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इस कंपनी ने जारी किए तिमाही नतीजे, डिविडेंड का ऐलान (फोटो - AI/ChatGPT)
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ग्रुप (TMPVL) ने मार्च तिमाही और पूरे FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी ने चौथी तिमाही में मजबूत रिकवरी दिखाई है, जहां घरेलू बाजार में रिकॉर्ड बिक्री और Jaguar Land Rover यानी JLR के प्रोडक्शन सामान्य होने से रेवेन्यू और कैश फ्लो में अच्छा सुधार देखने को मिला.
हालांकि पूरे वित्त वर्ष में साइबर घटना, अमेरिकी टैरिफ, चीन के लग्जरी मार्केट में कमजोरी और कमोडिटी कीमतों के दबाव की वजह से कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी प्रभावित रही.
रेवेन्यू: मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 7.2 फीसदी बढ़कर 1,05,447 करोड़ रुपए पहुंच गया. कंपनी का EBITDA 13.9 हजार करोड़ रुपए रहा, जबकि EBITDA Margin 13.1 फीसदी दर्ज किया गया. हालांकि मार्जिन में सालाना आधार पर 130 बेसिस प्वाइंट की गिरावट देखने को मिली.
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प्रॉफिट: कंपनी का PBT यानी Profit Before Tax (before exceptional items) ₹7,167 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले ₹3,031 करोड़ कम है. इसके बावजूद कंपनी ने मजबूत फ्री कैश फ्लो दर्ज किया. Q4FY26 में फ्री कैश फ्लो ₹11.4 हजार करोड़ रहा, जिसे कंपनी ने हेल्दी लेवल बताया है.

कंपनी के मुताबिक चौथी तिमाही में प्रदर्शन सुधरने की सबसे बड़ी वजह JLR का प्रोडक्शन सामान्य होना और घरेलू बाजार में रिकॉर्ड बिक्री रही.
Q4FY26 में टाटा पैसेंजर व्हीकल और EV बिजनेस की कुल बिक्री 2,01,800 यूनिट्स रही, जो सालाना आधार पर 37 फीसदी ज्यादा है.
इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में भी कंपनी ने मजबूत ग्रोथ दर्ज की. FY26 में EV बिक्री 92,000 यूनिट्स के पार पहुंच गई और इस सेगमेंट में 43 फीसदी की सालाना ग्रोथ दर्ज की गई.
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पूरे वित्त वर्ष FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 8.3 फीसदी घटकर ₹3,35,582 करोड़ रहा. EBITDA मार्जिन 6.8 फीसदी और EBIT मार्जिन 1.1 फीसदी रहा. दोनों मार्जिन में 660 बेसिस प्वाइंट की गिरावट दर्ज की गई.
सालभर का PBT (before exceptional items) ₹2,519 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले ₹26,131 करोड़ कम है.
कंपनी ने बताया कि FY26 में प्रॉफिटेबिलिटी पर कई बड़े ग्लोबल फैक्टर्स का असर पड़ा. इसमें JLR पर पड़ा साइबर घटना, अमेरिकी टैरिफ, चीन में लग्जरी टैक्स, VME प्रेशर और कमोडिटीज की बढ़ती कीमतें शामिल हैं.
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इसके अलावा ₹4.1 हजार करोड़ के एक्सेप्शनल आइटम्स का असर भी देखने को मिला, जिसके बाद कंटिन्यूइंग ऑपरेशन्स से PBT ₹1.6 हजार करोड़ के घाटे में रहा.
घरेलू पैसेंजर व्हीकल बिजनेस में कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया. FY26 में Tata PV ने 6.4 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री की और 15 फीसदी YoY ग्रोथ दर्ज की.
कंपनी ने बताया कि Nexon और Punch जैसे मॉडल्स की मजबूत डिमांड बनी रही. वहीं EV सेगमेंट में Tata.ev ने 2.5 लाख क्यूमूलेटिव EV सेल्स का आंकड़ा पार कर लिया.
कंपनी ने FY26 के दौरान नई Sierra, Harrier और Safari के पेट्रोल वर्जन, नई Punch और Punch.ev जैसे नए मॉडल्स लॉन्च किए.
Jaguar Land Rover का Revenue Q4FY26 में 6.9 बिलियन यूरो रहा, जो सालाना आधार पर 11.1 फीसदी कम है. वहीं पूरे FY26 में रेवेन्यू 20.9 फीसदी घटकर 22.9 बिलियन यूरो रहा.
कंपनी के मुताबिक पुराने Jaguar मॉडल्स के बंद होने, चीन मार्केट में चुनौतियों और साइबर घटना की वजह से JLR बिजनेस प्रभावित रहा. हालांकि Q4FY26 में प्रोडक्शन सामान्य होने के बाद रिकवरी देखने को मिली और कंपनी ने मजबूत वापसी की.
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों के लिए ₹3 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है. इसे शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा.
कंपनी का कहना है कि घरेलू बाजार में SUV, EV और CNG सेगमेंट की डिमांड मजबूत बनी हुई है. FY27 में भी कंपनी इंडस्ट्री से बेहतर ग्रोथ देने की उम्मीद कर रही है.
हालांकि कंपनी ने यह भी कहा कि ग्लोबल जियोपॉलिटिकल हालात और कमोडिटी कीमतें आने वाले समय में निगरानी का बड़ा विषय रहेंगी.
TMPVL के CFO धीमन गुप्ता ने कहा कि FY26 कंपनी के लिए “दो हिस्सों की कहानी” जैसा रहा. घरेलू कारोबार में GST 2.0 के बाद मजबूत मोमेंटम देखने को मिला, जबकि JLR में साइबर घटना और टैरिफ जैसी चुनौतियां रहीं.
JLR के CEO पीबी बालाजी ने कहा कि कंपनी अब नए प्रोडक्ट लॉन्च और House of Brands Strategy के जरिए ग्रोथ पर फोकस कर रही है. वहीं टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल के MD और CEO शैलेश चंद्रा ने कहा कि FY26 कंपनी के लिए ऐतिहासिक साल रहा, जिसमें 6.4 लाख से ज्यादा यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री हुई.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 JLR का Tata Motors के बिजनेस में कितना महत्व है?
JLR यानी Jaguar Land Rover Tata Motors के ग्लोबल लग्जरी ऑटो बिजनेस का बड़ा हिस्सा है और कंपनी की कमाई में अहम योगदान देता है.
Q2 EBITDA Margin घटने का क्या मतलब होता है?
Margin में गिरावट का मतलब है कि कंपनी की ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी पर लागत या अन्य दबाव बढ़ा है.
Q3 Auto Sector में Free Cash Flow क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?
Free Cash Flow कंपनी की नकदी स्थिति और भविष्य के निवेश की क्षमता को दर्शाता है.
Q4 EV Sales बढ़ने से ऑटो कंपनियों को क्या फायदा होता है?
EV सेगमेंट की ग्रोथ कंपनियों को भविष्य के बाजार में मजबूत पकड़ और नई कमाई के अवसर देती है.
Q5 Global Headwinds का ऑटो सेक्टर पर क्या असर पड़ता है?
Tariffs, Commodity Prices, Supply Chain Issues और Geopolitical Risks जैसी चुनौतियां ऑटो कंपनियों की लागत और बिक्री को प्रभावित कर सकती हैं.