1 महीने में 100% रिटर्न, प्रमोटर होल्डिंग 74%...अब आई शेयर से जुड़ी बड़ी खबर, NSE फाइलिंग से हलचल

लक्स इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए अप्रैल का महीना बम्पर लॉटरी साबित हुआ है. महज एक महीने में 100% से ज्यादा रिटर्न देने के बाद अब कंपनी का बिजनेस तीन हिस्सों में बंटने जा रहा है. प्रमोटर ग्रुप के फैमिली सेटलमेंट और शेयर की तूफानी तेजी के बीच क्या है कंपनी का असली हाल, जानें इस पूरी रिपोर्ट में.
1 महीने में 100% रिटर्न, प्रमोटर होल्डिंग 74%...अब आई शेयर से जुड़ी बड़ी खबर, NSE फाइलिंग से हलचल

शेयर से जुड़ी बड़ी खबर, NSE फाइलिंग से हलचल

शेयर बाजार में जब कोई स्टॉक रॉकेट की रफ्तार से भागता है, तो उसके पीछे कोई न कोई बड़ी वजह जरूर होती है. 'लक्स इंडस्ट्रीज' (Lux Industries) के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. महज एक महीने के भीतर इस शेयर ने अपने निवेशकों को 100 पर्सेंट से ज्यादा का रिटर्न दिया है.

लेकिन कहानी सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती, अब कंपनी की ओर से एक ऐसी खबर आई है जिसने बाजार में खलबली मचा दी है. कंपनी का पूरा बिजनेस अब तीन हिस्सों में बंटने जा रहा है. चलिए विस्तार से समझते हैं कि आखिर क्या है यह पूरा फैमिली सेटलमेंट और निवेशकों के लिए इसके क्या मायने हैं.

बिजनेस के तीन टुकड़े

लक्स इंडस्ट्रीज के प्रमोटर ग्रुप यानी टोडी फैमिली के सदस्यों के बीच एक फैमिली सेटलमेंट एग्रीमेंट (FSA) हुआ है. इसका सीधा मकसद है बिजनेस और हिस्सेदारी को पूरी तरह साफ-साफ बांटना. कंपनी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दी गई फाइलिंग में बताया है कि यह एग्रीमेंट प्रमोटर ग्रुप के बीच हुआ है और कंपनी खुद इसका हिस्सा नहीं है. हालांकि, इस एग्रीमेंट के आधार पर कंपनी के बोर्ड ने भविष्य की रणनीति तय कर ली है. कंपनी अपने पूरे कारोबार को तीन वर्टिकल्स (Vertical A, B और C) में बांटने की तैयारी कर रही है-

  • नई कंपनियों का जन्म: Vertical A और C को लक्स इंडस्ट्रीज से अलग करके दो नई स्वतंत्र कंपनियां बनाई जाएंगी.
  • शेयर बाजार में लिस्टिंग: ये दोनों नई कंपनियां आगे चलकर शेयर बाजार में अलग से लिस्ट हो सकती हैं.
  • लक्स इंडस्ट्रीज का अस्तित्व: Vertical B का बिजनेस मौजूदा कंपनी यानी लक्स इंडस्ट्रीज में ही बना रहेगा.

इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में निवेशकों के पास एक कंपनी के बदले तीन अलग-अलग कंपनियों के शेयर हो सकते हैं.

किसके हाथ में होगी कमान

डिमर्जर (बंटवारा) के बाद जिम्मेदारी और कंट्रोल को भी फैमिली के अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया है-

  • PKT फैमिली: मौजूदा कंपनी (लक्स इंडस्ट्रीज) का कामकाज पीकेटी फैमिली के हाथों में रहेगा.
  • AKT और KKT फैमिली: नई बनने वाली दोनों कंपनियों की कमान एकेटी और केकेटी फैमिली संभालेगी.

इस कदम से हर ग्रुप अपने-अपने हिस्से के बिजनेस पर पूरी तरह फोकस कर पाएगा, जिससे आपसी विवाद की गुंजाइश खत्म हो जाएगी.

