&format=webp&quality=medium)
NBCC India को मिले 3 बड़े ऑर्डर. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
सरकारी कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी NBCC (India) Limited ने मई के पहले ही हफ्ते में ऑर्डर्स की ऐसी हैट्रिक लगाई है कि निवेशक दंग रह गए हैं. 5 मई से लेकर 8 मई 2026 के बीच कंपनी ने तीन अलग-अलग मौकों पर एक्सचेंज को जानकारी दी कि उसे नए और बड़े प्रोजेक्ट्स मिले हैं.
इन ऑर्डर्स की कुल वैल्यू ₹532 करोड़ के पार निकल गई है. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि एक तरफ कंपनी को धड़ाधड़ काम मिल रहा है, वहीं इसका शेयर अपने ऑल-टाइम हाई से कौड़ियों के भाव मिल रहा है.
8 मई 2026 को NBCC ने अपने सबसे बड़े ऑर्डर की जानकारी दी. यह प्रोजेक्ट शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़ा है.

काम का स्वरूप
कंपनी ओडिशा के विभिन्न जिलों में 46 स्कूलों में 'गोदावरीश मिश्रा आदर्श प्राथमिक विद्यालय' (GMAPV) योजना के फेज-II को लागू करेगी.
अहमियत
यह प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) मॉडल पर आधारित है. इसका मतलब है कि NBCC इन स्कूलों के डिजाइन और निर्माण की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी, जिससे उसकी ब्रांड वैल्यू ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ेगी.
ये भी पढ़ें: इस कंपनी में है देश के राष्ट्रपति की भी हिस्सेदारी! अब मिला ₹176 का ऑर्डर...दौड़ेगा स्टॉक?
7 मई 2026 को कंपनी ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की. पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) ने NBCC पर भरोसा जताते हुए उसे एक अहम जिम्मेदारी सौंपी है.

PFC ने NBCC को अपना 'प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी' नियुक्त किया है. कंपनी विभिन्न राज्यों में PFC के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतारेगी.
CSR प्रोजेक्ट्स के लिए किसी नवरत्न कंपनी को एजेंसी चुनना यह दिखाता है कि NBCC की साख सरकारी महकमों में कितनी मजबूत है. इससे कंपनी को एक स्थिर आय और देशव्यापी पहुंच मिलती है.
5 मई 2026 को मिले इस ऑर्डर ने दिखा दिया कि NBCC का पोर्टफोलियो कितना फैला हुआ है. इस एक दिन में कंपनी को करीब ₹176.28 करोड़ के कई छोटे-बड़े प्रोजेक्ट्स मिले.

ओडिशा के खेल विभाग ने कलिंगा स्टेडियम में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक बिछाने और 5 फीफा स्टैंडर्ड के फुटबॉल ग्राउंड्स को अपग्रेड करने का काम दिया है. इसमें 5 साल का मेंटेनेंस भी शामिल है.
ये भी पढ़ें: NBCC की बड़ी अंतरराष्ट्रीय जीत! सेशेल्स सरकार से मिला 600 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट, अब सात समंदर पार दिखेगा जलवा
कोच्चि और त्रिशूर में केनरा बैंक के लिए ऑफिस बिल्डिंग और आलीशान आवासीय अपार्टमेंट्स का निर्माण NBCC ही करेगी. इसकी वैल्यू करीब ₹62 करोड़ है.
इसके अलावा Navodaya Vidyalaya Samiti (JNV) के परमानेंट कैंपस और IIM संबलपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी करोड़ों के ऑर्डर्स मिले हैं.
NBCC के शेयर का डाटा किसी रोमांचक कहानी जैसा है. जहां एक तरफ कंपनी नवरत्न है और ऑर्डर्स की कमी नहीं है, वहीं शेयर की कीमत अभी भी अपने सुनहरे दौर से बहुत दूर है.
| मुख्य आंकड़े | विवरण |
| मौजूदा भाव | ₹100.50 |
| प्रमोटर होल्डिंग | 61.8% |
| FII होल्डिंग | 5.0% |
| म्यूचुअल फंड हिस्सा | 5.8% |
| 1 महीने का रिटर्न | 13% |
2015 में यह शेयर ₹1,214.40 पर था. आज यह ₹100.50 पर है. यानी अपने हाई से यह 91.7% डिस्काउंट पर उपलब्ध है. पिछले एक महीने में शेयर ने 13% से ज्यादा की तेजी दिखाई है. स्टॉक का ऑल-टाइम लो ₹14.05 (मार्च 2020) है, जिससे यह काफी ऊपर आ चुका है.
NBCC (India) Limited को मिले ये तीन बड़े ऑर्डर्स यह साबित करते हैं कि कंपनी का 'प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी' बिजनेस मॉडल बहुत सफल है. ओडिशा के स्कूलों से लेकर फीफा स्टैंडर्ड के स्टेडियम तक, कंपनी हर क्षेत्र में अपनी धाक जमा रही है.
भले ही शेयर अपने पुराने हाई से काफी नीचे हो, लेकिन कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक और सरकार का 61% से ज्यादा का भरोसा इसे एक आकर्षक विकल्प बनाता है. इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में आती तेजी का सबसे बड़ा फायदा आने वाले वक्त में NBCC जैसी कंपनियों को ही मिलने वाला है.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 किसी कंपनी को मिलने वाले वर्क ऑर्डर का शेयर प्राइस पर क्या असर होता है?
वर्क ऑर्डर मिलने का मतलब है कि भविष्य में कंपनी की कमाई (रेवेन्यू) सुनिश्चित हो गई है. इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ता है और अक्सर शेयर की मांग में बढ़ोतरी होती है, जिससे कीमतें ऊपर जाती हैं.
Q2 सरकारी कंपनियों में 'नवरत्न' और 'महारत्न' का क्या अंतर होता है?
यह अंतर मुख्य रूप से कंपनी की वित्तीय ताकत, प्रदर्शन और निवेश संबंधी स्वायत्तता पर आधारित होता है. महारत्न कंपनियों को नवरत्न कंपनियों के मुकाबले बड़े निवेश फैसले लेने और भारी रकम वाले प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने की ज्यादा स्वतंत्रता होती है. वहीं नवरत्न कंपनियों की निवेश सीमा अपेक्षाकृत कम होती है.
Q3 क्या स्टॉक मार्केट में 'डिस्काउंट' पर मिलने वाले शेयर हमेशा सुरक्षित होते हैं?
जरूरी नहीं. शेयर का अपने हाई से नीचे होना निवेश का एकमात्र पैमाना नहीं होना चाहिए. आपको कंपनी के कर्ज, ऑर्डर बुक और भविष्य के ग्रोथ प्लान को भी देखना चाहिए, जो कि NBCC के मामले में सकारात्मक नजर आ रहे हैं.
Q4 प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) क्या हर तरह के निर्माण कार्य करती है?
PMC मुख्य रूप से प्रोजेक्ट की प्लानिंग, डिजाइन, टेंडरिंग और सुपरविजन का काम करती है. यह कंपनी खुद ईंट-पत्थर नहीं उठाती, बल्कि पूरे प्रोजेक्ट को प्रोफेशनल तरीके से मैनेज करती है, जिसमें जोखिम कम और मुनाफा स्थिर होता है.