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शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए डिविडेंड किसी बोनस गिफ्ट से कम नहीं होता. जब कोई नवरत्न कंपनी डिविडेंड का ऐलान करती है, तो निवेशकों के बीच खुशी की लहर आना लाज़मी है. कोयला खनन और बिजली उत्पादन क्षेत्र की दिग्गज सरकारी कंपनी NLC India ने भी कुछ ऐसा ही किया.
लेकिन अगर आप इस कंपनी के शेयरहोल्डर हैं या बनने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक जरूरी अपडेट आया है. कंपनी ने अपने अंतरिम डिविडेंड की 'रिकॉर्ड डेट' को आगे बढ़ा दिया है. यह बदलाव किसी अंदरूनी गड़बड़ी की वजह से नहीं, बल्कि कैलेंडर की एक तारीख की वजह से हुआ है.
NLC India के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 3.60 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया था. पहले इसके लिए 16 जनवरी 2026 की तारीख तय की गई थी. लेकिन अब कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों (NSE और BSE) को बताया है कि 15 जनवरी 2026 को शेयर बाजार में ट्रेडिंग की छुट्टी (ट्रेडिंग हॉलिडे) घोषित की गई है.
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इस छुट्टी के कारण सेटलमेंट और गणना के गणित को देखते हुए कंपनी ने अब रिकॉर्ड डेट को बदलकर 20 जनवरी 2026 (मंगलवार) कर दिया है. इसका मतलब यह है कि जो निवेशक 20 जनवरी तक कंपनी के रिकॉर्ड बुक में शामिल होंगे, वही इस 3.60 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड के हकदार होंगे.
सिर्फ डिविडेंड ही नहीं, NLC India एक और बड़े धमाके की तैयारी में है. कंपनी के बोर्ड ने अपनी पूरी हिस्सेदारी वाली सहायक कंपनी, NLC India Renewables (NIRL) को शेयर बाजार में लिस्ट करने की मंजूरी दे दी है. यह फैसला भारत सरकार के 'नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन' के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लिया गया है.
प्लान के मुताबिक, कंपनी NIRL में अपनी 25% तक की हिस्सेदारी एक या उससे ज्यादा किस्तों में पब्लिक ऑफर (IPO) के जरिए बेचेगी. इसके लिए जरूरी कागजी कार्रवाई शुरू हो गई है और अब मामला कोयला मंत्रालय के जरिए निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के पास मंजूरी के लिए जाएगा.
दुनिया जिस तरह से क्लीन एनर्जी की तरफ बढ़ रही है, NLC India भी पीछे नहीं रहना चाहती. बोर्ड ने NIRL में 66.60 करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त निवेश को हरी झंडी दे दी है. यह पैसा इक्विटी शेयरों के जरिए लगाया जाएगा. इस फंड का इस्तेमाल जॉइंट वेंचर कंपनियों के जरिए चलाए जा रहे ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में किया जाएगा. यह दिखाता है कि कंपनी अब पारंपरिक कोयला खनन से आगे बढ़कर भविष्य की ऊर्जा यानी 'रिन्यूएबल एनर्जी' में अपनी जड़ें मजबूत कर रही है.
अगर कंपनी की सेहत की बात करें, तो दूसरी तिमाही (Q2 FY26) के नतीजे थोड़े मिले-जुले रहे हैं. कंपनी की नेट सेल्स (बिक्री) में सालाना आधार पर 14.2% की बढ़ोतरी हुई और यह 4,178.41 करोड़ रुपये पर पहुंच गई. हालांकि, बिक्री बढ़ने के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) 27.1% घटकर 665.12 करोड़ रुपये रह गया. मुनाफे में यह कमी निवेशकों के लिए थोड़ी चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन डिविडेंड और नई लिस्टिंग के प्लान ने बाजार में उत्साह बनाए रखा है.
NLC India क्या करती है?
NLC India एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (PSU) है. यह लिग्नाइट माइनिंग, कोयला खनन, बिजली उत्पादन और बिजली के व्यापार में सक्रिय है. भारत सरकार की इस कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी है. जून 2025 के आंकड़ों के अनुसार, सरकार के पास कंपनी के 72.20% शेयर हैं.
Q1. NLC India के डिविडेंड की नई रिकॉर्ड डेट क्या है?
स्टॉक एक्सचेंज की छुट्टी के कारण अब नई रिकॉर्ड डेट 20 जनवरी 2026 तय की गई है.
Q2. कंपनी कितना डिविडेंड दे रही है?
कंपनी ने 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रति शेयर पर 3.60 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है.
Q3. NIRL क्या है और इसकी लिस्टिंग का क्या मतलब है?
NIRL यानी NLC India Renewables कंपनी की सहायक इकाई है. इसकी लिस्टिंग का मतलब है कि अब लोग इसके शेयर भी बाजार से खरीद पाएंगे और कंपनी को विस्तार के लिए नया फंड मिलेगा.
Q4. NIRL में कितनी हिस्सेदारी बेची जाएगी?
बोर्ड ने NIRL में 25% तक की इक्विटी हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है, जो पब्लिक ऑफर के जरिए किया जाएगा.
Q5. कंपनी के मुनाफे में गिरावट के बावजूद क्या निवेश सही है?
कंपनी की सेल्स में 14% की अच्छी ग्रोथ है और यह एक नवरत्न PSU है. मुनाफे में 27% की कमी आई है, इसलिए किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा जरूर करें.