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LPG Crisis: हमने युद्ध और महंगाई की बातें तो बहुत कीं, लेकिन अब इसका असर ऑफिस की कैंटीन और आपके काम करने के तरीके पर भी पड़ने लगा है. आईटी दिग्गज HCLTech ने अपने चेन्नई स्थित कर्मचारियों को एक ईमेल भेजकर दो दिनों के लिए घर से काम करने की सलाह दी है.
वजह बहुत दिलचस्प और गंभीर है- ऑफिस की कैंटीन में खाना बनाने के लिए गैस खत्म हो गई है! आइए, इस पूरी स्थिति और इसके पीछे के बड़े कारणों को समझते हैं.
कंपनी ने अपने कर्मचारियों को सूचित किया है कि भारत सरकार की तरफ से 'आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955' लागू करने के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई को रेगुलेट किया जा रहा है.
असर: कंपनी के फूड वेंडर्स को कमर्शियल LPG रिफिल नहीं मिल पा रहे हैं.
तारीख: यह व्यवस्था 12 और 13 मार्च 2026 के लिए लागू की गई है.
केवल चेन्नई: यह आदेश फिलहाल सिर्फ चेन्नई ऑफिस के लिए है. क्लाइंट लोकेशन पर काम करने वाले कर्मचारियों को उनके क्लाइंट के नियमों का पालन करना होगा.
कैब कैंसिलेशन: जो लोग घर से काम करेंगे, उनसे अपनी कैब बुकिंग रद्द करने को कहा गया है, ताकि वेंडर्स को नुकसान न हो.
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HCLTech अपने वेंडर्स के साथ मिलकर वैकल्पिक व्यवस्था कर रही है:
इंडक्शन कुकिंग: गैस के बजाय बिजली से चलने वाले इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है.
सीमित मेनू: कैंटीन में अब केवल वही चीजें मिलेंगी जो कम समय में और बिना ज्यादा गैस के बन सकें.
फ्रोजन फूड: खाने को गर्म करने के लिए माइक्रोवेव और प्री-कुक्ड (पहले से बना हुआ) खाने का सहारा लिया जा रहा है.
सिर्फ आईटी कंपनियां ही नहीं, बल्कि पूरा रेस्टोरेंट सेक्टर इस संकट से जूझ रहा है. नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने अपने सदस्यों के लिए कुछ 'स्मार्ट कुकिंग' टिप्स जारी किए हैं:
एलपीजी संकट की इस स्थिति में रेस्टोरेंट्स के लिए NRAI ने कुछ सुझाव दिए हैं:
मेनू छोटा करें: वो डिशेज बंद करें जिनमें ज्यादा गैस लगती है (जैसे- डीप फ्राइंग, स्लो कुकिंग या लंबे समय तक उबलने वाली दालें).
उपकरणों का सही उपयोग: पायलट फ्लेम (छोटे जलते हुए दीये) बंद रखें, प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करें और बर्नर के हिसाब से सही साइज के बर्तन चुनें.
इलेक्ट्रिक पर शिफ्ट हों: इंडक्शन, इलेक्ट्रिक ग्रिल और चावल बनाने के लिए राइस कुकर का उपयोग बढ़ाएं.
बैच कुकिंग: एक ही बार में ज्यादा खाना बनाकर रखें ताकि बार-बार बर्नर न जलाना पड़े.
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सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसकी पहली प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ता (Home users) हैं.
हॉस्पिटल को छूट: कमर्शियल गैस की सीमित सप्लाई में से केवल अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है.
उत्पादन: रिफाइनरियों में LPG उत्पादन को 25% से बढ़ाकर 28% कर दिया गया है.
अपील: तेल मंत्री ने लोगों से पैनिक बुकिंग न करने की अपील की है, क्योंकि पैनिक की वजह से मांग अचानक बढ़ गई है.
यह कोरोना जैसा लॉकडाउन नहीं है, बल्कि एक 'एनर्जी क्राइसिस' है. जैसे ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई बहाल होगी या घरेलू उत्पादन मांग को पूरा कर लेगा, ऑफिस फिर से सामान्य हो जाएंगे. लेकिन तब तक, कॉर्पोरेट जगत को बिजली और इंडक्शन जैसे विकल्पों पर निर्भर रहना होगा.
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HCLTech का यह कदम दिखाता है कि कैसे एक अंतरराष्ट्रीय युद्ध का असर आपके लंच बॉक्स तक पहुंच सकता है. कमर्शियल गैस की कमी ने सर्विस इंडस्ट्री के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है. सरकार की कोशिशें जारी हैं, लेकिन फिलहाल 'स्मार्ट कुकिंग' और 'स्मार्ट वर्किंग' (WFH) ही इस संकट का एकमात्र उपाय नजर आ रहे हैं.
1- क्या HCLTech के सभी ऑफिस बंद हो गए हैं?
नहीं, केवल चेन्नई ऑफिस के कर्मचारियों को 12-13 मार्च के लिए WFH का विकल्प दिया गया है.
2- ऑफिस कैंटीन में खाना क्यों नहीं मिल पा रहा?
सरकार ने कमर्शियल LPG की सप्लाई सीमित कर दी है, जिससे भारी मात्रा में खाना बनाना मुश्किल हो गया है.
3- क्या रेस्टोरेंट्स में खाना महंगा हो जाएगा?
गैस की किल्लत और वैकल्पिक इलेक्ट्रिक कुकिंग की लागत बढ़ने से रेस्टोरेंट के बिलों में मामूली बढ़ोत्तरी हो सकती है.
4- NRAI ने हाई-गैस आइटम्स को क्यों बंद करने को कहा है?
डीप फ्राइंग और स्लो कुकिंग में बहुत ज्यादा गैस खर्च होती है, जिसे बचाने के लिए मेनू को छोटा करने की सलाह दी गई है.
5- क्या घरेलू LPG (रसोई गैस) की सप्लाई भी बंद होगी?
नहीं, सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू ग्राहकों के लिए सप्लाई प्राथमिकता पर है और उत्पादन बढ़ाया जा रहा है.
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