डिफेंस स्टॉक को मिले 3 नए ऑर्डर, 52% है प्रमोटर्स होल्डिंग, 5 साल में दिया 2992% का धमाकेदार रिटर्न, आगे क्या?

Apollo Micro Systems Share Price: कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि ये ऑर्डर रक्षा मंत्रालय, पब्लिक सेक्टर डिफेंस कंपनियों और प्राइवेट कंपनियों से मिले हैं. कंपनी को कुल ₹510.25 मिलियन यानी करीब ₹51 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं.
डिफेंस स्टॉक को मिले 3 नए ऑर्डर, 52% है प्रमोटर्स होल्डिंग, 5 साल में दिया 2992% का धमाकेदार रिटर्न, आगे क्या?

Apollo Microsystems के शेयरों में तेजी, कंपनी को मिले नए ऑर्डर्स. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AI/ChatGPT)

Apollo Micro Systems Share Price: एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर की कंपनी Apollo Micro Systems Limited का शेयर एक बार फिर चर्चा में आ गया है. कंपनी लगातार नए ऑर्डर्स और बड़े लाइसेंस के चलते निवेशकों के रडार पर बनी हुई है. कंपनी को अब करीब ₹51 करोड़ के तीन नए ऑर्डर मिले हैं, जिससे इसके डिफेंस कारोबार को और मजबूती मिली है.

कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि ये ऑर्डर रक्षा मंत्रालय, पब्लिक सेक्टर डिफेंस कंपनियों और प्राइवेट कंपनियों से मिले हैं. कंपनी को कुल ₹510.25 मिलियन यानी करीब ₹51 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं.

किन-किन जगहों से मिले ऑर्डर?

ऑर्डर देने वाली संस्थाऑर्डर वैल्यू
Ministry of Defence₹17.47 करोड़
Public Sector Defence Undertakings₹9.52 करोड़
Private Companies₹24.01 करोड़
कुल ऑर्डर~₹51 करोड़

इन ऑर्डर्स के जरिए कंपनी को डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स कारोबार में मजबूती मिलने की उम्मीद है.

डिफेंस लाइसेंस पहले ही हासिल कर चुकी है कंपनी

Apollo Micro Systems के लिए सबसे बड़ी खबर पिछले महीने अप्रैल में आई थी, जब कंपनी को भारत सरकार के DPIIT यानी Department for Promotion of Industry and Internal Trade से Ammunition Manufacturing License मिला था. यह लाइसेंस कंपनी को हाई-वैल्यू स्ट्रैटेजिक वेपन सिस्टम्स और गोला-बारूद बनाने की अनुमति देता है. खास बात यह है कि यह लाइसेंस लाइफटाइम वैलिडिटी के साथ मिला है.

किन हथियारों के निर्माण की मंजूरी?

सरकार से मिले लाइसेंस के तहत कंपनी अब कई एडवांस डिफेंस सिस्टम्स बना सकेगी. कंपनी अब टोरपीडो, अंडरवाटर माइन्स, रॉकेट्स सब बना सकती है. इस लाइसेंस को कंपनी के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे Apollo Micro Systems की एंट्री हाई-एंड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग स्पेस में मजबूत होगी.

Apollo Microsystems Order News

कहां है कंपनी का फोकस?

भारत सरकार लगातार ‘Make in India’ और डिफेंस इंडिजिनाइजेशन पर जोर दे रही है. ऐसे में घरेलू डिफेंस कंपनियों के लिए बड़े मौके बन रहे हैं. Apollo Micro Systems पहले से ही डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, एवियोनिक्स और वेपन सिस्टम्स के कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है. अब मिसाइल और एडवांस म्यूनिशन मैन्युफैक्चरिंग की मंजूरी मिलने से कंपनी की ग्रोथ संभावनाएं और बढ़ सकती हैं.

Apollo MicroSystems Share में क्या हुआ?

ऑर्डर और लाइसेंस से जुड़ी खबरों के बाद कंपनी के शेयर में भी तेजी देखने को मिली. शेयर करीब 3% चढ़कर ₹324.20 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. स्टॉक का 52-वीक हाई ₹354.65 है, जबकि 52-वीक लो ₹114 रहा है. यानी पिछले एक साल में शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है.

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Apollo MicroSystems Share Price Return

शेयर ने अपने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है. 1 हफ्ते में इसमें 9%, 2 हफ्ते में 14%, 1 महीने में 56% और 3 महीने में 35% का रिटर्न मिला है. पिछले 1 साल में ही इसमें 178% के करीब रिटर्न मिला है. 2 सालों में 213%, 3 सालों में 815% और 5 सालों में 2992% का रिटर्न मिल चुका है. यानी शेयर धुआंधार रिटर्न दे रहा है.

Apollo MicroSystems Shareholding Pattern

कंपनी में प्रमोटर्स की होल्डिंग मार्च तिमाही में बिना किसी बदलाव के 51.98% पर रही है. FII/FPI ने इस अवधि में अपनी 4.97% की होल्डिंग को घटाकर 3.63% पर कर दिया है. वहीं, म्यूचुअल फंड्स की होल्डिंग 1.18% से बढ़कर 1.53% पर हो गई है.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 Apollo Micro Systems किस सेक्टर की कंपनी है?

यह एक डिफेंस और एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और वेपन सिस्टम्स पर काम करती है.

Q2 Ammunition Manufacturing License क्यों अहम है?

इस लाइसेंस से कंपनी अब एडवांस वेपन सिस्टम्स और म्यूनिशन बना सकेगी, जिससे उसका डिफेंस कारोबार बढ़ सकता है.

Q3 Loitering Munition क्या होता है?

यह ऐसा एडवांस हथियार होता है जो लक्ष्य के आसपास मंडराने के बाद सही समय पर हमला कर सकता है.

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