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SBI ने पेश किए दमदार Q3 नतीजे.
शनिवार का दिन भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए एक बड़ी खबर लेकर आया. देश के सबसे बड़े बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने तीसरी तिमाही के नतीजों से बाजार को चौंका दिया है. अगर हम इसे एक कहानी की तरह देखें, तो यह एक ऐसे दिग्गज की कहानी है जो अपनी विरासत को और भी मजबूत बना रहा है.
बैंक ने इस तिमाही में ₹21,028.15 करोड़ का मुनाफा कमाया है, जो पिछले साल इसी समय ₹16,891.44 करोड़ था. यह 24.5% का तगड़ा उछाल बैंक के इतिहास में एक नया मील का पत्थर है. पीयूष गोयल के 'विकसित भारत 2047' के विजन की तरह, SBI भी अपनी बैलेंस शीट को उसी मजबूती की ओर ले जाता दिख रहा है.
बैंक की कुल आय भी इस बार काफी शानदार रही है. यह सालाना आधार पर 9.7% बढ़कर ₹1.40 लाख करोड़ से ज्यादा हो गई है. बैंक की मुख्य कमाई, जिसे हम नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) कहते हैं, उसमें भी 9% की बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹45,190 करोड़ तक पहुंच गई है.
हालांकि, इस चमक के बीच एक छोटा सा कांटा भी है. बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) थोड़ा फिसला है. घरेलू स्तर पर यह 3 बेसिस पॉइंट गिरकर 3.12% पर आ गया है. इसका मतलब है कि बैंक को कर्ज देने और जमा पर ब्याज देने के बीच का जो मार्जिन है, उस पर थोड़ा दबाव पड़ा है.
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SBI ने इस बार लोन बांटने में काफी उत्साह दिखाया है. बैंक के एडवांस (कर्ज) ₹46 ट्रिलियन के आंकड़े को पार कर गए हैं. इसमें सबसे दिलचस्प बात यह है कि आम लोगों के पर्सनल लोन (Retail Personal) में करीब 15% की ग्रोथ हुई है. वहीं, बड़ी कंपनियों को दिए जाने वाले कॉर्पोरेट लोन में भी 13.37% का इजाफा हुआ है. इससे साफ पता चलता है कि देश में निवेश और खर्च करने की क्षमता बढ़ रही है.
बैंक के पास जमा राशि (Deposits) भी अब ₹57 ट्रिलियन के पार पहुंच चुकी है. हालांकि, बैंक के कासा (CASA) रेश्यो में 7 बेसिस पॉइंट की मामूली गिरावट आई है, जो अब 39.13% पर है.
बैंकिंग की दुनिया में सबसे ज्यादा नजर NPA (Non-Performing Assets) पर रहती है. SBI के लिए यहां बहुत अच्छी खबर है. बैंक की एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार हुआ है. ग्रॉस NPA में 12.71% की कमी आई है, जो अब घटकर ₹73,637 करोड़ रह गया है. नेट NPA की स्थिति तो और भी बेहतर है, इसमें 15.74% की गिरावट देखी गई है.
एक तरफ जहां NPA कम हो रहा है, वहीं बैंक ने भविष्य की चुनौतियों के लिए सावधानी बरतते हुए लोन लॉस प्रोविजनिंग (Loan Loss Provisions) को 39.51% बढ़ाकर ₹3,216 करोड़ कर दिया है. यह बैंक की दूरदर्शी सोच को दिखाता है.

अगर हम पूरे SBI ग्रुप की बात करें, जिसमें इसकी सहायक कंपनियां भी शामिल हैं, तो कंसोलिडेटेड मुनाफा 14.08% बढ़कर ₹21,876.04 करोड़ रहा है. कुल आय में भी 10.60% की अच्छी बढ़त दर्ज की गई है.
शेयर बाजार की बात करें, तो नतीजे आने से एक दिन पहले शुक्रवार को SBI का शेयर 0.65% गिरकर ₹1,066.40 पर बंद हुआ था. अब देखना होगा कि सोमवार को जब बाजार खुलेगा, तो निवेशक इन 'रिकॉर्ड तोड़' नतीजों पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं.
SBI Q3 रिपोर्ट कार्ड-
| नेट प्रॉफिट (Standalone) | 21,028.15 | 16,891.44 | +24.5% |
| कुल आय (Standalone) | 1,40,914.65 | 1,28,467.39 | +9.7% |
| नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) | 45,190.00 | 41,458.71* | +9.0% |
| ऑपरेटिंग प्रॉफिट | 32,862.00 | 23,550.00* | +39.54% |
| ग्रॉस एडवांस (कुल कर्ज) | 46,83,508 | 40,67,665* | +15.14% |
| कुल डिपॉजिट (जमा) | ₹57 ट्रिलियन+ | ₹50 ट्रिलियन+* | स्वस्थ बढ़त |
| ग्रॉस NPA | 73,637 | 84,357* | -12.71% |
| नेट NPA | 18,012 | 21,377* | -15.74% |
| लोन लॉस प्रोविजन | 3,216 | 2,305* | +39.51% |