&format=webp&quality=medium)
राजस्थान में अबतक तकरीबन 32 करोड़ रुपए से ज्यादा की उपज खरीद की जा चुकी है. यहां सरसों और चना की खरीद के लिए 465 केंद्र बनाए गए हैं.
राजस्थान में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों और चने की खरीद के लिए 3 लाख, 80 हजार से ज्यादा किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है. इसके अलावा सहकारिता विभाग ने किसानों की खरीद की मात्रा को लेकर भी पत्र लिखा है. केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद में एक काश्तकार से प्रतिदिन की खरीद 25 से बढाकर 40 क्विंटल कर दी जाएगी. उपज खरीद के लिए बारदाना और उसे गोदाम तक पहुंचाने की व्यवस्थाओं में सहकारिता विभाग जुटा हुआ है.
राजफैड के खरीद केंद्रों पर 21 लाख, 8 हजार नग सरसों का बारदाना और 15 लाख, 12 हजार नग चने का बारदाना उपलब्ध है. नेफेड कोलकाता से 12 लाख, 64 हजार नग सरसों का बारदाना और 2 लाख, 12 हजार चना का बारदाना भेजा गया है. जो खरीद केंद्रों पर पहुंच रहा है. सहकारिता विभाग कोशिश है कि खरीद के दौरान किसानों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाए.
सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार नीरज के पवन का कहना है कि किसानों के नाम पर फर्जी उपज बेचने वालों पर लगाम लगाने के लिए पटवारी की ओर से जारी खसरा गिरदावरी से पंजीयन करवाया जा रहा है. ताकि वास्तविक किसान को खरीद का लाभ मिल सके. इसके लिए बायोमेट्रिक सत्यापन से पंजीयन किया जा रहा है.
बायोमेट्रिक सत्यापन से अब तक 3 लाख, 81 हजार, 900 किसानों ने सरसों और चने के लिए अपना पंजीयन करवा चुके हैं. खरीद के लिए 465 केंद्र बनाए गए हैं. हर किसान से खरीद की मात्रा को 25 क्विंटल से बढ़ाकर 40 क्विंटल करने के लिए भी केंद्र को पत्र लिखा गया है. अब तक तकरीबन 32 करोड़ रुपए से ज्यादा की उपज खरीद की जा चुकी है. यदि केंद्र सरकार खरीद की मात्रा को बढ़ाती है तो किसानों को बड़ी राहत मिलेगी.
(जयपुर से आशीष चौहान की रिपोर्ट)