी दी. कंपनी ने बीएसई को बताया कि उसे 207 करोड़ रुपए की वैल्यू का एक ऑर्डर मिला है.

ये ऑर्डर 28 मई यानी गुरुवार को मिला है. आज बाजार बंद हैं लेकिन शुक्रवार को स्टॉक में ऑर्डर के दम पर एक्शन देखने को मिल सकता है. बुधवार को ये शेयर करीब आधा फीसदी की गिरावट के साथ 206.50 रुपए के भाव पर बंद हुआ है. स्टॉक का 52 वीक हाई 306.30 रुपए और 52 वीक लो 135 रुपए है.

क्या है ऑर्डर की पूरी डीटेल्स

Enviro इंफ्रा इंजीनियर्स की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी सुयोग ऊर्जा को रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बड़ा ऑर्डर मिला है. कंपनी को 207.47 करोड़ रुपए का EPC कॉन्ट्रैक्ट मिला है. यह ऑर्डर CGE 30 हाइब्रिड एनर्जी की ओर से दिया गया है.

Enviro

कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि यह ऑर्डर हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है, जिसमें विंड और सोलर दोनों कंपोनेंट शामिल होंगे. इस नए ऑर्डर को कंपनी के लिए स्ट्रैटेजिक तौर से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे रिन्यूएबल एनर्जी EPC सेगमेंट में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होगी.

क्या होगा प्रोजेक्ट का दायरा?

कंपनी के मुताबिक, इस EPC प्रोजेक्ट के तहत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग कार्य शामिल होंगे. कंपनी को यह पूरा प्रोजेक्ट 30 जून 2027 तक पूरा करना है. ऑर्डर के दायरे में ये काम शामिल हैं -

  • जमीन का एग्रीगेशन
  • बैलेंस ऑफ प्लांट (BoP) वर्क
  • सिविल कंस्ट्रक्शन
  • विंड एनर्जी जनरेटर्स (WEG) का इंस्टॉलेशन
  • स्टोरेज और हैंडलिंग
  • इंटर-कार्टिंग
  • पावर इवैक्यूएशन फैसिलिटीज
  • टेस्टिंग और कमीशनिंग

रिन्यूएल एनर्जी सेक्टर में बढ़ते अवसर

भारत में ग्रीन एनर्जी और क्लीन पावर पर तेजी से फोकस बढ़ रहा है. सरकार भी सोलर और विंड एनर्जी क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार नई नीतियां और प्रोजेक्ट्स ला रही है. ऐसे में हाइब्रिड रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स की मांग लगातार बढ़ती जा रही है.

कंपनी ने क्या कहा?

कंपनी ने साफ किया है कि यह पूरी तरह घरेलू ऑर्डर है और इसमें किसी भी प्रमोटर या ग्रुप एंटिटी की कोई रुचि नहीं है. इसके अलावा ऑर्डर वैल्यू ₹207.47 करोड़ है, जिसमें GST शामिल नहीं है.

बाजार में इस ऑर्डर को सकारात्मक माना जा रहा है क्योंकि इससे कंपनी की हाइब्रिड एनर्जी प्रोजेक्ट्स में क्षमता और बिजनेस विजिबिलिटी दोनों को मजबूती मिल सकती है.

कंपनी में शेयरहोल्डिंग पैटर्न और स्टॉक का प्रदर्शन

शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 70.11 फीसदी है. इसके अलावा, पब्लिक शेयरहोल्डिंग 29.89 फीसदी है. इसके अलावा स्टॉक के प्रदर्शन की बात करें तो शेयर ने हफ्तेभर में करीब 10% का उछाल देखा है. 3 महीने में स्टॉक ने 30 फीसदी का रिटर्न दिया है.

DurationChange (%)
1 हफ्ता9.64
1 महीना-1.48
3 महीना30.70
6 महीना-4.90
1 साल-18.27
YTD1.60

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