&format=webp&quality=medium)
SBI Q2 Results: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने सितंबर तिमाही (Q2FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें बैंक ने साल-दर-साल (YoY) आधार पर मजबूत मुनाफा दर्ज किया है. बैंक का नेट प्रॉफिट 10% बढ़कर ₹18,331 करोड़ से बढ़कर ₹20,160 करोड़ हो गया है. यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से Yes Bank में हिस्सेदारी बेचने से हुई एकमुश्त आय (exceptional gain) ₹4,593 करोड़ की वजह से रही.
बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में हल्की बढ़त देखने को मिली है. यह ₹41,620 करोड़ से बढ़कर ₹42,985 करोड़ रही, यानी करीब 3% की बढ़ोतरी. वहीं, बैंक का डोमेस्टिक नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) तिमाही दर तिमाही (QoQ) 3.02% से बढ़कर 3.09% रहा, लेकिन साल-दर-साल आधार पर यह घटा है (3.27% से 3.09%).
SBI की एसेट क्वालिटी लगातार बेहतर हो रही है. बैंक का ग्रॉस NPA 1.83% से घटकर 1.73% और नेट NPA 0.47% से घटकर 0.42% पर आ गया. स्लिपेज रेश्यो भी 0.75% से घटकर 0.45% रहा, जो कि एसेट क्वालिटी में मजबूती का संकेत है.
बैंक की प्रोविजनिंग बढ़कर ₹5,400 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹4,506 करोड़ थी, यानी 20% की बढ़ोतरी. वहीं, क्रेडिट कॉस्ट 0.38% से हल्का बढ़कर 0.39% हुआ है.
SBI के कुल डिपॉजिट में 9.3% की वृद्धि दर्ज हुई है, जो बढ़कर ₹55.92 लाख करोड़ तक पहुंच गई. वहीं, ग्रॉस एडवांसेज 12.7% बढ़कर ₹44.20 लाख करोड़ रही. CASA रेश्यो में हल्की गिरावट देखी गई और यह 40.03% से घटकर 39.36% रहा.
कुल मिलाकर SBI के सितंबर तिमाही के नतीजे स्थिर और मजबूत दिखे हैं. बैंक की लाभप्रदता (profitability) और एसेट क्वालिटी में सुधार देखने को मिला है, जबकि प्रोविजनिंग में बढ़ोतरी और CASA रेश्यो में कमी थोड़ी चिंता का विषय रह सकती है. हालांकि, Yes Bank स्टेक सेल से मिली अतिरिक्त आय ने बैंक के निचले स्तर पर बड़ा सहारा दिया है.