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IRFC बनी सबसे दमदार फाइनेंस कंपनी
भारतीय रेलवे के लिए फंडिंग करने वाली सरकारी कंपनी IRFC ने जून 2025 में खत्म हुई तिमाही में जबरदस्त रिजल्ट दिए हैं. कंपनी की कुल कमाई 6,918 करोड़ रुपए रही, जो किसी भी तिमाही में अब तक की सबसे ज्यादा है. इस तिमाही में IRFC ने 1,745.69 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल के मुकाबले 10.71% ज्यादा है. ये भी कंपनी के इतिहास का सबसे ज्यादा तिमाही प्रॉफिट है.
ब्याज और लीज से हुई तगड़ी कमाई
IRFC को इस तिमाही में करीब 5,404 करोड़ रुपए लीज (पट्टे) से और 1,497 करोड़ रुपए ब्याज से कमाई हुई. इसके अलावा 14 करोड़ रुपए ऑपरेशनल इनकम और थोड़ा सा डिविडेंड वगैरह मिला.
नुकसान वाला कोई लोन नहीं
IRFC ने इस तिमाही में भी एक भी खराब लोन (NPA) नहीं दिया है. यानी जिनको लोन दिया, उन्होंने समय पर पैसे लौटाए. इसके साथ ही कंपनी की खर्च करने की आदत भी बहुत कंट्रोल में है.
नेटवर्थ 54 हजार करोड़ के पार
IRFC की कुल नेटवर्थ (यानी कंपनी की असली कीमत) बढ़कर 54,424 करोड़ रुपए हो गई है. हर शेयर की बुक वैल्यू अब 41.65 रुपए है. यानी कंपनी मजबूत हाथों में है.
अब और बड़ी प्लानिंग में जुटी है IRFC
सरकार ने हाल ही में IRFC को ‘नवरत्न’ का दर्जा दिया है. इसका मतलब है कि अब कंपनी और आज़ादी से फैसले ले सकती है और रेलवे से जुड़े दूसरे प्रोजेक्ट्स में भी पैसा लगा सकती है.
क्या बोले कंपनी के सीएमडी?
IRFC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार दुबे ने कहा कि "ये नतीजे दिखाते हैं कि हमारी रणनीति काम कर रही है और रेलवे के विकास में हम बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. हमारी कोशिश है कि आगे भी इसी तरह कम खर्च में बढ़िया काम करें और ग्राहकों को सस्ता फाइनेंस दें.”
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)