वेदांता लिमिटेड को लगा सुप्रीम कोर्ट से झटका, अडानी एंटरप्राइज रिजॉल्यूशन प्लान पर SC का रोक से इनकार

वेदांता लिमिटेड को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की उस याचिक पर सुनवाई से इनकार कर दिया है जिसमें जेपी एसोसिएट्स मामले में अडानी एंटरप्राइजेज के रिजॉल्यूशन प्लान पर स्टे लगाने की मांग की गई थी.
वेदांता लिमिटेड को लगा सुप्रीम कोर्ट से झटका, अडानी एंटरप्राइज रिजॉल्यूशन प्लान पर SC का रोक से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने अडानी एंटरप्राइज के रिजॉल्यूशन प्लान पर रोक से इनकार कर दिया है. (फाइल फोटो)

वेदांता लिमिटेड को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की उस याचिक को सुनने से इनकार कर दिया है जिसमें जेपी एसोसिएट्स मामले में NCLAT के फैसले पर रोक लगाने की मांग की गई थी. कोर्ट ने अडानी ग्रुप के रिजॉल्यूशन प्लान पर स्टे लगाने से इनकार कर दिया है. बता दें कि वेदांता लिमिटेड ने अडानी एंटरप्राइजेज के रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी को लेकर सवाल उठाया था.

आखिर मामला क्या है?

अडानी ग्रुप ने जयप्रकाश एसोसिएट्स की संपत्ति के लिए 15000 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी, जबकि वेदांता ग्रुप की बोली 17000 करोड़ रुपए के करीब थी. इसके बावजूद अडानी ग्रुप के रिजॉल्यूशन प्लान को एक्सेप्ट किया गया था. इसका विरोध वेदांता ग्रुप की तरफ से किया गया था. इसका कहना था कि हमारी बोली ज्यादा थी, ऐसे में किस आधार पर अडानी ग्रुप की बोली को स्वीकार किया गया है.

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NCLAT ने स्टे लगाने से किया था मना

NCLT ने अडानी ग्रुप के रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी. इसके खिलाफ वेदांता लिमिटेड ने पहले NCLAT का दरवाजा खटखटाया था. NCLAT ने एनसीएलटी के फैसले को बरकरार रखने का फैसला किया. इसके बाद कंपनी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई और NCLAT के फैसले को चुनौती दी जिसमें रोक लगाने से मना कर दिया गया था.

अडानी ग्रुप का रिजॉल्यूशन प्लान क्या था?

बता दें कि क्रेडिटर्स ने जेपी एसोसिएट्स के मामले में अडानी ग्रुप के रिजॉल्यूशन प्लान को फाइनली चुना था. वेदांता लिमिटेड ने 17000 करोड़ रुपए में जेपी एसोसिएट्स को खरीदने की सबसे ज्यादा बोली लगाई थी. वेदांता लिमिटेड ने लेंडर्स को 4000 करोड़ रुपए अपफ्रंट NCLT से मंजूरी मिलने के बाद और बाकी अगले 5-6 सालों में देने की बात की थी. वहीं, अडानी ग्रुप ने 14535 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी जिसे लेंडर्स ने मंजूर किया है. दरअसल अडानी ग्रुप 6000 करोड़ रुपए अपफ्रंट और बाकी अगले दो सालों में पूरा करने का प्रस्ताव दिया है जिसे लेंडर्स ने मंजूरी दी है.

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