गिरते बाजार में डिफेंस स्टॉक को खरीदने की होड़, शेयर 3% चढ़ा, सालभर में दे चुका है 170% रिटर्न

Defence Stocks: रेगुलेटरी फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि उसे अनमैन्ड हेलीकॉप्टर एक्टिविटी के लिए डिफेंस एयरक्राफ्ट की कैटेगरी के तहत इक्विपमेंट बनाने का लाइसेंस मिला, जिसमें अनमैन्ड एरियल सिस्टम शामिल हैं.
गिरते बाजार में डिफेंस स्टॉक को खरीदने की होड़, शेयर 3% चढ़ा, सालभर में दे चुका है 170% रिटर्न

इस साल शेयर में अबतक 125 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है.

Defence Stocks: भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन मंगलवार को लाल निशान में खुले. रुपए में लगातार कमजोरी एक रुकावट बन रही है, जो एफआईआई फ्लो को प्रभावित कर रही है. बाजार में गिरावट के बीच स्मॉलकैप एयरोस्पेस एंड डिफेंस कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स (Apollo Micro Systems) के शेयर में 3% की बढ़त देखने को मिली. कारोबार के दौरान शेयर 276.35 रुपए पर पहुंच गया. डिफेंस स्टॉक में यह तेजी एक बड़े अपडेट के बाद आई है.

कंपनी ने क्या दिया अपडेट?

रेगुलेटरी फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि उसे अनमैन्ड हेलीकॉप्टर एक्टिविटी के लिए डिफेंस एयरक्राफ्ट की कैटेगरी के तहत इक्विपमेंट बनाने का लाइसेंस मिला, जिसमें अनमैन्ड एरियल सिस्टम शामिल हैं. यह लाइसेंस इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम और रडार इक्विपमेंट के लिए एलाइड डिफेंस इक्विपमेंट की कैटेगरी के तहत भी दिया गया है.

किसने दिया लाइसेंस?

भारत सरकार के कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने Apollo Micro Systems को इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव और मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस दिया है.

यह लाइसेंस मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस (MoD) के साथ मौजूदा और आने वाले मैन्युफैक्चरिंग मौकों के लिए एक जरूरी शर्त है. लाइसेंस जारी होने की तारीख से 15 साल के लिए वैलिड है.

डिफेंस कंपनी के पास कौन से हैं लाइसेंस?

Apollo Micro Systems के पास अनमैन्ड हेलीकॉप्टर (अनमैन्ड एरियल सिस्टम- UAS) बनाने का लाइसेंस है और यह अभी कई UAS प्लेटफॉर्म के डेवलपमेंट में लगी हुई है. इसके अलावा, कंपनी अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) सिस्टम के साथ-साथ ऑफेंसिव/अटैक-क्लास अनमैन्ड सिस्टम के लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी के डेवलपमेंट के लिए कई घरेलू और इंटरनेशनल पार्टनर के साथ मिलकर काम कर रही है. एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, ये सिस्टम शेड्यूल के हिसाब से आगे बढ़ रहे हैं और अगले दो तिमाही में फील्ड ट्रायल में जाने की उम्मीद है.

Apollo Micro Systems

इसके अलावा, अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के पास इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (INS) बनाने का लाइसेंस है और वह अभी कई नेविगेशन सॉल्यूशन के डेवलपमेंट में लगी हुई है. इसके साथ ही, कंपनी टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और सबसिस्टम इंटीग्रेशन को तेज करने के लिए चुने हुए घरेलू और इंटरनेशनल पार्टनर्स के साथ मिलकर काम कर रही है. इन एक्टिविटीज़ को सपोर्ट करने के लिए, कंपनी ने एडवांस्ड नेविगेशनल सिस्टम के इवैल्यूएशन के लिए ज़रूरी ज़रूरी टेस्ट और कैलिब्रेशन इक्विपमेंट की खरीद शुरू कर दी है.

