Vodafone Idea को AGR से बड़ी राहत, घाटे से सीधे 51,970 करोड़ रुपये के प्रॉफिट में पहुंची कंपनी

Vodafone Idea ने Q4FY26 में 51,970 करोड़ रुपये का बड़ा प्रॉफिट दर्ज किया, लेकिन इसकी सबसे बड़ी वजह AGR देनदारी में राहत रही. कंपनी के ऑपरेशन में भी सुधार दिखा है. ARPU बढ़ा है, 5G नेटवर्क तेजी से फैला है और EBITDA मजबूत हुआ है. हालांकि भारी कर्ज, घटते सब्सक्राइबर और निगेटिव नेटवर्थ अब भी कंपनी के लिए बड़ी चिंता बने हुए हैं.
Vodafone Idea को AGR से बड़ी राहत, घाटे से सीधे 51,970 करोड़ रुपये के प्रॉफिट में पहुंची कंपनी

घाटे से सीधे 51,970 करोड़ रुपये के प्रॉफिट में पहुंची Vodafone Idea. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)

Vodafone Idea Limited ने FY26 की चौथी तिमाही के नतीजों में ऐसा आंकड़ा पेश किया जिसने पूरे मार्केट का ध्यान खींच लिया. कंपनी ने Q4FY26 में 51,970 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया. हालांकि इस बड़े प्रॉफिट के पीछे कंपनी के बिजनेस में अचानक आई तेजी नहीं, बल्कि AGR देनदारी में मिली बड़ी राहत रही.

असल में Department of Telecommunications यानी DoT ने कंपनी की AGR देनदारी का दोबारा आकलन किया. इसके बाद Vodafone Idea की कुल AGR देनदारी पहले के मुकाबले काफी कम हो गई. इसी वजह से कंपनी को एक बड़ा अकाउंटिंग गेन मिला, जिसने घाटे को भारी प्रॉफिट में बदल दिया.

कंपनी को हुआ 51,970 करोड़ का प्रॉफिट, लेकिन असली कहानी कुछ और है

Vodafone Idea ने Q4FY26 में 51,970 करोड़ रुपये का PAT यानी नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 7,166 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. पहली नजर में यह बहुत बड़ा टर्नअराउंड लगता है, लेकिन इसके पीछे ऑपरेशनल मजबूती नहीं बल्कि AGR देनदारी से जुड़ा बड़ा अकाउंटिंग एडजस्टमेंट है.

Vodafone Idea Q4 Results

दरअसल DoT ने AGR बकाया का दोबारा आकलन किया, जिसके बाद कंपनी की AGR देनदारी घटकर 64,046 करोड़ रुपये रह गई. इससे Vodafone Idea को करीब 55,622 करोड़ रुपये का एकमुश्त फायदा मिला, जिसे कंपनी ने “Exceptional Item” के रूप में बुक किया. यही वजह रही कि कंपनी का घाटा अचानक भारी प्रॉफिट में बदल गया. इसका मतलब यह है कि कंपनी की असली ऑपरेशनल स्थिति को समझने के लिए EBITDA, ARPU और ग्राहक ग्रोथ जैसे आंकड़ों को देखना ज्यादा जरूरी है.

Revenue में मामूली ग्रोथ, लेकिन EBITDA Margin मजबूत

कंपनी का Revenue from Operations Q4FY26 में 11,332 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर करीब 2.9% बढ़ा है. वहीं EBITDA 4,889 करोड़ रुपये रहा और EBITDA Margin बढ़कर 43.1% हो गया.

FY26 पूरे साल की बात करें तो कंपनी का Revenue 44,873 करोड़ रुपये रहा, जो FY25 के मुकाबले 3% ज्यादा है. EBITDA भी 4.8% बढ़कर 19,003 करोड़ रुपये पहुंच गया.

टेलीकॉम सेक्टर में EBITDA Margin बहुत अहम माना जाता है क्योंकि इससे पता चलता है कि कंपनी अपने नेटवर्क और ऑपरेशन से कितनी कमाई बचा पा रही है. Vodafone Idea के लिए Margin का 43% के ऊपर जाना एक पॉजिटिव संकेत माना जा सकता है.

ARPU में जबरदस्त सुधार

कंपनी के लिए सबसे मजबूत संकेत ARPU यानी Average Revenue Per User में देखने को मिला. Customer ARPU बढ़कर 190 रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 175 रुपये था. यानी करीब 8.3% की सालाना बढ़त. कंपनी ने इसे इंडस्ट्री में सबसे तेज ARPU ग्रोथ बताया है.

