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सोलर स्टॉक ओसवाल पंप्स को मिला महाराष्ट्र की सरकारी कंपनी से बड़ा ऑर्डर. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
शेयर बाजार में ऐसे स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर सबसे ज्यादा रहती है, जहां मजबूत बिजनेस, सरकारी ऑर्डर और प्रमोटर्स की बड़ी हिस्सेदारी एक साथ दिखाई दे. ऐसा ही एक शेयर इन दिनों चर्चा में है.
हम बात कर रहे हैं Oswal Pumps Limited की, जिसे महाराष्ट्र की सरकारी कंपनी से ₹162 करोड़ से ज्यादा का बड़ा ऑर्डर मिला है. खास बात ये है कि कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 75% से ज्यादा है, जो बाजार में मजबूत भरोसे का संकेत माना जाता है.
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि उसे Maharashtra State Electricity Distribution Company Limited यानी MSEDCL से ₹162.06 करोड़ का ऑर्डर मिला है.

यह ऑर्डर PM Kusum B Scheme के तहत मिला है, जिसे “Magel Tyala Saur Krishi Pump” योजना के नाम से भी जाना जाता है. इस योजना का मकसद किसानों के डीजल और बिजली से चलने वाले सिंचाई पंपों को सोलर पंप में बदलना है, ताकि खेती की लागत घटे और साफ ऊर्जा को बढ़ावा मिले.
इस ऑर्डर के तहत कंपनी को महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों में 6,896 ऑफ-ग्रिड DC सोलर फोटोवोल्टिक वाटर पंप लगाने हैं. इसमें 3 HP, 5 HP और 7.5 HP क्षमता वाले पंप शामिल हैं. कंपनी सिर्फ पंप सप्लाई नहीं करेगी, बल्कि डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, ट्रांसपोर्ट, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग तक का पूरा काम करेगी.
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इसके अलावा कंपनी को हर सिस्टम पर 5 साल की वारंटी और मेंटेनेंस सर्विस भी देनी होगी. ऑर्डर में Remote Monitoring System भी शामिल है, यानी हर पंप की निगरानी डिजिटल तरीके से की जा सकेगी.
कंपनी को मिला Letter of Empanelment एक साल के लिए वैध रहेगा. वहीं Notice to Proceed मिलने के 60 दिनों के भीतर हर इंस्टॉलेशन पूरा करना होगा. यानी आने वाले महीनों में कंपनी के ऑर्डर बुक और रेवेन्यू पर इसका असर दिखाई दे सकता है.
सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर से जुड़े स्टॉक्स पिछले कुछ सालों में निवेशकों के पसंदीदा बने हैं. Oswal Pumps का शेयर भी पिछले महीने जोरदार तेजी दिखा चुका है. पिछले एक महीने में शेयर में 12% से ज्यादा की तेजी आई है. हालांकि अभी भी यह अपने 52-वीक हाई ₹888.40 से काफी नीचे कारोबार कर रहा है.
शुक्रवार को शेयर में दबाव जरूर दिखा. NSE पर शेयर ₹410.40 के स्तर पर बंद हुआ और इसमें करीब 5% की गिरावट रही. दिन के कारोबार में शेयर का हाई ₹424.95 और लो ₹410.40 रहा.
किसी भी छोटे या मिडकैप शेयर में निवेश से पहले निवेशक उसके फंडामेंटल्स पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं. Oswal Pumps के आंकड़े यहां मजबूत तस्वीर दिखाते हैं. कंपनी का Return on Capital Employed यानी ROCE करीब 77-78% है, जो काफी मजबूत माना जाता है.
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वहीं Return on Equity यानी ROE करीब 87% है. पिछले 3 साल में कंपनी के प्रॉफिट में 155% की ग्रोथ देखने को मिली है, जबकि सेल्स ग्रोथ करीब 58% रही है. अगर तिमाही आंकड़ों की बात करें तो दिसंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹80 करोड़ से बढ़कर ₹92 करोड़ पहुंच गया.
