&format=webp&quality=medium)
NBFC: नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) पिरामल फाइनेंस लि. (Piramal Finance) ने डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर बीएलएस ई-सर्विसेज (BLS E-Services) के साथ मिलकर ग्रामीण और छोटे शहरो में क्रेडिट पहुंच बढ़ाने के लिए साझेदारी की है. इस पहल का उद्देश्य गांवों और छोटे कस्बों में रहने वाले लोगों और छोटे उद्यमियों को आसान क्रेडिट सुविधा उपलब्ध कराना है.
इस साझेदारी के माध्यम से मझोले, छोटे शहरों और कस्बों में रहने वाले लोग अब बीएलएस ई-सर्विसेज के 1.44 लाख से ज्यादा सर्विस सेंटर्स के जरिए होम लोन (Home Loan), बिजनेस लोन (Business Loan), पर्सनल लोन (Personal Loan) और सेकंड हैंड कार के लिए लोन (Used Car Loan) मिल सकेंगे.
ये भी पढ़ें- Tata Group की कंपनी पर बड़ा अपडेट! बिना नई प्रॉपर्टी खरीदे बढ़ेगा IHCL का दबदबा, यूरोप में होगी एंट्री
बीएलएस ई-सर्विसेज (BLS E-Services) के चेयरमैन शिखर अग्रवाल ने कहा, हमारा उद्देश्य गांवों और छोटे कस्बों के उद्यमियों को सशक्त बनाना और देशभर में वित्तीय समावेश को बढावा देना है.
पिरामल फाइनेंस लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर जयराम श्रीधरन ने कहा, हमारा लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों और छोटे कारोबारों को संगठित वित्तीय प्रणाली से जोड़ना है. BLS E-Services के व्यापक नेटवर्क के जरिए हम नए क्षेत्रों तक पहुंच बना रहे हैं और लाखों परिवारों तथा छोटे व्यवसायों की मदद कर रहे हैं. यह साझेदारी भारत की आर्थिक प्रगति में भी योगदान देगी.
पिरामल फाइनेंस (Piramal Finance) 'फिजिटल' मॉडल और बीएलएस ई-सर्विसेज के केंद्रों की स्थानीय उपस्थिति का फायदा उठाएगा. यह साझेदारी नए कर्ज़दारों और वंचित वर्गों की मदद करेगी, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगी और लोन प्रदान करने में स्थिर बढ़ोतरी सुनिश्चित करेगी. ग्राहक नजदीकी केंद्रों पर कम से कम कागजी प्रक्रिया के साथ आसानी से लोन आवेदन जमा कर सकेंगे, जिससे उन्हें वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी.
अग्रवाल ने कहा, इस साझेदारी के माध्यम से हमारा लक्ष्य है कि हम 2030 तक ग्रामीण भारत की 10 लाख से अधिक अब तक सेवाओं से वंचित आबादी तक पहुंच सकें. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति और प्रगति पर जारी रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रो शहरों से बाहर भी कर्ज़ देने की रफ्तार में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है.
ये भी पढ़ें- ₹245 तक जाएगा ये Navratna PSU Stock! Q1 रिजल्ट के बाद ब्रोकरेज बुलिश, ₹12,140 करोड़ का ऑर्डर बुक
ग्रामीण भारत में बकाया बैंक लोन का हिस्सा 2019 में 6.7% था, जो 2024 में बढ़कर 7.8% हो गया. वहीं, अर्ध-शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 10.5% से बढ़कर 13.8% पहुंच गया है. इसके साथ ही, प्राइवेट बैंक भी ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी तेजी से बढ़ा रहे हैं- वित्तीय वर्ष 2023-24 में खुले नए बैंक शाखाओं में से 44% शाखाएं ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में खोली गईं.
सवाल: पिरामल फाइनेंस और BLS ई-सर्विसेज के बीच यह साझेदारी किस उद्देश्य से की गई है?
जवाब: इस साझेदारी का उद्देश्य ग्रामीण और छोटे शहरों/कस्बों में रहने वाले लोगों और छोटे उद्यमियों को आसान और सुविधाजनक क्रेडिट उपलब्ध कराना है.
सवाल: इस पहल से किन लोगों को फायदा मिलेगा?
जवाब: इस पहल से खासतौर पर गांवों, छोटे शहरों और अर्ध-शहरी इलाकों के निवासी, छोटे व्यवसायी, स्वरोजगार करने वाले लोग और नए कर्जदार लाभान्वित होंगे, जिन्हें अब तक संगठित वित्तीय सेवाएं नहीं मिल पाई थीं.
सवाल: ग्राहक किन प्रकार के लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं?
जवाब: ग्राहक होम लोन, बिजनेस लोन, पर्सनल लोन और सेकंड हैंड कार लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं.
सवाल: लोन के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है?
जवाब: ग्राहक BLS ई-सर्विसेज के 1.44 लाख से अधिक सर्विस सेंटर्स पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.
सवाल: क्या इस साझेदारी से भारत की आर्थिक प्रगति में भी मदद मिलेगी?
जवाब: हां, छोटे व्यवसायों और ग्रामीण उद्यमियों को लोन सुविधा मिलने से रोजगार, उद्यमिता और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)