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OLA Electric Sales Data Mismatch: भाविष अग्रवाल की इलेक्ट्रिक स्कूटर मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी Ola Electric की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. सूत्रों के मुताबिक, सेल्स डेटा में गड़बड़ी को लेकर महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने महाराष्ट्र में कंपनी के 12 जगहों पर छापेमारी की है. ये छापा कंपनी के स्टॉक मैनिपुलेशन को लेकर किया गया है. दरअसल, कंपनी पर बिक्री के आंकड़ों को बढ़ा कर दिखाने का आरोप है, जिसमें रजिस्ट्रेशन और बिक्री के डेटा मिसमैच को लेकर छापेमारी की जा रही है.
महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट कमिश्नर से मिली जानकारी के मुताबिक, पंजाब के बाद महाराष्ट्र में ओला के 12 जगहों पर छापेमारी की है. जिसमें डॉक्यूमेंट्स और कई महत्वपूर्ण चीजें कब्जे में लिए गए हैं. Ola के खिलाफ स्टॉक मैनिपुलेशन को लेकर SEBI को भी शिकायत मिली है.
जानकारी के मुताबिक, ओला पर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर महाराष्ट्र की ये छापेमारी रजिस्ट्रेशन और बिक्री डाटा मिसमैच को लेकर की गई है. इस सर्च में ट्रेड सर्टिफिकेट से जुड़े 11 डीलर्स पर कार्यवाही की गई और 20 गाड़ियों को जब्त किया गया. हालांकि, इसमें किसी भी तरह का दंड नहीं वसूला गया है
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ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड पर ये कार्यवाही प्रितपाल सिंह एंड एसोसिएट द्वारा की गई शिकायत के आधार पर किया गया है. ऐसा आरोप है कि एक ही लाइसेंस पर राज्य में कई जगहों पर दुकान खोल कर काम किया जा रहा था. इसे लेकर मुंबई ईस्ट, मुंबई वेस्ट, मुंबई मध्य और बोरीवली के लोकेशन पर कार्यवाही की गई है.
महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा जारी रिलीज के मुताबिक, केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 39 व मोटर व्हीकल रूल 1989 के नियम 33 के अनुसार गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन के लिए प्रोडक्शन और उसके व्यापार के लिए सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है और बिना ट्रेड सर्टिफिकेट के गाड़ियों की खरीद-बिक्री करना दंडनीय अपराध है.