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Power Stocks: पावर जेनरेशन कंपनी जेएसडब्ल्यू एनर्जी (JSW Energy) पर बड़ी खबर है. भारतीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने एनसीएलटी (NCLAT) के उस आदेश को खारिज कर दिया है, जिसमें कर्ज में डूबी रायगढ़ चंपा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर (Raigarh Champa Rail Infrastructure) के लेंडर्स को नई बोली प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था.
यह घटनाक्रम जेएसडब्ल्यू एनर्जी के लिए राहत की बात है, जिसने केएसके महानदी (KSK Mahanadi) की सहायक कंपनी रायगढ़ चंपा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (RCRIPL) की दिवाला समाधान प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति मांगी थी. जेएसडब्ल्यू एनर्जी (JSW Energy) ने इस साल मार्च में दिवाला प्रक्रिया के जरिये छत्तीसगढ़ में 3,600 मेगावाट के तापीय बिजली संयंत्र केएसके महानदी पावर को 16,084 करोड़ रुपये में पहले ही खरीद लिया है.
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एनसीएलएटी (NCLAT) की चेन्नई पीठ ने कहा कि उसे कर्जदाताओं के समिति (CoC) द्वारा नए संभावित खरीदारों को आमंत्रित करके नए सिरे से रुचि पत्र (EoI) आमंत्रित करने के फैसले में कोई कमी नहीं दिखती. पीठ ने कहा कि इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और पूरी संभावना है कि अधिक बोलियां आएंगी. फैसले में कहा गया, हालांकि, ईओआई को सभी के लिए फिर से खोलने का प्रस्ताव है, न कि केवल जेएसडब्ल्यू के लिए, इसलिए ऐसा करना भेदभावपूर्ण नहीं होगा.
इसके अलावा, मेधा समूह (Medha Group) द्वारा प्रस्तुत बोली पर न्यायाधिकरण ने कहा कि यह आरक्षित मूल्य प्रस्तावित है, अगर ईओआई प्रक्रिया फिर से खोली जाती है तो कॉर्पोरेट देनदार के मूल्य में कोई कमी नहीं आएगी. मेधा समूह द्वारा प्रस्तुत बोली सबसे ऊंची थी और इसे पहले आरसीआरआईपीएल के लेंडर्स द्वारा 100 फीसदी मतों से मंजूरी भी दी गई थी.
केएसके ग्रुप द्वारा स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) के अधिग्रहण की दौड़ में अदानी पावर, जिंदल पावर, मेधा सर्वो ड्राइव्स, शेरीशा टेक्नोलॉजीज और वेदांता सहित पांच कंपनियां शामिल थीं.
पावर स्टॉक शुक्रवार (20 जून) को 3.84 फीसदी बढ़कर 499.10 रुपये पर बंद हुआ है. स्टॉक का 52 वीक हाई 804.95 रुपये और लो 419.10 रुपये है. BSE पर कंपनी का मार्केट कैप 87,231.12 करोड़ रुपये है. स्टॉक की परफॉर्मेंस देखें तो दो हफ्ते में यह 4 फीसदी, 3 महीने में 11 फीसदी और पिछले एक साल में 29 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है. हालांकि, पिछले 2 साल में शयेर ने 94 फीसदी, 3 साल में 155 फीसदी और 5 साल में 941 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है.