Blended ARPU भी 164 रुपये से बढ़कर 174 रुपये पहुंच गया. ARPU बढ़ने का मतलब यह है कि ग्राहक अब ज्यादा डेटा इस्तेमाल कर रहे हैं और महंगे प्लान चुन रहे हैं. यही किसी टेलीकॉम कंपनी के लंबे समय के सुधार का सबसे अहम संकेत माना जाता है.

ग्राहक घटे, लेकिन 4G और 5G यूजर्स बढ़े

कंपनी का कुल Subscriber Base घटकर 192.8 मिलियन रह गया, जबकि पिछले साल यह 198.2 मिलियन था. यानी अभी भी Vodafone Idea ग्राहक गंवा रही है.

लेकिन यहां एक अहम पॉइंट यह है कि 4G/5G Subscribers बढ़कर 128.9 मिलियन पहुंच गए हैं, जो पिछले साल 126.4 मिलियन थे. इसका मतलब यह है कि कंपनी के हाई-वैल्यू ग्राहक बढ़ रहे हैं.

कंपनी ने यह भी कहा कि फरवरी 2026 से उसका monthly subscriber addition पॉजिटिव हो गया है. यानी अब नए ग्राहक जुड़ने की रफ्तार फिर से बढ़ने लगी है.

5G पर बड़ा दांव

Vodafone Idea ने कहा कि अब उसकी 5G सेवाएं सभी 17 priority circles में शुरू हो चुकी हैं, जो कंपनी के करीब 99% revenue में योगदान देते हैं. कंपनी की 5G मौजूदगी अब 80 से ज्यादा शहरों तक पहुंच गई है.

इसके साथ कंपनी लगातार 4G नेटवर्क विस्तार पर भी फोकस कर रही है. FY26 में कंपनी ने 17,300 से ज्यादा नए ब्रॉडबैंड टॉवर्स जोड़े. अब उसके कुल broadband towers 2.02 लाख से ज्यादा हो गए हैं. 4G Population Coverage भी बढ़कर 86.3% हो गई है. कंपनी का लक्ष्य इसे 95% से ऊपर ले जाना है.

कर्ज अभी भी बड़ा सिरदर्द

हालांकि AGR राहत से कुछ दबाव कम हुआ है, लेकिन Vodafone Idea अभी भी भारी कर्ज में डूबी हुई है. Balance Sheet के मुताबिक कंपनी की कुल Equity अब भी निगेटिव है. मार्च 2026 तक कंपनी की Total Equity -35,758 करोड़ रुपये रही.

Deferred Payment Obligations अब भी 1.42 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हैं. हालांकि बैंक कर्ज घटकर 726 करोड़ रुपये रह गया है और कंपनी के पास 3,715 करोड़ रुपये का cash and bank balance मौजूद है.

सरकार बनी सबसे बड़ी शेयरहोल्डर

मार्च 2026 तक Government of India की Vodafone Idea में हिस्सेदारी 49% हो गई है. वहीं Vodafone Group की हिस्सेदारी 16.07% और Aditya Birla Group की हिस्सेदारी 9.57% है. इसका मतलब यह है कि अब सरकार कंपनी की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर बन चुकी है. यह निवेशकों के लिए एक तरह का सपोर्ट फैक्टर माना जा सकता है क्योंकि इससे कंपनी के survival को लेकर भरोसा बढ़ता है.

अब आगे क्या?

Vodafone Idea के लिए आने वाले 2-3 साल बेहद अहम रहने वाले हैं. कंपनी अब तीन बड़े मोर्चों पर लड़ रही है-

  • नेटवर्क विस्तार और 5G rollout
  • ARPU बढ़ाना
  • ग्राहक पलायन रोकना

अगर कंपनी ARPU को लगातार बढ़ाती रही और 4G/5G ग्राहक तेजी से जोड़ पाई, तो ऑपरेशनल रिकवरी मजबूत हो सकती है. लेकिन दूसरी तरफ Airtel और Jio से मुकाबला बेहद कठिन बना हुआ है. AGR राहत से फिलहाल कंपनी को बड़ी सांस जरूर मिली है, लेकिन असली चुनौती अब सस्टेनेबल कैश फ्लो और प्रॉफिटेबिलिटी दिखाने की होगी.

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