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L&T की सब्सिडियरी को मिले कई बड़े ऑर्डर. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
Larsen & Toubro की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी L&T GeoStructure को भारत में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स मिले हैं. कंपनी ने बताया कि उसे JSW Utkal Steel के बड़े स्टील प्लांट प्रोजेक्ट, Inland Waterways Authority of India के शिप रिपेयर फैसिलिटी प्रोजेक्ट्स और मुंबई हार्बर में भारत के पहले यॉट मरीना के निर्माण का ऑर्डर मिला है. इनमें सबसे खास कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा पाइलिंग कॉन्ट्रैक्ट माना जा रहा है.
L&T GeoStructure को सबसे बड़ा ऑर्डर JSW Steel की सहायक कंपनी JSW Utkal Steel Ltd से मिला है. यह काम ओडिशा के पारादीप में बन रहे 10 MTPA इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट के लिए किया जाएगा.
कंपनी के अनुसार इस प्रोजेक्ट में कुल नौ बड़े पैकेज शामिल हैं. इसमें ब्लास्ट फर्नेस, हॉट स्ट्रिप मिल और स्टील मेल्टिंग शॉप जैसी महत्वपूर्ण यूनिट्स के लिए पाइलिंग वर्क किया जाएगा. L&T ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में करीब 30 लाख रनिंग मीटर पाइलिंग का काम शामिल है, जिसे तय समयसीमा के भीतर पूरा करना होगा.
L&T GeoStructure को Inland Waterways Authority of India की ओर से दो अलग-अलग प्रोजेक्ट्स भी मिले हैं. ये प्रोजेक्ट बिहार के पटना और उत्तर प्रदेश के वाराणसी में Ship Repair Facilities के निर्माण से जुड़े हैं.
कंपनी ने कहा कि इन आधुनिक सुविधाओं में एडवांस Ship Lift और Transfer Systems लगाए जाएंगे. इनमें 800 टन क्षमता वाला Boat Hoist भी शामिल रहेगा. इन सुविधाओं का उद्देश्य नेशनल वाटरवे-1 पर चलने वाले इनलैंड वेसल्स की मरम्मत और मेंटेनेंस को बेहतर बनाना है. यह प्रोजेक्ट गंगा नदी पर इनलैंड वॉटर ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
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एक अन्य बड़े डेवलपमेंट में L&T GeoStructure को Mumbai Port Authority से मुंबई हार्बर में भारत के पहले Yacht Marina के निर्माण का ऑर्डर मिला है. इस प्रोजेक्ट में अप्रोच ट्रेसल, पाइल्ड ब्रेकवॉटर, सर्विस प्लेटफॉर्म, कंक्रीट पोंटून्स और गैंगवेज का निर्माण किया जाएगा.
कंपनी के मुताबिक यह इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित और बेहतर यॉट ऑपरेशंस के लिए तैयार किया जाएगा. L&T का कहना है कि यह प्रोजेक्ट मुंबई को ग्लोबल मैरीटाइम टूरिज्म डेस्टिनेशन के तौर पर मजबूत करने में मदद करेगा. साथ ही यह भारत की ब्लू इकोनॉमी से जुड़े बड़े विजन को भी सपोर्ट करेगा.
कंपनी ने इन सभी प्रोजेक्ट्स को “Significant” कैटेगरी में रखा है. L&T के अनुसार इस श्रेणी में वे ऑर्डर आते हैं जिनकी वैल्यू ₹1,000 करोड़ से ₹2,500 करोड़ के बीच होती है.
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Larsen & Toubro एक USD 32 बिलियन की मल्टीनेशनल कंपनी है, जो EPC प्रोजेक्ट्स, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, प्रोडक्ट्स और सर्विसेज सेक्टर्स में काम करती है. कंपनी ने कहा कि टेक्नोलॉजी, AI, क्वालिटी और कस्टमर-सेंट्रिक अप्रोच पर लगातार फोकस की वजह से उसने कई दशकों से अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है.