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TCS Q1FY26 Results: Tata Consultancy Services (TCS) का Q1FY26 रिजल्ट आज (10 जुलाई) को आएगा. देश की सबसे बड़ी IT कंपनी के इस तिमाही नतीजों से पहले विश्लेषकों ने अपने अनुमान पेश किए हैं. उम्मीद की जा रही है कि कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रह सकता है, खासतौर पर BSNL डील से कम रेवेन्यू के चलते.
इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू लगभग ₹65,290 करोड़ रहने का अनुमान है, जो पिछली तिमाही ₹64,479 करोड़ के मुकाबले 1.3% की बढ़त को दिखाता है. डॉलर में रेवेन्यू की बात करें तो यह $7,547 मिलियन रहने की उम्मीद है, जो QoQ आधार पर 1.3% की बढ़त होगी.
कंपनी का EBIT (कमाई से पहले का ऑपरेटिंग मुनाफा) ₹15,749 करोड़ रहने का अनुमान है, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹15,601 करोड़ रहा था. यानी इसमें सिर्फ 1% की बढ़त की उम्मीद है. EBIT मार्जिन में हालांकि मामूली गिरावट आ सकती है – 24.2% से घटकर 24.1%.
PAT यानी नेट प्रॉफिट ₹12,214 करोड़ रहने का अनुमान है, जो सिर्फ 0.1% की तिमाही बढ़त दिखाता है. EPS यानी प्रति शेयर आय ₹34.2 रहने की संभावना है, जो पिछले तिमाही के ₹33.8 से थोड़ा बेहतर है.
कंपनी के रेवेन्यू में CC (Constant Currency) आधार पर 0.5% की गिरावट की संभावना जताई गई है. इसकी सबसे बड़ी वजह BSNL डील से कम योगदान है. पिछली तिमाही में जहां BSNL से ₹700 करोड़ तक का योगदान मिला था, वहीं इस बार यह घटकर ₹484 करोड़ तक रह सकता है. बीएसएनएल प्रोजेक्ट एक मार्जिन घटाने वाला सौदा रहा है, लेकिन इसके कम योगदान के बावजूद कंपनी के EBIT मार्जिन में गिरावट की आशंका है. इसकी वजह है – दोबारा निवेश, और बिलिंग योग्य संसाधनों की कम उपयोगिता.
TCS के Developed Markets (जैसे अमेरिका और यूरोप) से इस तिमाही में सीमित ग्रोथ की उम्मीद है. वहीं भारत और अन्य उभरते बाजारों से कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा.
नई डील्स का योगदान: कंपनी की नई डील्स से $700-900 मिलियन रेवेन्यू आने की उम्मीद है. हालांकि इस बार किसी बड़ी (mega) डील की घोषणा की उम्मीद कम है.
क्लाइंट्स की discretionary spend: अमेरिका में बढ़ती मैक्रो अनिश्चितता के चलते ग्राहक खर्च कम कर सकते हैं. कंपनी इस पर क्या कहती है, इस पर सबकी नजर होगी.
BFSI वर्टिकल का प्रदर्शन: बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज (BFSI) सेक्टर से कंपनी को एक बड़ी आय होती है. इस वर्टिकल की ग्रोथ और आउटलुक का अपडेट बेहद अहम होगा.
Cost Takeout प्रोजेक्ट्स: कंपनी किन सेक्टर्स में लागत घटाने की परियोजनाओं पर काम कर रही है, यह जानना निवेशकों के लिए जरूरी होगा.
TCS का Q1FY26 रिजल्ट मिला-जुला रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि के लिए कंपनी की स्थिति मजबूत बनी हुई है. BSNL डील का असर इस बार के नतीजों में जरूर दिखेगा, लेकिन कंपनी की नई डील्स और क्लाइंट कमेंट्री आने वाले क्वार्टर्स के लिए संकेत देंगे. निवेशक और विश्लेषक कंपनी के मैक्रो आउटलुक और BFSI वर्टिकल की कमेंट्री पर खास ध्यान देंगे.