अभी 8% चढ़ा ही था Vedanta का शेयर कि आई झटका देने वाली खबर, अब सुप्रीम कोर्ट जाएगी कंपनी? जानें पूरा मामला

Vedanta Share Price: शुरुआती कारोबार में स्टॉक 6% से ज्यादा उछलकर ₹288.75 तक पहुंच गया और पिछले हफ्ते की गिरावट का बड़ा हिस्सा रिकवर कर लिया. हालांकि इसी बीच कंपनी के लिए एक कानूनी मोर्चे पर झटका भी आया है.
अभी 8% चढ़ा ही था Vedanta का शेयर कि आई झटका देने वाली खबर, अब सुप्रीम कोर्ट जाएगी कंपनी? जानें पूरा मामला

Vedanta के शेयरों में तेजी के बीच आई NCLAT से बुरी खबर. (प्रतीकाक्त्मक तस्वीर: AI)

Vedanta Share Price: डिमर्जर एडजस्टमेंट के बाद दबाव झेल रहे वेदांता के शेयरों में सोमवार को जोरदार रिकवरी देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में स्टॉक 8% से ज्यादा उछलकर ₹294 तक पहुंच गया और पिछले हफ्ते की गिरावट का बड़ा हिस्सा रिकवर कर लिया. यह तेजी ऐसे समय आई है जब डिमर्जर के बाद तकनीकी एडजस्टमेंट से शेयर में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था. हालांकि इसी बीच कंपनी के लिए एक कानूनी मोर्चे पर झटका भी आया है.

डिमर्जर एडजस्टमेंट के बाद संभला शेयर

पिछले गुरुवार को वेदांता के शेयर में स्पेशल प्री-ओपन सेशन के जरिए एक्स-डिमर्जर प्राइस डिस्कवरी की गई थी, जिसके बाद शेयर का भाव ₹289.5 पर रीसेट हुआ था. इसके बाद स्टॉक में और गिरावट आई थी और यह 6% से ज्यादा टूटकर बंद हुआ था. सोमवार की रिकवरी से संकेत मिला कि बाजार इस गिरावट को तकनीकी एडजस्टमेंट मान रहा है, न कि बिजनेस में किसी कमजोरी का संकेत.

NCLAT से मिला झटका

रिकवरी के बीच कंपनी के लिए एक निगेटिव खबर भी आई. नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने Jaiprakash Associates Ltd (JAL) insolvency मामले में वेदांता की याचिका खारिज कर दी. ट्रिब्यूनल ने कहा कि वेदांता द्वारा उठाए गए सातों मुद्दों में कोई दम नहीं है और इस मामले में आगे किसी आदेश की जरूरत नहीं है.

क्या था पूरा विवाद?

वेदांता ने JAL insolvency process में Adani Group के रिजॉल्यूशन को चुनौती दी थी. कंपनी का कहना था कि उसकी रिवाइज्ड बिड करीब ₹17,900 करोड़ की थी, जो Adani Group की ₹14,535 करोड़ की बोली से काफी ज्यादा थी. वेदांता का आरोप था कि Committee of Creditors (CoC) ने आकलन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी और कम वैल्यू वाली बोली को तरजीह दी.

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CoC और Adani Group ने क्या कहा?

Committee of Creditors, Resolution Professional और Adani Group ने वेदांता की दलीलों का विरोध किया. उनका कहना था कि बिडिंग फ्रेमवर्क पहले से तय था और सभी बिडर्स पर समान रूप से लागू किया गया. CoC के मुताबिक आकलन केवल बिड वैल्यू पर नहीं बल्कि अपफ्रंट कैश, डिफर्ड पेमेंट्स और इक्विटी इंफ्यूजन जैसे कई पैरामीटर्स पर हुआ, जिसमें Adani Group का प्रपोजल सबसे बेहतर निकला.

अब आगे क्या?

NCLAT के फैसले के बाद Jaiprakash Associates के रिजॉल्यूशन प्लान के इंप्लीमेंटेशन का रास्ता साफ होता दिख रहा है, हालांकि वेदांता चाहे तो अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है.

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

फिलहाल शेयर की रिकवरी बताती है कि बाजार डिमर्जर के बाद की गिरावट को पूरी तरह से टेक्निकल मान रहा है. हालांकि NCLAT का फैसला सेंटीमेंट पर कुछ सीमित दबाव डाल सकता है. निवेशकों की नजर अब इस पर रहेगी कि क्या वेदांता इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाती है और डिमर्जर के बाद अलग-अलग बिजनेस यूनिट्स की वैल्यू अनलॉकिंग कैसे होती है.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 Vedanta के शेयर में तेजी क्यों आई?

डिमर्जर के बाद हुई तकनीकी गिरावट के बाद शेयर में रिकवरी आई है. बाजार इसे fundamental कमजोरी नहीं मान रहा.

Q2 NCLAT ने Vedanta की कौन-सी याचिका खारिज की?

Jaiprakash Associates insolvency case में Adani Group के resolution plan को चुनौती देने वाली याचिका.

Q3 Vedanta की bid कितनी थी?

करीब ₹17,900 करोड़.

Q4 Adani Group की approved bid कितनी थी?

करीब ₹14,535 करोड़.

Q5 क्या Vedanta अब Supreme Court जा सकती है?

हां, कंपनी चाहे तो NCLAT के फैसले के खिलाफ Supreme Court में अपील कर सकती है.

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