&format=webp&quality=medium)
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की तरफ से पतंजलि बनाम IMA मामले की सुनवाई के दौरान दवाओं के भ्रामक विज्ञापन को लेकर फटकार लगाई गई है. कोर्ट ने सरकार को जून, 2025 तक डैशबोर्ड बनाने का आदेश दिया है. डैशबोर्ड के जरिए राज्यों और केंद्र से ऐसे विज्ञापनों पर तत्काल लगाम को कहा है. साथ ही अगले 2 महीनों में कंप्लेंट रिड्रेसल मैकेनिज्म तैयार करने का आदेश दिया है.
SC ने कहा है कि मौजूदा नियम 74 साल पुराने होने के बावजूद पूरी तरह लागू नहीं हो सके. कोर्ट ने केंद्र सरकार से इसमें नए सिरे से बदलाव करने को कहा है. 3 महीने में राज्यों के साथ मिलकर रूपरेखा तैयार करने का निर्देश दिया गया है.
राज्यों से नियम को ढंग से लागू करने की व्यवस्था बनाने को भी कहा है. शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर या ईमेल भी जारी करने का निर्देश दिया है. साथ ही शिकायतों के निस्तारण को तेज करने के लिए अधिकारियों को ट्रेनिंग भी देने की बात कही गई है.