ब्रांड और फैक्ट्रियों का भी होगा बंटवारा

लक्स इंडस्ट्रीज के पास आज भारत के कुछ सबसे बड़े इनरवियर ब्रांड्स हैं. इस समझौते के तहत ब्रांड्स और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को भी बांटा जाएगा-

  • ब्रांड्स का बंटवारा: Lux, ONN, Lyra और GenX जैसे बड़े ब्रांड्स को अलग-अलग वर्टिकल्स के हिसाब से बांटा जाएगा.
  • फैक्ट्री और यूनिट्स: मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी उसी आधार पर बांटे जाएंगे ताकि हर बिजनेस स्वतंत्र रूप से अपना उत्पादन कर सके.
  • नया एग्रीमेंट: ब्रांड के इस्तेमाल को लेकर नए समझौते किए गए हैं ताकि भविष्य में कानूनी अड़चन न आए.

अभी के लिए मैनेजमेंट या कंट्रोल में कोई तुरंत बदलाव नहीं होगा. इसका असली असर डिमर्जर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नजर आएगा.

100% का बम्पर रिटर्न

लक्स इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए अप्रैल का महीना किसी लॉटरी से कम साबित नहीं हुआ. शेयर की कीमतों में जो तेजी आई, उसने सबको हैरान कर दिया है.

Multibagger Stock lux industries share

सिर्फ 24 दिनों के भीतर शेयर का भाव 825 रुपये (30 मार्च 2026) से उछलकर 1,747 रुपये (23 अप्रैल 2026) पर पहुंच गया है. यानी निवेशकों का पैसा एक महीने से भी कम समय में दोगुना हो चुका है.

मुनाफे में गिरावट और वैल्यूएशन का डर

भले ही शेयर का भाव आसमान छू रहा हो, लेकिन कंपनी के वित्तीय आंकड़े (Financials) कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं. शेयर की इस तेजी ने वैल्यूएशन को काफी महंगा कर दिया है.

महंगा P/E रेश्यो

लक्स इंडस्ट्रीज का P/E रेश्यो फिलहाल 40 से 46.6 के बीच है. अगर इसकी तुलना इसके प्रतिद्वंदियों से करें, तो यह काफी ज्यादा नजर आता है. डॉलर इंडस्ट्रीज का P/E 14.9-18.2 और गो फैशन का 21.94-36.96 के बीच है. भले ही पेज इंडस्ट्रीज का P/E 53-56 के साथ इससे ऊपर हो, लेकिन लक्स का वैल्यूएशन उसके मौजूदा मुनाफे के हिसाब से बहुत ज्यादा लग रहा है.

गिरता हुआ मुनाफा

Q3 FY26 के नतीजे निराशाजनक रहे हैं. रेवेन्यू पिछले क्वार्टर के मुकाबले 13.63% घटकर ₹672.64 करोड़ रह गया. सबसे ज्यादा चिंता नेट प्रॉफिट को लेकर है, जिसमें पिछले क्वार्टर के मुकाबले 45.75% और पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 60.30% की भारी गिरावट देखी गई है. अब कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर सिर्फ ₹12.51 करोड़ रह गया है.

मार्जिन्स पर बढ़ता दबाव

कंपनी के मार्जिन्स भी लगातार दबाव में दिख रहे हैं. EBITDA मार्जिन, जो पिछले साल 9.03% था, अब घटकर 5.33% पर आ गया है. इसके पीछे मुख्य कारण विज्ञापन पर होने वाला भारी खर्च और नए प्रोडक्ट्स को डेवलप करने में आने वाली लागत है. कंपनी अपने ब्रांड्स को प्रमोट करने के लिए काफी पैसा खर्च कर रही है, जिसका सीधा असर उसके मुनाफे पर पड़ रहा है.

शेयर होल्डिं पैटर्न क्या है?

Lux Industries Price

भविष्य की उम्मीदें

भारतीय कपड़ा बाजार (Indian Apparel Market) का भविष्य बहुत उज्ज्वल है. एक अनुमान के मुताबिक, 2034 तक यह बाजार 117.05 बिलियन डॉलर का हो सकता है. लक्स इंडस्ट्रीज जिस तरह से विस्तार कर रही है और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फोकस बढ़ा रही है, उससे उम्मीद है कि वह इस ग्रोथ का फायदा उठा पाएगी.

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां स्‍टॉक्‍स में निवेश की सलाह नहीं दी गई है. किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श जरूर कर लें.)

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