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National Insurance Awareness Day: देश में बीते 2 सालों से कई लोग बीमारी से झूझ रहे हैं. पहला तो इंफेक्शन और दूसरा पुरानी बीमारियों की वजह से. दरअसल इसके पीछे का कारण है सिर्फ और सिर्फ का लाइफस्टाइल. हालांकि मौजूदा समय में देश में मेडिकल साइंस में काफी तरक्की देखी जा रही है, जहां देश में एडवांस ट्रीटमेंट अवेलेबल है. देश में सबसे एडवांस डायग्नोस्टिक और थैरेप्योटिक टेक्नीक उपलब्ध हैं, जिनके खर्चे भी काफी ज्यादा है. लेकिन अगर आप इस मोचे खर्च से बचना चाहते हैं, तो आपको हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी (Health Insurance Policy) जरूरी लेनी चाहिए. आइए जानते हैं आपके लिए सबसे बेहतर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कौन सी है?.
हेल्थ इंश्योरेंस से पहले इसे देखना काफी जरूरी है. सभी को इस बारे में सतर्क और सावधान रहने की जरुरत है. इसका कारण भी है क्योंकि क्योंकि लागू वेटिंग पीरियड के कारण नए प्रोडक्ट्स में थोड़ा कम सेटलमेंट रेश्यो हो सकता है जो कंपनी की रिनुअल बुक के बड़े होने पर समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ेगा.
बीमाकर्ता के अस्पतालों के नेटवर्क में अस्पतालों की संख्या पर ना जाकर इस बात तो देखें कि उनके क्षेत्र और शहर में कितने अस्पतालों का बीमाकर्ता के साथ टाई-अप है. इससे यह सुनिश्चित होगा कि इमरजेंसी के दौरान कोई भी एक हॉस्पिटल से दूसरे हॉस्पिटल ना भागना पड़े. यह भी देखें कि बड़े और प्रतिष्ठित मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल नेटवर्क में हैं या नहीं. यदि कभी उच्च स्तरीय देखभाल या उपचार की आवश्यकता पड़ती है तो यह मददगार होगा."
पॉलिसी डॉक्युमेंट जिसमें नियम और शर्तें सरल और बोलचाल की भाषा में लिखी जाती हैं, अस्पष्टता को दूर करती हैं. पहले से मौजूद बीमारियों को पॉलिसी में उल्लिखित बहिष्करण आदि के मामले में दावों को अस्वीकार किया जा सकता है. इन शर्तों को अच्छी तरह से समझना और ऐसी पॉलिसी का चयन करना महत्वपूर्ण है जो कम बेटिंग पीरियड ऑफर करती हैं.