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Vedanta Demerger Updates.
Vedanta Demerger Updates: देश की लीडिंग माइनिंग एंड मेटल कंपनी Vedanta Ltd का इस महीने डीमर्जर संभव है. नवंबर महीने में डीमर्जर प्रोसेस को NCLT से मंजूरी मिल चुकी थी और उम्मीद है कि इस महीने इसका ऐलान हो सकता है. डीमर्जर प्रोसेस के तहत वेदांता लिमिटेड के वर्तमान शेयर होल्डर्स को 5 अलग-अलग डीमर्ज्ड एंटिटी के शेयर मिल सकते हैं. यही वजह है कि पिछले कुछ समय से शेयर में खरीदारी देखी जा रही है. फिलहाल यह 530 रुपए की रेंज में कारोबार कर रहा है. कल शेयर ने 543 रुपए का लाइफ हाई बनाया था.
डीमर्जर के बाद शेयरधारकों को एक ही स्टॉक की जगह अब 5 अलग‑अलग सेक्टर की कंपनियों के शेयर मिलेंगे, जिससे कंपनी की वैल्यू अनलॉक तो होगी ही साथ ही शेयरधारको को चुनिंदा सेक्टर में निवेश की आजादी भी मिलेगी. डीमर्जर के तहत वेदांता लिमिटेड को 5 अलग‑अलग सेक्टर फोकस्ड लिस्टेड कंपनियों में बांटा जा रहा है.

वेदांता के एक शेयर पर शेयरधारकों को नई डीमर्ज्ड कंपनी में 1‑1 अतिरिक्त शेयर मिलने का स्ट्रक्चर प्रस्तावित है (1:1 वर्टिकल स्प्लिट), यानी आपके कुल शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी, बस वे अलग‑अलग कंपनियों में बंट जाएंगे. यानी जिसके पास अभी वेदांता लिमिटेड का एक शेयर है, उसके पास वेदांता एल्युमिनियम का एक, वेदांता ऑयल एंड गैस का एक, वेदांता पावर का एक, वेदांता आयरन एंड स्टील का एक और वेदांता लिमिटेड का एक शेयर हो जाएगा.

अभी वेदांता में अलग‑अलग बिजनेस एक ही कंपनी में हैं, इसलिए कई बड़े निवेशक इसको “कांग्लोमरेट डिस्काउंट” देते हैं. अलग‑अलग लिस्टेड होने पर हर बिजनेस अपनी क्षमता के हिसाब से अपनी वैल्यु पा सकता है. इसके साथ ही डीमर्जर के बाद आप चाहें तो सिर्फ पसंदीदा सेक्टर (जैसे एल्युमिनियम या ऑयल एंड गैस) की कंपनी के शेयर को होल्ड कर सकते हैं और बाकी शेयर समय के साथ बेच सकते हैं. अगर किसी वर्टिकल में मार्जिन, कैपेक्स और ग्रोथ स्ट्रॉन्ग है तो मार्केट उस स्टॉक को अलग से प्रीमियम दे सकती है, जिससे कुल पोर्टफोलियो वैल्यु बढ़ने की काफी संभावना है.

वेदांता लिमिटेड का जब डीमर्जर हो जाएगा तो इसकी हर कंपनी का अपनी अपनी स्ट्रेंथ होगी, जैसे कि पावर सेक्टर के पास अपने पावर प्लांट और अन्य बिजनेस होंगे. अगर पावर की मांग बढ़ती है और कंपनी की नई योजनाएं आती हैं तो उसका फायदा सीधा शेयरधारक को मिलेगा. इसी तरह अगर एल्युमिनियम प्लांट की क्षमता बढ़ती है और इसकी कीमतें बढ़ती है तो भी इसका सीधा फायदा कंपनी के शेयरधारकों को मिल सकता है.

रीटेल इन्वेस्टर को हर एंटिटी का अलग‑अलग एनालिसिस करना पड़ेगा. अगर आप लॉन्ग‑टर्म इन्वेस्टर हैं, तो डीमर्जर के बाद कुछ तिमाहियों तक हर वर्टिकल की अर्निंग्स और डेब्ट प्रोफाइल देखकर ही ऐड/एग्जिट का फैसला लेना बेहतर है. ट्रेडिंग माइंडसेट हो तो रिकॉर्ड डेट और लिस्टिंग के आसपास की शॉर्ट‑टर्म वॉलेटिलिटी को ध्यान में रखकर ही स्ट्रैटेजी बनाएं, क्योंकि शुरुआती दिनों में प्राइस डिस्कवरी बहुत तेज हो सकती है.
Q1. डीमर्जर से क्या होगा?
वर्तमान शेयरधारकों को 5 अलग-अलग नई कंपनियों के शेयर मिलेंगे.
Q2. निवेशकों को क्या फायदे हो सकते हैं?
अलग-अलग बिजनेस अब अपनी वैल्यू के अनुसार आंका जाएगा और “कांग्लोमरेट डिस्काउंट” खत्म होने की संभावना है.
Q3. डीमर्जर के तहत कितनी नई कंपनियां बनेंगी और उनका नाम क्या होगा?
प्लान के अनुसार 5 कंपनियां होंगी — Vedanta Aluminium Metal Limited, Vedanta Oil & Gas, Vedanta Power, Vedanta Iron & Steel Limited, और मूल कंपनी Vedanta Limited
Q4. अगर मेरे पास वेदांता का 1 शेयर है, तो डीमर्जर के बाद मुझे क्या मिलेगा?
डीमर्जर के मुताबिक हर वर्तमान शेयरधारक को हर नई कंपनी में 1-1 अतिरिक्त शेयर मिलेगा — यानी 1 शेयर बदलकर 1-1-1-1-1 (5 स्टॉक्स) हो जाएंगे.
Q5. वेदांता का शेयर कितने रुपए पर है?
4 दिसंबर को शेयर ने इंट्राडे में 543 रुपए का हाई बनाया.