डेवलपमेंट के तहत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में शामिल हैं-

  • MEMS-बेस्ड Inertial Navigation Systems
  • Fiber Optic Gyro (FOG) बेस्ड नेविगेशन सिस्टम्स
  • Ring Laser Gyro (RLG) बेस्ड नेविगेशन सिस्टम्स

लाइसेंस कंपनी को रडार टेक्नोलॉजी से जुड़े सभी सबसिस्टम के साथ-साथ पूरा रडार इक्विपमेंट बनाने का भी अधिकार देता है. इसमें रडार असेंबली, सिग्नल प्रोसेसिंग यूनिट, एंटेना, ट्रांसमिट-रिसीव मॉड्यूल और मॉडर्न रडार सिस्टम के लिए जरूरी दूसरे पार्ट्स का डेवलपमेंट, प्रोडक्शन, टेस्टिंग और इंटीग्रेशन शामिल है.

रक्षा मंत्रालय और DRDO से मिले नए ऑर्डर

इससे पहले, बीते महीने 25 नवंबर को Apollo Micro Systems को DRDO से ₹5.76 करोड़, जबकि एक प्राइवेट कंपनी से ₹21.6 करोड़ के ऑर्डर्स प्राप्त हुए हैं. दोनों ऑर्डर्स मिलाकर कुल वैल्यू ₹27.3 करोड़ होती है. इसके अलावा, कंपनी को 22 दिसंबर को एक बड़ा एक्सपोर्ट ऑर्डर भी मिला है. यह ऑर्डर USD 18,92,500 का है, जिसकी भारतीय मुद्रा में वैल्यू लगभग ₹16.98 करोड़ होती है. यह ऑर्डर कंपनी के अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को और मजबूत करेगा.

Apollo Micro Systems रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल सिस्टम और मिशन-क्रिटिकल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस में विशेषज्ञ है. लगातार ऑर्डर फ्लो कंपनी की कारोबारी स्थिरता और विकास के संकेत देता है.

Apollo Micro Systems

कैसा रहा Q2 रिजल्ट?

  • चालू वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में Apollo Micro Systems ने दमदार रिजल्ट पेश किया है. सितंबर तिमाही में मुनाफा 98.15% बढ़कर ₹31.11 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इस तिमाही में ₹15.7 करोड़ था.
  • इस दौरान डिफेंस कंपनी का रेवेन्यू 40.2% चढ़कर ₹225.3 करोड़ हो गया जबकि दूसरी तिमाही में EBITDA यानी कामकाजी मुनाफा 82.7% चढ़कर ₹59.59 करोड़ रहा. सितंबर तिमाही में मार्जिन पिछले साल के 20.29% से बढ़कर 26.45% रहा.

सालभर में 170% रिटर्न

डिफेंस स्टॉक की परफॉर्मेंस देखें तो इसने बीते 6 महीने में 38 फीसदी और इस साल अबतक 125 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है. बीते एक साल में शेयर ने निवेशकों को करीब 170 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है. जबकि बीते 3 साल में शेयर का रिटर्न 904 फीसदी और 5 साल में 2255 फीसदी रहा. स्टॉक का 52 वीक हाई 354.65 रुपए है और लो 92.50 रुपए है. डिफेंस कंपनी का मार्केट कैप 9,084.09 करोड़ रुपए है.

DurationAbsolute ChgChange %
1 Week-0.85-0.31%
2 Weeks-2.00-0.73%
1 Month-5.05-1.82%
3 Months-20.25-6.93%
6 Months74.7537.91%
YTD151.30125.40%
1 Year170.90169.12%
2 Years145.95115.83%
3 Years244.86903.88%
5 Years260.402254.55%
10 Years--

खबर से जुड़ा FAQs

1. अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के शेयर में तेजी क्यों आई?
कंपनी को डिफेंस एयरक्राफ्ट और अनमैन्ड सिस्टम बनाने का नया लाइसेंस मिला है.

2. कंपनी को नया लाइसेंस किस बात के लिए मिला है?
एलाइड डिफेंस इक्विपमेंट के निर्माण का लाइसेंस मिला.

3. लाइसेंस किसने जारी किया है?
लाइसेंस DPIIT ने जारी किया है.

4. इस लाइसेंस की वैलिडिटी कितनी है?
यह लाइसेंस 15 साल के लिए वैध है.

5. कंपनी के पास पहले से कौन से लाइसेंस हैं?
कंपनी के पास पहले से 3 लाइसेंस हैं.

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