Ola Electric के Q3 नतीजे आए! रेवेन्यू में भारी गिरावट, 487 करोड़ का हुआ घाटा

Ola Electric ने जारी किए Q3 FY26 के नतीजे. कंपनी का रेवेन्यू घटा और नेट लॉस 487 करोड़ रुपये रहा. जानिए क्या है कंपनी का आगे का प्लान और क्या कहते हैं आंकड़े.
Ola Electric के Q3 नतीजे आए! रेवेन्यू में भारी गिरावट, 487 करोड़ का हुआ घाटा

निराशाजनक रहे Ola Electric के Q3 नतीजे. 

इलेक्ट्रिक गाड़ियों की दुनिया में बड़ा नाम रखने वाली कंपनी ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric Mobility Limited) ने 13 फरवरी 2026 को अपने तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे पेश कर दिए हैं. बोर्ड मीटिंग दोपहर 3 बजे शुरू हुई और 3:45 बजे तक चली, जिसमें कंपनी की माली हालत का पूरा लेखा-जोखा सामने रखा गया. अगर सीधे शब्दों में कहें तो कंपनी के लिए यह तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण रही है.

कंपनी का रेवेन्यू न सिर्फ पिछले साल के मुकाबले गिरा है, बल्कि पिछली तिमाही की तुलना में भी इसमें कमी आई है. हालांकि, घाटे के मोर्चे पर कंपनी ने पिछले साल की तुलना में थोड़ा सुधार जरूर किया है, लेकिन 487 करोड़ रुपये का नेट लॉस अभी भी एक बड़ी चिंता बना हुआ है. ओला इलेक्ट्रिक के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नई लॉन्चिंग और ऑपरेशनल कुशलता के दम पर वह आने वाले समय में वापसी कर पाएगी. चलिए, इन नतीजों को विस्तार से समझते हैं.

रेवेन्यू के मोर्चे पर लगा झटका

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ओला इलेक्ट्रिक का रेवेन्यू इस बार काफी दबाव में नजर आ रहा है. कंपनी ने ऑपरेशन से होने वाली कमाई में भारी गिरावट दर्ज की है.

  • तिमाही प्रदर्शन: दिसंबर 2025 को खत्म हुई इस तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू महज 470 करोड़ रुपये रहा. अगर इसकी तुलना पिछली तिमाही (Q2 FY26) के 690 करोड़ रुपये से करें, तो यह काफी कम है. वहीं पिछले साल की इसी तिमाही (Q3 FY25) में यह आंकड़ा 1,045 करोड़ रुपये था.
  • 9 महीने का हाल: अप्रैल से दिसंबर 2025 तक के 9 महीनों में कंपनी का टोटल रेवेन्यू 1,988 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि में 3,903 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग आधा रह गया है.
  • अदर इनकम: कंपनी को इस तिमाही में 34 करोड़ रुपये की अन्य आय भी हुई है.

घाटे की कहानी, आंकड़ों की जुबानी

भले ही रेवेन्यू कम हुआ हो, लेकिन कंपनी का शुद्ध घाटा (Net Loss) भी सुर्खियों में है. कंपनी अभी भी मुनाफे से काफी दूर है.

नेट लॉस का आंकड़ा: Q3 FY26 में कंपनी को 487 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ है. यह पिछले साल की इसी तिमाही के 564 करोड़ रुपये के घाटे से थोड़ा कम है, लेकिन पिछली तिमाही (416 करोड़ घाटा) के मुकाबले बढ़ गया है.

9 महीने का घाटा: वित्त वर्ष 2026 के पहले 9 महीनों में कंपनी को कुल 1,333 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

EPS पर असर: प्रति शेयर आय (EPS) की बात करें तो यह इस तिमाही में नेगेटिव (1.10 रुपये) रही है.

