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टीसीएस ने अमेरिकी कंपनी डीएक्ससी टेक्नालॉजीज को पीछे छोड़ा है (फोटो- TCS).
भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिस पर पूरे देश को गर्व है. टीसीएस अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी बन गई है. टीसीएस ने अमेरिकी कंपनी डीएक्ससी टेक्नालॉजीज (DXC Technology) को पीछे छोड़कर ये खिताब हासिल किया. टीसीएस अब कमाई के लिहास से दुनिया की सिर्फ दो कंपनियों से ही पीछे है. वित्त वर्ष 2019 के दौरान टीसीएस का प्रदर्शन डीएक्ससी से थोड़ा बेहतर रहा है और वह अमेरिकी कंपनी के मुकाबले कहीं अधिक मुनाफे में है. आईबीएम (IBM) दुनिया की सबसे बड़ी आईटी कंपनी है और उसके बाद एक्सेंचर का स्थान है.
बीते वित्त वर्ष के दौरान टीसीएस का शुद्ध लाभ 31562 करोड़ रुपये था, जबकि उसकी कुल आय 1.46 लाख करोड़ रुपये थी. इस दौरान डीएक्ससी टेक्नालॉजीज की करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये रही. टीसीएस के सीईओ राजेश गोपीनाथन द्वारा अपना पदभार ग्रहण करने के बाद टीसीएस का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है. कंपनी भी इस प्रदर्शन का श्रेय राजेश गोपीनाथ को दे रही है और इस वजह से बीते दिनों उनका वेतन 28 प्रतिशत बढ़ाकर 16 करोड़ रुपये कर दिया गया. डीएक्ससी ने शुक्रवार को अपने तिमाही नतीजों की घोषणा की. इस दौरान कंपनी की आय बाजार के अनुमानों से बेहतर रही, हालांकि उसके प्रदर्शन पर दबाव देखने को मिला. डीएक्सी के कारोबार में सुस्त रफ्तार से बढ़ोतरी के चलते टीसीएस को उससे आगे निकलने में मदद मिली.
टीसीएस को लातिन अमेरिका, भारत और दक्षिण अफ्रीका जैसे बाजारों में अच्छी वृद्धि हासिल करने की उम्मीद है. टीसीएस ने वित्त वर्ष 2018-19 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में विश्वास जताया है कि नई सेवाओं, उत्पादों और मंचों को पेश करने से यूरोप, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे बड़े बाजार में उसका विस्तार होगा. टीसीएस की आमदनी में अमेरिका की हिस्सेदारी 53 प्रतिशत और यूरोप की हिस्सेदारी 29.7 फीसदी है. वहीं भारत की हिस्सेदारी महज 5.7 प्रतिशत है. वित्त वर्ष 2018-19 में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 31,562 करोड़ रुपये जबकि आय 1.46 लाख करोड़ रुपये रही थी.