ट्रंप का बड़ा संकेत! भारतीय चावल पर लग सकते हैं नए टैरिफ, 8% तक टूटे ये शेयर्स

Rice Tariffs: यह घोषणा ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक बैठक के दौरान की, जहां उन्होंने अमेरिकी किसानों के लिए 1,200 करोड़ डॉलर के नए सपोर्ट पैकेज का भी ऐलान किया.
ट्रंप का बड़ा संकेत! भारतीय चावल पर लग सकते हैं नए टैरिफ, 8% तक टूटे ये शेयर्स

भारतीय चावल और कनाडाई फर्टिलाइजर पर नए टैरिफ के संकेत.

Rice Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) भारतीय चावल और कनाडाई फर्टिलाइजर पर नए टैरिफ के संकेत दिए. अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि वह भारतीय चावल और फर्टिलाइजर पर नए टैरिफ लगा सकते हैं, क्योंकि दोनों देशों के साथ ट्रेड बातचीत में कोई खास प्रोग्रेस नहीं हुई है. इस खबर से मंगलवार को LT Foods और KRBL के शेयरों में 6.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है.

यह घोषणा ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक बैठक के दौरान की, जहां उन्होंने अमेरिकी किसानों के लिए 1,200 करोड़ डॉलर के नए सपोर्ट पैकेज का भी ऐलान किया.

घरेलू उत्पादकों के लिए चुनौती

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राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि विदेशी इंपोर्ट अमेरिकी घरेलू उत्पादकों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं और उन्होंने इस व्यापार असंतुलन को सुलझाने के अपने इरादे को दोहराया. ट्रंप ने विशेष रूप से भारतीय चावल की कथित डंपिंग के मुद्दे पर ध्यान देने की बात कही.

  • किसानों की शिकायत- अमेरिकी किसानों ने चावल की गिरती कीमतों की ओर इशारा करते हुए शिकायत की है. उनका दावा है कि भारत, वियतनाम और थाईलैंड जैसे देशों से हो रहा सस्ता इंपोर्ट उनकी फसलों के मूल्य को कम कर रहा है.
  • ट्रंप की चेतावनी- इस मामले पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट कहा, उन्हें डंपिंग नहीं करनी चाहिए. उन्होंने आगे जोड़ा, मेरा मतलब है, मैंने यह सुना है, मैंने यह दूसरों से सुना है, आप ऐसा नहीं कर सकते.

rice tariffs

फर्टिलाइजर और कनाडाई इंपोर्ट पर निशाना

चावल के अलावा, राष्ट्रपति ट्रंप ने कनाडा से होने वाले कृषि इंपोर्ट, खासकर फर्टिलाइजर पर भी नए टैरिफ लगाने का संकेत दिया. यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार समझौतों को लेकर चल रही बातचीत में प्रगति न होने की पृष्ठभूमि में आया है.

ट्रंप प्रशासन लगातार व्यापार समझौतों को रिबैलेंस करने और अमेरिकी उद्योगों की रक्षा करने की नीति पर जोर दे रहा है. भारतीय चावल और कनाडाई फर्टिलाइजर पर टैरिफ लगाने का संकेत उसी व्यापक व्यापार रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. इस घोषणा से भारत और कनाडा दोनों के निर्यातकों पर असर पड़ने की संभावना है, जिन्हें अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए अब उच्च टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है.

इस घोषणा का भारत और कनाडा पर क्या असर हो सकता है?

अगर ये टैरिफ लागू होते हैं, तो भारतीय चावल और कनाडाई फर्टिलाइजर निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में अपने उत्पादों को बेचने के लिए उच्च लागत का सामना करना पड़ेगा, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता कम हो सकती है.

बासमती एक्सपोर्ट में भारत की मोनोपोली

US को भारत से 2.5 लाख टन से भी कम चावल एक्सपोर्ट है. भारत के चावल एक्सपोर्ट में US का सिर्फ 1.25% हिस्सा है. टॉप-5 भारतीय चावल इंपोर्टर्स में US का नामोनिशान नहीं है. बासमती एक्सपोर्ट में भारत की मोनोपोली है. अमेरिका में बासमती का उत्पादन नहीं.

LT Foods

  • Q2 में North America रहा कंपनी के लिए मैं ग्रोथ ड्राइवर
  • कंपनी के revenue का 47 % हिस्सा North America से आया
  • कंपनी के फ्लैगशिप ब्रांड 'Royal ' का North America में 54% मार्केट शेयर
  • बासमती चावल का 61% एक्सपोर्ट US मार्केट में होता है
  • वहीं Goldstar North America में नंबर 1 Jasmine राइस ब्रांड है.

KRBL

कंपनी का US में डायरेक्ट एक्सपोजर सीमित है. मैनेजमेंट ने दोनों सरकारों के बीच 50% करंट राइस एक्सपोर्ट ड्यूटी को लेकर नए सेट्लमेंट की उम्मीद जताई थी.

KRBL और LT फूड्स के शेयरों में बड़ी गिरावट

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारतीय चावल पर नए टैरिफ लगाने के संकेत का असर मंगलवार को शुरुआती कारोबार में ही भारतीय शेयर बाजार पर दिखाई दिया. चावल निर्यात क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों, KRBL (इंडिया गेट चावल) और LT फूड्स (दावत चावल) के शेयरों में 8% तक की गिरावट दर्ज की गई. LT Foods के शेयर 8 फीसदी गिरकर 362.20 रुपए तो KRBL के शेयर 2.74 फीसदी गिरकर 370.05 रुपए पर आ गए.

गिरावट का कारण

  • टैरिफ की आशंका- राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को अमेरिकी किसानों से मुलाकात के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि वह अमेरिकी बाजार में भारतीय चावल की कथित डंपिंग का ध्यान रखेंगे और इस समस्या को टैरिफ लगाकर आसानी से हल किया जा सकता है.
  • निर्यात पर सीधा असर- KRBL और LT फूड्स दोनों ही बासमती चावल के बड़े निर्यातक हैं और अमेरिका उनके लिए एक महत्वपूर्ण निर्यात बाजार है. अमेरिका में टैरिफ बढ़ने का सीधा मतलब होगा कि भारतीय चावल अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए महंगा हो जाएगा, जिससे इन कंपनियों का निर्यात कम हो सकता है और उनकी प्रॉफिटेबिलिटी प्रभावित हो सकती है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल- FAQs

1. टैरिफ लगाने का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
ट्रंप का दावा है कि विदेशी इंपोर्ट अमेरिकी घरेलू उत्पादकों के लिए चुनौती पैदा कर रहे हैं.

2. भारतीय चावल के संदर्भ में क्या आरोप लगाया गया है?
अमेरिकी किसानों ने शिकायत की है कि भारत से सस्ते चावल की डंपिंग की जा रही है.

3. ट्रंप ने अमेरिकी किसानों को क्या समर्थन दिया है?
1200 करोड़ डॉलर के एक नए सपोर्ट पैकेज का ऐलान किया.

4. इस घोषणा का भारत और कनाडा पर क्या असर हो सकता है?
अगर ये टैरिफ लागू होते हैं, तो भारतीय चावल और कनाडाई फर्टिलाइजर निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में अपने उत्पादों को बेचने के लिए उच्च लागत का सामना करना पड़ेगा.

5.यह संकेत किस व्यापक अमेरिकी व्यापार नीति का हिस्सा है?
हां, यह संकेत ट्रंप प्रशासन की उस व्यापक व्यापार रणनीति का हिस्सा है.

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