कंपनी में घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी भी 11-12% के आसपास है, जो बताती है कि बड़े निवेशकों की नजर भी इस शेयर पर बनी हुई है. हालांकि सबसे ज्यादा भरोसा प्रमोटर्स का दिखाई देता है.
कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर नजर डालें तो प्रमोटर्स के पास 75.7% हिस्सेदारी है. इतनी बड़ी हिस्सेदारी आमतौर पर कंपनी के बिजनेस पर प्रमोटर्स के भरोसे को दिखाती है. इसके अलावा पब्लिक शेयरहोल्डिंग 16.9% है.

म्यूचुअल फंड्स के पास 4.5% हिस्सेदारी है, जबकि FIIs की हिस्सेदारी 0.9% है. अन्य निवेशकों के पास करीब 2.1% स्टेक मौजूद है.
भारत में सोलर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर पर सरकार लगातार फोकस बढ़ा रही है. PM Kusum जैसी योजनाओं के जरिए गांवों और किसानों तक सोलर टेक्नोलॉजी पहुंचाने की कोशिश हो रही है. ऐसे में सोलर पंप बनाने वाली कंपनियों के लिए आने वाले सालों में बड़े मौके बन सकते हैं. खासकर वो कंपनियां जिनके पास मजबूत ऑर्डर बुक, अच्छा वितरण नेटवर्क और मजबूत बैलेंस शीट है. Oswal Pumps को मिला नया सरकारी ऑर्डर भी इसी ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है.
Oswal Pumps ने 20 जून 2025 को NSE पर लिस्टिंग की थी. लिस्टिंग के बाद से यह शेयर काफी चर्चा में रहा है. कंपनी फिलहाल NIFTY IPO Index का हिस्सा भी है. कंपनी का मुख्यालय हरियाणा के करनाल में है और यह खुद को vertically integrated solar pump manufacturer बताती है. यानी डिजाइन से लेकर फाइनल प्रोडक्ट तक ज्यादातर काम कंपनी खुद करती है.कंपनी को पंप इंजीनियरिंग सेक्टर में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है.
हालांकि शेयर में तेजी और बड़े ऑर्डर की खबरें आकर्षित जरूर करती हैं, लेकिन छोटे और मिडकैप स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव भी ज्यादा होता है. निवेशकों को कंपनी की आने वाली तिमाहियों के नतीजों, ऑर्डर एग्जीक्यूशन, मार्जिन और कैश फ्लो पर नजर रखनी चाहिए. इसके अलावा सोलर सेक्टर में बढ़ती कंपटीशन भी एक बड़ा फैक्टर रहेगा.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 ओसवाल पंप्स लिमिटेड मुख्य रूप से क्या काम करती है?
यह एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड कंपनी है जो मुख्य रूप से सोलर पंप, सबमर्सिबल पंप और इलेक्ट्रिक मोटर्स का निर्माण करती है. कंपनी डिजाइनिंग से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक का सारा काम खुद (In-house) करती है.
Q2 कंपनी को हाल ही में कौन सा बड़ा सरकारी ऑर्डर मिला है?
कंपनी को Maharashtra State Electricity Distribution Company Limited (MSEDCL) से ₹162.06 करोड़ का ऑर्डर मिला है. इसके तहत उन्हें महाराष्ट्र में लगभग 6,896 सोलर पंप लगाने हैं.
Q3 यह ऑर्डर किस सरकारी योजना का हिस्सा है?
यह ऑर्डर PM-KUSUM (B) योजना के तहत मिला है, जिसे महाराष्ट्र में “मागेल त्याला सौर कृषी पंप” योजना भी कहा जाता है. इसका लक्ष्य कृषि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा (Solar Energy) को बढ़ावा देना है.
Q4 शेयर बाजार में प्रमोटर्स की 75% हिस्सेदारी का क्या मतलब है?
प्रमोटर होल्डिंग का 75% या उससे अधिक होना यह दर्शाता है कि कंपनी के मालिकों को अपने बिजनेस मॉडल और भविष्य की ग्रोथ पर पूरा भरोसा है. यह निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जाता है.