Q3 FY26470487
Q2 FY26690416
Q3 FY251,045564

खर्चों का बोझ और सेगमेंट का हाल

कंपनी के खर्चों का एक बड़ा हिस्सा मटेरियल और अन्य ऑपरेशंस में जा रहा है. कुल खर्चों पर नजर डालें तो-

  • कुल खर्च: इस तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 741 करोड़ रुपये रहा. इसमें मटेरियल की लागत 223 करोड़ रुपये और एम्प्लॉई बेनिफिट्स पर 92 करोड़ रुपये खर्च किए गए.
  • ऑटोमोटिव सेगमेंट: कंपनी की मुख्य कमाई इसी सेगमेंट से आती है. ऑटोमोटिव सेगमेंट से 467 करोड़ का रेवेन्यू मिला, लेकिन यहां 289 करोड़ का सेगमेंट लॉस भी हुआ.
  • सेल सेगमेंट: कंपनी का सेल (Cell) सेगमेंट अभी शुरुआती दौर में है. यहां से सिर्फ 9 करोड़ का रेवेन्यू आया और 89 करोड़ का घाटा दर्ज किया गया.

IPO के पैसों का कहां हुआ इस्तेमाल

ओला इलेक्ट्रिक ने अपने आईपीओ (IPO) से 5,275 करोड़ रुपये जुटाए थे. कंपनी ने बताया है कि 31 दिसंबर 2025 तक इसमें से 3,772 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं.

  • R&D: रिसर्च और डेवलपमेंट पर 740 करोड़ रुपये खर्च किए गए.
  • ग्रोथ और कॉर्पोरेट: ऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए 826 करोड़ और जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए 1,134 करोड़ रुपये का इस्तेमाल हुआ.
  • कर्ज चुकाया: कंपनी और उसकी सहायक कंपनियों ने 1,072 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने में इस राशि का उपयोग किया.
  • बची हुई राशि: अभी भी कंपनी के पास 1,503 करोड़ रुपये अनयूटिलाइज्ड (Unutilized) पड़े हैं. इसके अलावा कंपनी ने भविष्य में 1,500 करोड़ रुपये और जुटाने की मंजूरी ले रखी है.

भविष्य की योजना?

लगातार हो रहे घाटे और घटती सेल्स के बावजूद मैनेजमेंट का मानना है कि कंपनी 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) बनी रहेगी, यानी यह चलती रहेगी. इसके पीछे कंपनी ने कई तर्क दिए हैं-

  • पर्याप्त कैश बैलेंस: कंपनी के पास अभी भी बैंक में पर्याप्त बैलेंस मौजूद है.
  • नए प्रोडक्ट्स: आने वाले समय में नए प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग से सेल्स बढ़ने की उम्मीद है.
  • ऑपरेशनल एफिशिएंसी: कंपनी अपनी कार्यक्षमता सुधारने और ग्रॉस मार्जिन बेहतर करने पर काम कर रही है.
  • ऑडिटर की राय: बी एस आर एंड कंपनी एलएलपी (Statutory Auditors) ने नतीजों का लिमिटेड रिव्यू किया है और कंपनी की स्थिति पर कोई विपरीत टिप्पणी (Modified Conclusion) नहीं दी है.

मुश्किल दौर में ओला इलेक्ट्रिक!

ओला इलेक्ट्रिक के लिए यह वक्त किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. रेवेन्यू में साल-दर-साल और तिमाही-दर-तिमाही गिरावट यह इशारा करती है कि बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है या डिमांड में सुस्ती है. हालांकि, आईपीओ फंड का सही इस्तेमाल और सेल सेगमेंट में भविष्य की संभावनाएं कंपनी के लिए उम्मीद की किरण हैं.

487 करोड़ का घाटा कम करने के लिए कंपनी को अपनी सेल्स वॉल्यूम और मार्जिन पर कड़ी मेहनत करनी होगी. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मैनेजमेंट के दावे अगले कुछ क्वार्टर में धरातल पर कितनी मजबूती से उतरते हैं.

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