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शेयर लगातार तोड़ रहा अपना हाई.
कमोडिटी मार्केट की दिग्गज कंपनी MCX ने अपने Q4 FY26 रिजल्ट्स से ऐसा धमाका किया है कि सोमवार को स्टॉक में हलचल तय है. इसके अलावा, शेयर लगातार नए हाई बना रहा है. खास बात यह है कि इस कंपनी में म्यूचुअल फंड्स और विदेशी निवेशकों यानी FII की हिस्सेदारी 60% से भी ज्यादा पहुंच चुकी है.
शुक्रवार के कारोबार में MCX का शेयर 52 हफ्ते के नए हाई ₹3,136 तक पहुंच गया. आखिर में शेयर ₹3,098 के स्तर पर बंद हुआ, जो करीब 1.8% की तेजी दिखाता है. पिछले एक साल में शेयर ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है. मई 2025 में जहां यह शेयर करीब ₹1,120 के स्तर पर था, वहीं अब यह लगभग तीन गुना तक पहुंच चुका है.
MCX ने मार्च 2026 तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है. कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 291% बढ़कर ₹530 करोड़ पहुंच गया. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट ₹135 करोड़ था.

सिर्फ प्रॉफिट ही नहीं, कंपनी की कमाई में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली. रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 205% बढ़कर ₹889 करोड़ हो गया. यानी कंपनी की मुख्य बिजनेस इनकम दोगुने से भी ज्यादा बढ़ी है.
प्रॉफिट बिफोर टैक्स यानी PBT भी 305% की जोरदार बढ़त के साथ ₹682 करोड़ पहुंच गया. वहीं EBITDA 271% बढ़कर ₹703 करोड़ हो गया. यह दिखाता है कि कंपनी सिर्फ कमाई ही नहीं बढ़ा रही, बल्कि ऑपरेशनल लेवल पर भी मजबूत प्रदर्शन कर रही है.
MCX के लिए सबसे बड़ा पॉजिटिव रहा फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस सेगमेंट में तेजी. कंपनी का एवरेज डेली टर्नओवर यानी ADT बढ़कर ₹5.40 लाख करोड़ पहुंच गया. कमोडिटी ट्रेडिंग में बढ़ती भागीदारी, नए निवेशकों की एंट्री और नए प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग का फायदा कंपनी को साफ तौर पर मिला है. पिछले कुछ समय में कमोडिटी मार्केट में रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है और MCX इसका सबसे बड़ा फायदा उठाने वाली कंपनी बनकर उभरी है.
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मैनेजमेंट ने कंपनी के प्रदर्शन को लेकर काफी भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 113% की शानदार बढ़त हुई है, जो मजबूत एग्जीक्यूशन स्ट्रैटेजी और मार्केट पार्टिसिपेशन बढ़ने का नतीजा है. उन्होंने बताया कि कंपनी ने “प्राइस इन इंडिया: हेज इन इंडिया” अभियान शुरू किया है, जिसका मकसद भारत में कमोडिटी हेजिंग कल्चर को मजबूत करना है. उनके मुताबिक अब इंस्टीट्यूशनल और रिटेल दोनों तरह के निवेशक कमोडिटी एसेट क्लास को तेजी से अपना रहे हैं. मैनेजमेंट ने आगे कहा कि कंपनी का फोकस सस्टेनेबल ग्रोथ, नए प्रोडक्ट्स, टेक्नोलॉजी स्ट्रेंथनिंग और रिस्क फ्रेमवर्क को मजबूत करने पर रहेगा. साथ ही शेयरहोल्डर वैल्यू बढ़ाना भी कंपनी की प्राथमिकता होगी.
MCX ने निवेशकों को खुश करते हुए FY26 के लिए ₹8 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है. कंपनी के शेयर का फेस वैल्यू ₹2 है. यानी मजबूत रिजल्ट्स के साथ निवेशकों को कैश रिटर्न भी मिलने वाला है.
MCX भारत का सबसे बड़ा कमोडिटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंज है. कंपनी के पास कमोडिटी फ्यूचर्स सेगमेंट में करीब 98% मार्केट शेयर है. MCX पर बुलियन, एनर्जी, मेटल्स और एग्री कमोडिटीज समेत कई सेगमेंट्स में ट्रेडिंग होती है.
इसके अलावा कंपनी सेक्टोरल कमोडिटी इंडिसेज भी ऑफर करती है. यही वजह है कि जब भी कमोडिटी मार्केट पार्टिसिपेशन बढ़ती है, उसका सीधा फायदा MCX के बिजनेस को मिलता है.
हालांकि कंपनी के टोटल एक्सपेंसेज में भी बढ़ोतरी हुई है. मार्च 2026 तिमाही में कुल खर्च 58.27% बढ़कर ₹242.10 करोड़ हो गया. एम्प्लॉयी बेनिफिट एक्सपेंस मामूली 0.43% घटकर ₹46.06 करोड़ रहा. वहीं फाइनेंस कॉस्ट 61.53% बढ़कर ₹0.21 करोड़ पहुंच गया. लेकिन अच्छी बात यह रही कि कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ इतनी मजबूत रही कि बढ़ते खर्च का असर प्रॉफिटेबिलिटी पर नहीं पड़ा.
MCX का शेयरहोल्डिंग पैटर्न भी काफी दिलचस्प है. कंपनी में बड़े निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है.
यानी कुल मिलाकर करीब 60% हिस्सेदारी बड़े इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के पास है. मार्केट में इसे मजबूत भरोसे का संकेत माना जाता है.
MCX का शेयर पिछले कई महीनों से लगातार तेजी दिखा रहा है. शुक्रवार को शेयर ₹3,136 के नए 52-वीक हाई पर पहुंच गया. अगर पिछले एक साल का प्रदर्शन देखें, तो 9 मई 2025 को इसका 52-वीक लो ₹1,120 था. वहां से शेयर करीब 177% तक चढ़ चुका है.
यानी बाजार बंद होने तक भी शेयर में मजबूत खरीदारी बनी रही.
MCX के ताजा रिजल्ट्स साफ दिखाते हैं कि कंपनी इस समय अपने सबसे मजबूत दौर में चल रही है. बढ़ता कमोडिटी पार्टिसिपेशन, डेरिवेटिव्स कारोबार में तेजी, नए प्रोडक्ट्स और मजबूत मार्केट लीडरशिप कंपनी की सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं.
सबसे अहम बात यह है कि अब इंस्टीट्यूशनल निवेशक भी इस स्टॉक पर लगातार भरोसा जता रहे हैं. यही वजह है कि FII और म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है. हालांकि शेयर अपने रिकॉर्ड हाई के आसपास ट्रेड कर रहा है, इसलिए शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी से इनकार नहीं किया जा सकता. लेकिन लॉन्ग टर्म नजरिए से कई निवेशकों की नजर अब भी इस स्टॉक पर बनी हुई है.