&format=webp&quality=medium)
आरबीएल बैंक ने जून 2025 की तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जो निवेशकों के लिए निराशाजनक साबित हुए हैं. बैंक का नेट प्रॉफिट, ब्याज आय और नेट ब्याज मार्जिन (NIM) में बड़ी गिरावट देखी गई है, जबकि गैर-ब्याज आमदनी और फंसे कर्ज (NPA) में वृद्धि दर्ज की गई है.
नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट
बैंक का नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 46 प्रतिशत गिरकर 200 करोड़ रुपए पर आ गया, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 372 करोड़ रुपए था. मार्च 2025 तिमाही में बैंक का मुनाफा 69 करोड़ रुपए रहा था, यानी तिमाही दर तिमाही आधार पर इसमें सुधार जरूर हुआ है, लेकिन सालाना आधार पर गिरावट चिंताजनक है.
Airtel App से पाएं AI का Pro Version एकदम फ्री!
ब्याज आय और NIM में गिरावट
बैंक की मुख्य नेट ब्याज आय (Net Interest Income) सालाना आधार पर 13 प्रतिशत घटकर 1,481 करोड़ रुपए रह गई है. नेट ब्याज मार्जिन (NIM) में भी गिरावट दर्ज की गई है, जो 1.15 प्रतिशत घटकर अब 4.5 प्रतिशत पर आ गया है. यह संकेत करता है कि बैंक को लोन से कम आय मिल रही है और मार्जिन पर दबाव बना हुआ है.
IPL कैसे बना ₹1.5 लाख करोड़ का बिजनेस?
अन्य आय में राहत, लेकिन NPA बढ़ा
जहां एक ओर बैंक की अन्य आय में 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह 1,069 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है, वहीं दूसरी ओर बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई है. मार्च 2025 में सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात (Gross NPA) 2.60 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 2.78 प्रतिशत हो गया है. कुल प्रावधान भी 21 प्रतिशत बढ़कर 442 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है.
8th Pay Commission: रिपोर्ट में देरी… सैलरी Hike… जानें 6 बड़े अपडेट!
कंपनी ने क्या कहा?
बैंक के एमडी और सीईओ आर. सुब्रमण्यकुमार ने कहा कि बैंक अपने उच्च जोखिम वाले असुरक्षित पोर्टफोलियो (Unsecured Portfolio) में गिरावट लाने पर काम कर रहा है, जिससे मार्जिन पर असर पड़ रहा है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बैंक चालू वित्त वर्ष के लिए 14-15 प्रतिशत की ऋण वृद्धि का लक्ष्य बनाए हुए है.