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Railtel Order: नवरत्न रेलवे पीएसयू रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को बाजार बंद होने के बाद बड़ा अपडेट आया है. कंपनी को एक ही दिन में कुल 713.55 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के पांच बड़े ऑर्डर मिले हैं. शेयर बाजार को दी जानकारी के मुताबिक कंपनी को सभी ऑर्डर बिहार के सरकारी स्कूलों के आधुनिकरण और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने से जुड़े हुए हैं. पिछले पांच कारोबारी सत्र में रेलवे पीएसयू का शेयर 1.88% तक मजबूत हो चुका है. वहीं, हफ्ते के पहले कारोबारी सत्र के दौरान रेलटेल का शेयर सपाट बंद हुआ है. बाजार बंद होने के बाद इन ऑर्डर्स के दम पर शेयर पर एक्शन देखने को मिल सकता है.
रेलटेल की रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक बिहार सरकार की तरफ इन ऑर्डर के स्वीकृति पत्र (LOA) 8 सितंबर 2025 को प्राप्त हुए हैं. इन प्रोजेक्ट्स के तहत रेलटेल राज्य के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम और ICT लैब की स्थापना का काम करेगी.
ऑर्डर के तहत ये काम करेगी कंपनी
रेलटेल को स्कूलों में ICT और ISM लैब स्थापित करने के लिए भी दो अलग-अलग ऑर्डर दिए गए हैं. इन ऑर्डर की कुल कीमत 103.98 करोड़ रुपए से ज्यादा है.
89.91 करोड़ रुपए का अहम ऑर्डर
रेलटेल को मिले प्रमुख ऑर्डर्स (बिहार शिक्षा परियोजना परिषद)
| काम का विवरण | ऑर्डर की कीमत (रुपये में) | पूरा करने की तारीख |
| सरकारी मिडिल स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम | 2,62,14,38,750 | 31-मार्च-2026 |
| सरकारी सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम | 2,57,50,12,000 | 31-मार्च-2026 |
| सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षण सामग्री (कक्षा I-V) | 89,91,96,639 | 31-मार्च-2026 |
| ISM लैब की स्थापना | 59,76,99,207 | 31-दिसंबर-2025 |
| ICT लैब्स की स्थापना | 44,21,71,519 | 31-मार्च-2026 |
सोमवार को कारोबारी सत्र के दौरान रेलटेल का शेयर BSE 0.41% या 1.40 अंकों की तेजी के साथ 345.80 पर बंद हुआ. NSE पर 1.70 या 0.49% तेजी के साथ 346.20 रुपए पर बंद हुआ. कंपनी का 52 वीक हाई 486.60 रुपए और 52 वीक लो 265.50 रुपए है. नवरत्न रेलवे पीएसयू का शेयर इस साल अब तक 14.53% तक टूट चुका है. वहीं, पिछले छह महीने में रेलटेल के शेयर ने 18.50% रिटर्न दिया है. सालभर से ये रेलवे पीएसयू स्टॉक 26.29% कमजोर हुआ है.
सवाल: रेलटेल को कुल कितने रुपये का ऑर्डर मिला है?
जवाब: रेलटेल को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद से एक ही दिन में कुल ₹713.55 करोड़ से अधिक के पांच ऑर्डर मिले हैं.
सवाल: ये ऑर्डर किस काम के लिए हैं?
जवाब: ये ऑर्डर बिहार के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, ICT और ISM लैब की स्थापना करने और प्राइमरी कक्षाओं के लिए शिक्षण सामग्री की सप्लाई करने के लिए हैं.
सवाल: यह ऑर्डर किस संस्था ने दिया है?
जवाब: यह सभी ऑर्डर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (BEPC) ने दिए हैं.
सवाल: इन प्रोजेक्ट्स को कब तक पूरा करना है?
जवाब: अधिकांश प्रोजेक्ट्स को 31 मार्च, 2026 तक पूरा करना है, जबकि एक प्रोजेक्ट की समय सीमा 31 दिसंबर, 2025 है.
सवाल: इन पांचों में सबसे बड़ा ऑर्डर कौन सा है?
जवाब: सबसे बड़ा ऑर्डर सरकारी मिडिल स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम लगाने का है, जिसकी कीमत ₹262.14 करोड़ है.