भारत के लिए LPG क्राइसिस कितनी बड़ी है, फूड डिलिवरी कंपनियों पर इसका कितना बड़ा असर होगा?

भारत में सालाना 28-30 मिलियन मिट्रिक टन LPG गैस की जरूरत होती है जिसमें 60% के करीब आयात होता है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से करीब 80-85% तक आयात होता है. 4 MMT डिमांड रेस्टोरेंट, होटल किचन्स से आती है. जानिए इस क्राइसिस का स्विगी और जोमैटो के ऑर्डर वॉल्यूम पर कितना बड़ा असर हो सकता है.
भारत के लिए LPG क्राइसिस कितनी बड़ी है, फूड डिलिवरी कंपनियों पर इसका कितना बड़ा असर होगा?

LPG Crisis Updates.

ईरान युद्ध के कारण पूरे देश में LPG गैस सिलेंडर की बड़ी किल्लत महसूस की जा रही है. इंडेन गैस बुकिंग में यूजर्स को परेशानी की खबर आ रही है. इधर केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि इस संकट से निपटने को लेकर लगातार प्रयास जारी है. एलपीजी गैस सिलेंडर क्राइसिस का असर होटल और रेस्टोरेंट बिजनेस पर साफ-साफ देखा जा रहा है. जी बिजनेस के रिपोर्टर अंबरीश पांडेय ने कहा कि यह परेशानी अब फूड डिलिवरी कंपनियों तक पहुंच रही है. चेन्नई, बंगलुरु, कोलकाता में कई रेस्टोरेंट की तरफ से लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल किया जा रहा है. धीमी आंच पर देर तक पकने वाले आइटम Menu से हटाए जा रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक, दक्षिण भारत में कई बड़े आउटलेट्स ने ऑनलाइन पार्टनर्स के ऑर्डर मना करना शुरू कर दिया है. कुछ जगहों पर रीवाइज्ड रीटेल लिस्ट और मेन्यू पर चर्चा हो रही है. जानकारी के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में इस तरह की परेशानी हो रही है. फिलहाल ऐप प्लैटफॉर्म्स और रेस्टोरेंट पार्टनर्स बीच का रास्ता निकालने के लिए चर्चा कर रहे हैं.

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ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कमर्शियल LPG सिलेंडर शॉर्टेज के कारण रेस्टोरेंट बिजनेस पर बुरा असर दिख रहा है. नतीजन, फूड डिलिवरी कंपनियों के ऑर्डर वॉल्यूम पर नियर टर्म में असर दिख सकता है. अगर मार्च महीने में यह क्राइसिस बरकरार रहती है तो फूड डिलिवरी कंपनियों के Q4 ऑर्डर वॉल्यूम पर बड़ा असर दिख सकता है.

LPG गैस सिलेंडर क्राइसिस का फूड डिलिवरी और रेस्टोरेंट बिजनेस पर कितना बड़ा असर हो सकता है इसे विस्तार से समझते हैं.

LPG गैस सिलेंडर की कितनी जरूरत?

  • भारत हर साल करीब 28-30 मिलियन मिट्रिक टन LPG का इस्तेमाल करता है.
  • इसमें करीब 18 MMT यानी 60% के करीब आयात किया जाता है.
  • बाकी 40% यानी करीब 12 MMT की सप्लाई डोमेस्टिक रिफाइनरीज की तरफ से होती है.
  • भारत में LPG सिलेंडर का 85-90% के करीब डोमेस्टिक हाउसहोल्ड डिमांड है.
  • 10-15% के करीब डिमांड रेस्टोरेंट, होटल एंड कैटरिंग बिजनेस से आती है.
  • मतलब, सालाना 2-3 MMT डिमांड फूड सर्विस इकोसिस्टम से आती है.

Strait of Hormuz कितना महत्वपूर्ण?

  • भारत जरूरत का 60% यानी 18 MMT के करीब LPG आयात करता है.
  • कुल आयात का 90% मिडिल ईस्ट सप्लायर से आता है जिनमें कतर, सऊदी अरब और कुवैत, UAE प्रमुख हैं.
  • 80-85% आयात यानी 15 MMT के करीब सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होता है.
  • मतलब, भारत की 50% LPG जरूरत फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के कारण प्रभावित है.
  • क्रूड की तरह भारत का LPG को लेकर स्ट्रैटिजिक रिजर्व नहीं है. मतलब, इसका असर तुरंत और ज्यादा दिखता है.

रेस्टोरेंट बिजनेस पर असर?

  • एक छोटा रेस्टोरेंट रोजाना 1-2 कमर्शियल LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करता है.
  • मिड साइज रेस्टोरेंट रोजाना करीब 3-5 सिलेंडर का इस्तेमाल करता है.
  • लार्ज होटल किचन रोजाना 6-10 कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल करता है.
  • ज्यादातर किचन में 2-6 दिनों की इन्वेन्ट्री होती है. ऐसे में सप्लाई क्राइसिस का असर तुरंत दिखता है.
  • भारत में 5 से ज्यादा कमर्शियल सिलेंडर स्टोर करने को लेकर लाइसेंस की जरूरत होती है.

कंक्लूजन

पिछली कुछ तिमाही से फूड डिलिवरी कंपनियों के वॉल्यूम में सुधार देखा जा रहा था. मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि FY26/27 में जोमैटो और स्विगी का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यु ग्रोथ 15.3%/18.0% और 20.2%/17.3% रह सकता है. ऐसे में अगर मार्च महीने में LPG सिलेंडर क्राइसिस बरकरार रहती है तो इन कंपनियों के Q4 परफॉर्मेंस पर असर दिख सकता है. Swiggy, Zomato के शेयर पर इसका असर साफ-साफ देखा जा रहा है. स्विगी का शेयर इस समय ऑल टाइम लो पर 271 रुपए पर फिसल गया है जबकि जोमैटो का शेयर 220 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है.

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