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वेदांता ग्रुप की इस कंपनी में सरकार की 27.92% हिस्सेदारी है. (फोटो सोर्स: Hindustan Zinc)
वीकेंड में दुनिया की सबसे बड़ी जिंक कंपनी हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) पर बड़ा अपडेट है. वेदांता ग्रुप की कंपनी HINDZINC ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (TERI) के साथ एक समझौता (MoU) किया है, जिसके तहत राजस्थान में 250 हेक्टेयर क्षेत्र में इकोलॉजिकल रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट विकसित किया जाएगा.
एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि यह प्रोजेक्ट चित्तौड़गढ़ जिले स्थित चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर कॉम्प्लेक्स में शुरू की जाएगी. इसके पूरा होने पर यह किसी इंडस्ट्रियल परिसर के भीतर दुनिया के सबसे बड़े हरित ग्रीन कवर में से एक बन सकता है.
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इस परियोजना के तहत स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप देशी पेड़, झाड़ियां, घास और अन्य पौधे लगाए जाएंगे. साथ ही आक्रामक प्रजातियों को नियंत्रित करने, जल स्रोतों के संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने पर भी काम किया जाएगा. TERI परियोजना की योजना, डिजाइन और क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग देगा.
HINDZINC पहले से ही TERI के साथ मिलकर चंदेरिया परिसर में पर्यावरण सुधार के कई काम कर चुकी है. कंपनी ने अब तक 22.25 हेक्टेयर क्षेत्र को पुनर्जीवित किया है और लगभग 56,400 देशी पेड़ लगाए हैं. इसके अलावा परिसर में 6 हेक्टेयर का बायोडायवर्सिटी पार्क भी विकसित किया जा रहा है.
हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि कंपनी के लिए सस्टेनेबिलिटी केवल एक लक्ष्य नहीं बल्कि कारोबार का अहम हिस्सा है. कंपनी जल संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और जैव विविधता संरक्षण जैसे क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है.
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| पैरामीटर | डीटेल |
| साझेदारी | हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड और टेरी (TERI) |
| प्रोजेक्ट का आकार | 250 हेक्टेयर (617 एकड़ से अधिक) |
| लोकेशन | चंदेरिया स्मेल्टर कॉम्प्लेक्स, चित्तौड़गढ़, राजस्थान |
| मुख्य रिकॉर्ड | औद्योगिक परिसर के अंदर दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन कवर एरिया |
| मूल कंपनी | वेदांत ग्रुप |
बता दें कि Hindustan Zinc को हाल ही में S&P Global Corporate Sustainability Assessment 2025 में लगातार तीसरे वर्ष दुनिया की सबसे सस्टेनेबल मेटल एवं माइनिंग कंपनी का दर्जा मिला है.
यह नई प्रोजेक्ट कंपनी के सस्टेनेबिलिटी लक्ष्य 2030 का हिस्सा है, जिसके तहत जैव विविधता को बढ़ावा देने और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.
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मार्च तिमाही (Q4FY26) में हिंदुस्तान जिंक का कंसोलिडेटेड मुनाफा करीब ₹5,033 करोड़ रहा. आय भी बढ़कर ₹13,544 करोड़ पहुंच गई. पूरे साल कंपनी ने ₹40,844 करोड़ का रेवेन्यू और ₹13,832 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया. कंपनी का EBITDA ₹7,706 करोड़ रहा. वहीं मार्जिन 53% से बढ़कर 56.9% रहा.
Q4 के अंत तक कंपनी के पास करीब ₹13,850 करोड़ की कैश पोजिशन थी. FY27 के लिए कंपनी ने $50-60 मिलियन का कैपेक्स प्लान रखा है.
31 मार्च 2026 तक के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, हिंदुस्तान जिंक में भारत सरकार की हिस्सेदारी 27.92% थी. वहीं प्रमोटर कंपनी वेदांता लिमिटेड की हिस्सेदारी 60.71% रही. बाकी हिस्सेदारी पब्लिक और संस्थागत निवेशकों के पास है.
शुक्रवार को हिंदुस्तान जिंक का शेयर 6.09% गिरकर 567 रुपए पर बंद हुआ. शेयर में यह गिर उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आया, जिनमें दावा किया गया था कि केंद्र सरकार कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है. हालांकि, कंपनी ने कहा कि सरकार की ओर से हिस्सेदारी बेचने जैसी कोई जानकारी उसके पास नहीं है.
| अवधि | बदलाव (%) |
| 1 हफ्ता | -10.36% |
| 2 हफ्ते | -10.27% |
| 1 महीना | -7.20% |
| 3 महीने | -4.83% |
| इस साल अब तक | -7.32% |
| 6 महीने | 13.83% |
| 1 साल | 15.22% |
| 2 साल | -16.30% |
| 3 साल | 84.75% |
| 5 साल | 69.96% |
| 10 साल | 237.50% |
स्टॉक का 52 वीक हाई 732.60 रुपए है और लो 413.40 रुपए है. BSE पर कंपनी का मार्केट कैप 2,39,575.59 करोड़ रुपए है. बीते एक हफ्ते में शेयर 10.30% और इस साल अब तक 7.32% तक गिर चुका है. हालांकि, पिछले 6 महीने में शेयर 13.83% और पिछले एक साल में 15.22% तक चढ़ा है. जबकि पिछले 2 साल में 16.30% तक करेक्ट हुआ है.
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