Q3 Results: देश की लीडिंग बेवरेज कंपनी Varun Beverages ने सितंबर तिमाही के लिए रिजल्ट का ऐलान किया है. रिजल्ट बाजार को पसंद आया और यह शेयर आठ फीसदी की तेजी के साथ 490 रुपए की रेंज में कारोबार कर रहा है. जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 1.9% ग्रोथ के साथ 48,966.5 मिलियन रुपए रहा. नेट प्रॉफिट में 18% से अधिक ग्रोथ दर्ज किया गया. बता दें कि यह कंपनी कैलेंडर ईयर को फॉलो करती है इसलिए सितंबर तिमाही इसके लिए Q3 है.
BSE की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, Q3 में वरुण बेवरेज का रेवेन्यू सालाना आधार पर 1.9% उछाल के साथ 4896 करोड़ रुपए रहा. EBITDA यानी ऑपरेटिंग प्रॉफिट -0.3% की गिरावट के साथ 1147.4 करोड़ रुपए रहा. EBITDA मार्जिन 24% से घटकर 23.4% रहा. नेट प्रॉफिट 18.5% उछाल के साथ 745.2 करोड़ रुपए रहा. सेल्स वॉल्यूम में 2.4% का ग्रोथ दिखा और यह 274 मिलियन यूनिट्स रहा जबकि Q2 में यह 390 मिलियन था.
सेल्स वॉल्यूम एंड नेट रेवेन्यू
- Q3CY2025 में कंसोलिडेटेड सेल्स वॉल्यूम 2.4% बढ़कर 273.8 मिलियन यूनिट्स रहा जो Q3CY24 में 267.5 मिलियन यूनिट्स था.
- भारत की वॉल्यूम लगभग स्थिर रही जबकि इंटरनेशनल वॉल्यूम्स 9% बढ़ी, मुख्य वजह दक्षिण अफ्रीका में बेहतर प्रदर्शन.
- ऑपरेशंस से नेट रेवेन्यू 1.9% की वृद्धि के साथ Q3CY25 में 48,966.5 मिलियन रुपए रहा (Q3CY24 में 48,046.8 मिलियन रुपए).
- प्रति केस नेट रियलाइजेशन Q3CY25 में 178.8 रुपए रहा (Q3CY24 में 179.6 रुपए).
- Q3CY25 में सेल्स वॉल्यूम: CSD (कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स) 74%, NCB (नॉन कार्बोनेटेड बेवरेज) 4%, पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर 22% रहा.
ग्रॉस मार्जिन और ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA)
- ग्रॉस मार्जिन 119 बेसिस पॉइंट बढ़कर Q3CY25 में 56.7% रहा.
- ग्रॉस मार्जिन के बढ़ने के बावजूद, EBITDA मार्जिन घटकर 23.4% रह गई (Q3CY24 में 24.0% थी). खर्च ज्यादा होने की वजह से यह गिरावट आई.
- 9MCY2025 में लो शुगर/नो शुगर प्रोडक्ट्स का योगदान कंसोलिडेटेड सेल्स वॉल्यूम में लगभग 56% और भारत में लगभग 45% रहा.
नेट प्रॉफिट
- PAT 18.5% बढ़कर Q3CY25 में 7,451.9 मिलियन रुपए रहा (Q3CY24 में 6,288.3 मिलियन रुपए), जिसमें फाइनेंस कॉस्ट घटने और अन्य इनकम बढ़ने का योगदान रहा.
- डेप्रीशिएशन 19.9% बढ़ा, क्योंकि भारत और DRC में नए प्लांट्स चालू हुए और इंटरनेशनल मार्केट्स में ब्राउनफील्ड विस्तार हुआ.
- QIP से कर्ज चुकता होने के बाद भारत में फाइनेंस कॉस्ट नगण्य रही, जबकि इंटरनेशनल मार्केट में फाइनेंस कॉस्ट मुख्य रूप से साउथ अफ्रीका से जुड़ी रही.
Varun Beverages देश की लीडिंग बेवरेज कंपनी है. यह अमेरिका के बाद PepsiCo का सबसे ब्रड़ा ग्लोबल फ्रेंचाइजी है. य कंपनी कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक, नॉन कॉर्बोनेट बेवरेज और वाटर बॉटल तैयार करती है. कंपनी 1990 के दशक से पेप्सिको से एसोसिएटेड है और यह तीन दशक पुरानी पार्टनरशिप है.