&format=webp&quality=medium)
कुल संभावित प्रोजेक्ट वैल्यू लगभग ₹975 करोड़ तक पहुंचती है. (प्रतीकात्मक फोटो: AI/Chatgpt)
कमजोर बाजार में इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी Transrail Lighting के लिए लगातार अच्छी खबरें आ रही हैं. मंगलवार को ₹575 करोड़ का बड़ा ऑर्डर हासिल करने के बाद कंपनी अब करीब ₹400 करोड़ की एक और प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोलीदाता (L1) बनकर उभरी है. मजबूत ऑर्डर फ्लो के बावजूद शेयर अपने 52 वीक हाई से करीब 43% नीचे कारोबार कर रहा है.
शेयर बाजार में कमजोरी के माहौल के बावजूद Transrail के शेयर में आज करीब 2.30% तक की तेजी देखने को मिली. कंपनी को ₹575 करोड़ के नए ऑर्डर मिलने और ₹400 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए L1 बिडर बनने की खबर के बाद निवेशकों ने शेयर में खरीदारी दिखाई.
ये भी पढ़ें- गिरते बाजार में 4.87% तक चढ़ा ये स्टॉक, कंपनी को महारत्न PSU से मिला बड़ा ऑर्डर, 3 महीने में 134% रिटर्न
Transrail Lighting ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि उसे ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन (T&D), सिविल और पोल बिजनेस से जुड़े नए ऑर्डर मिले हैं. इन ऑर्डर्स की कुल वैल्यू करीब ₹575 करोड़ है. इसके अलावा कंपनी ने लगभग ₹400 करोड़ के एक प्रोजेक्ट के लिए L1 बिडर बनी है, जिससे भविष्य में ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ गई है.
कंपनी को मिले नए ऑर्डर और ₹400 करोड़ की L1 स्थिति को मिलाकर देखें तो कुल संभावित प्रोजेक्ट वैल्यू लगभग ₹975 करोड़ तक पहुंचती है, जो आने वाले समय में कंपनी की ऑर्डर बुक और कारोबारी प्रदर्शन को मजबूत आधार प्रदान कर सकती है.

Transrail Lighting के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO रणदीप नारंग ने कहा कि नए ऑर्डर कंपनी की विविध क्षमताओं को दर्शाते हैं और EPC, ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में उसकी मजबूत स्थिति को और मजबूत करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत बिडिंग पाइपलाइन कंपनी की ग्रोथ संभावनाओं को समर्थन दे रही है.
रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक Transrail Lighting का ऑर्डर बुक 4 वर्षों में 26% CGAR से बढ़ा है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑर्डर बुक 16,133 करोड़ रुपए रहा. वित्त वर्ष 2025 में ऑर्डर बुक 14,551 करोड़ रुपए था. FY26 में ऑर्डर बुक इनफ्लो 8,520 करोड़ रहा जबकि मार्च 2026 तक अन-एक्सक्यूटेड ऑर्डर बुक 16,361 करोड़ रुपए रहा. इसमें 48 करोड़ रुपए का L1 शामिल है.

मार्च तिमाही (Q4FY26) में Transrail Lighting के नतीजे कमजोर रहे. आय 4% गिरकर 1863 करोड़ रुपए रहा, जबकि EBITDA 13% घटकर 207 करोड़ रुपए पर आ गया. वहीं, मुनाफा 24 फीसदी लुढ़कर कर 97 करोड़ रुपए रहा.
कमजोर नतीजे के बावजूद कंपनी के बोर्ड ने 2 रुपए फेस वैल्यू पर 2 रुपए यानी 100% प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है.
पूरे वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा. आय 30 फीसदी बढ़कर 6880 करोड़ रुपए, जबकि EBITDA 21 फीसदी बढ़कर 820 करोड़ रुपए रहा. कंपनी का मुनाफा 28 फीसदी चढ़कर 584 421 करोड़ रुपए रहा.

Transrail एक प्रमुख टर्नकी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी है, जो पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर पर फोकस करती है. कंपनी के पास 4 दशकों का अनुभव है.
यह 5 महाद्वीपों के 63 देशों में अपनी उपस्थिति के साथ एक ग्लोबल स्तर की कंपनी बन चुकी है. कंपनी ट्रांसमिशन लाइन्स, सबस्टेशन्स, सिविल कंस्ट्रक्शन, रेलवे, सोलर प्रोजेक्ट्स और पोल और लाइटिंग जैसे क्षेत्रों में एंड-टू-एंड टर्नकी समाधान देती है- जिसमें डिजाइन, इंजीनियरिंग, सप्लाई, मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और टेस्टिंग सेवाएं शामिल हैं.
कंपनी के पास भारत में बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं भी हैं, जहां Galvanized Lattice Towers, ओवरहेड कंडक्टर्स और Galvanized Monopoles का उत्पादन होता है. साथ ही, एक एडवांस्ड टावर टेस्टिंग फैसिलिटी भी मौजूद है. वर्तमान में कंपनी के पास 2,700 से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं.
| अवधि | बदलाव (%) |
| 1 हफ्ता | -5.81% |
| 2 हफ्ता | -1.68% |
| 1 महीना | -18.45% |
| 3 महीने | -9.04% |
| इस साल अब तक | -12.28% |
| 6 महीने | -22.79% |
| 1 वर्ष | -23.44% |
स्टॉक का 52 वीक हाई 855.40 रुपए है, जो इसने 13 अगस्त 2025 को बनाया था. 52 वीक लो 450 रुपए है. कंपनी का मार्केट कैप 6,561.76 करोड़ रुपए है. स्टॉक एक हफ्ते में 5.18% और पिछले एक महीने में 18.45% तक गिरा है. इस साल शेयर में 12.28% और 6 महीने में 22.79% की गिरावट आई है. वहीं पिछले एक साल में स्टॉक 23.44% तक करेक्ट हुआ है.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)