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Reliance Share Price रिलायंस इंडस्ट्रीज को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है जिसने बाजार का ध्यान खींच लिया है. अमेरिका में प्रस्तावित एक विशाल रिफाइनरी प्रोजेक्ट में कंपनी की संभावित भागीदारी की चर्चा तेज हो गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर इस ऐतिहासिक डील का जिक्र किया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह प्रोजेक्ट टेक्सास के ब्राउन्सविल पोर्ट पर बनाया जा सकता है और इसकी अनुमानित लागत करीब 300 अरब डॉलर (लगभग 27.56 लाख करोड़ रुपये) बताई जा रही है. हालांकि अभी तक इस डील को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज की तरफ से आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. खबर आने के बाद Reliance Share आज 1.7% चढ़कर 1,433 रुपये के इंट्राडे हाई पर गया था, लेकिन फिर इसमें गिरावट आई और शेयर 1,397 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था.
अगर यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ता है तो रिलायंस इंडस्ट्रीज अमेरिका के टेक्सास राज्य के Brownsville इलाके में नई ऑयल रिफाइनरी बनाने की योजना में साझेदार बन सकती है.
यह प्रोजेक्ट कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका में पिछले करीब 50 साल से बड़े स्तर पर कोई नई रिफाइनरी नहीं बनी है. ऐसे में यह प्रोजेक्ट अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है.
फिलहाल इस डील को लेकर शुरुआती जानकारी ही सामने आई है. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस संभावित साझेदारी का जिक्र किया है, लेकिन रिलायंस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. इसलिए बाजार अब कंपनी की ओर से आने वाले आधिकारिक अपडेट का इंतजार कर रहा है.
अगर रिलायंस इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनती है तो इससे कंपनी की वैश्विक ऊर्जा रणनीति को बड़ा फायदा मिल सकता है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले से ही दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग हब्स में से एक जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स का संचालन करती है. यह कॉम्प्लेक्स अपनी जटिल क्रूड प्रोसेसिंग क्षमता के लिए जाना जाता है और ग्लोबल रिफाइनिंग सेक्टर में रिलायंस को एक मजबूत खिलाड़ी माना जाता है. ऐसे में अगर अमेरिका के इस प्रोजेक्ट में कंपनी शामिल होती है तो यह उसके वैश्विक विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाएगा.
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ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के मुताबिक अगर यह डील औपचारिक रूप से पक्की होती है तो यह रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिफाइनिंग और एनर्जी बिजनेस के लिए एक लंबी अवधि का रणनीतिक विस्तार साबित हो सकती है. यही वजह है कि बाजार फिलहाल कंपनी की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की घोषणाओं का इंतजार कर रहा है.
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