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BPCL Q1 Results: ऑयल मार्केटिंग कंपनी महारत्न PSU BPCL ने जून तिमाही में जबरदस्त कमाई दिखाई है. कंपनी ने बुधवार को अपने दमदार नतीजे जारी किए हैं. मुनाफा तिगुने के करीब, ऑपरेटिंग मार्जिन पुराने स्तरों से कहीं ऊपर, और खर्चे भी कंट्रोल में. ऊपर से सरकार की LPG सब्सिडी की खबर ने कॉर्पोरेट आउटलुक को और मज़बूत कर दिया है.
कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹6,839.02 करोड़ रहा. पिछले साल की समान तिमाही के ₹2,841.55 करोड़ से 141% की जबरदस्त बढ़ोतरी दिख रही है. . मतलब, प्रॉफिटेबिलिटी के मोर्चे पर BPCL ने इस बार सच में कमाल कर दिया है. ऑपरेशनल रेवेन्यू हल्की बढ़त के साथ ₹1,29,614.69 करोड़ रहा (Q1 FY25: ₹1,28,106.39 करोड़), यानी करीब 1% की ग्रोथ रही है.
कुल खर्च 2% YoY घटकर ₹1,22,583.43 करोड़ रहे. OPEX पर यह टाइट कंट्रोल ही है जिसके कारण मामूली रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद प्रॉफिट में बड़ी उछाल दिखी. यानी कंपनी को बेहतर रीअलाइज़ेशन, कॉस्ट मैनेजमेंट और फ्यूल/इनपुट डाइनेमिक्स का फायदा मिला.
EBITDA में 68% YoY की तेज़ छलांग के साथ यह ₹10,427.66 करोड़ तक पहुंच गया. सबसे इंट्रस्टिंग ऑपरेटिंग मार्जिन (EBITDA मार्जिन) 6.32% रहा, जो पिछले साल की तिमाही में 2.68% था और पिछली तिमाही (Q4) के 4.09% से भी ऊपर है. मतलब, सिर्फ कमाई नहीं बढ़ी, कमाई की क्वालिटी भी सुधरी है.
नतीजे आने से पहले बुधवार को स्टॉक ₹322.80 पर 0.25% हल्का गिरकर बंद हुआ. लेकिन पिछले 6 महीनों में 26% ऊपर, CY2025 में अब तक 9% की बढ़त, और 5 साल में 53% रिटर्न मिल चुका है, यानी शेयर में मूवमेंट है. नतीजों के बाद निवेशक ऑपरेटिंग ट्रेंड्स और सरकार की ओर से OMCs को मिल रहे सपोर्ट की ओर फोकस करेंगे.
पिछले हफ्ते केंद्र सरकार ने IOC, BPCL, HPCL के लिए ₹30,000 करोड़ की LPG सब्सिडी मंजूर की थी. पिछले 15 महीनों तक लागत से कम भाव पर LPG बेचने से जो अंडर-रिकवरी हुई, उसकी भरपाई के लिए ये लाया गया है. यह राशि 12 किस्तों में आएगी. इसका सीधा असर ये होगा कि OMCs की बैलेंस शीट और P&L पर राहत मिलेगी. कैश फ्लो बेहतर, कर्ज घटाने और Capex (रिफाइनरी/मार्केटिंग/पेट्रोकेम) के लिए स्पेस मिलेगा. इससे वैल्यूएशन को सपोर्ट और सेंटिमेंट में सुधार भी आ सकता है.