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Infosys Share Buyback: आईटी दिग्गज Infosys का अबतक का सबसे बड़ा ₹18,000 करोड़ के बायबैक का दरवाजा खोल दिया है. यह बायबैक टेंडर-ऑफर के ज़रिए हो रहा था और कंपनी ₹1,800 प्रति शेयर की फिक्स्ड कीमत दे रही है, जो मौजूदा भाव से अच्छी-खासी प्रीमियम पर है. लेकिन… असली खेल टैक्स का है. नए नियमों ने तस्वीर पूरी तरह बदल दी है.
सिर्फ वही निवेशक इसमें जिनके पास 14 नवंबर 2025 को Infosys के शेयर थे. इसके बाद खरीदे गए शेयर बायबैक के लिए मान्य नहीं हैं.
Infosys सिर्फ 2.4% शेयर वापस खरीद रहा है. छोटे निवेशक 2 में से 11 tender कर सकते हैं. जनरल कैटेगरी में 17 में से 706 tender कर सकते हैं. इसका मतलब पूरी होल्डिंग के एक्सेप्ट होने की संभावना बेहद कम है.
मान लें आपने 100 शेयर ₹1550 में खरीदे थे. बायबैक कीमत है ₹1800.
CASE 1: शेयर 1 साल के भीतर खरीदे हैं (STCG case)
100% acceptance मानकर चलें:
यानी, शॉर्ट टर्म होल्डर के लिए बायबैक बेकार डील है.
CASE 2: शेयर 1 साल बाद बेचे जाते (LTCG case)
यानी कि लॉन्ग टर्म में भी नुकसान और ज्यादा.
मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने कहा कि अगर आपने Infosys के शेयर 1 साल से कम समय पहले खरीदे हैं तो बायबैक में टेंडर बिल्कुल न करें. साफ नुकसान है. अगर आपने शेयर लंबे समय पहले खरीदे हैं तो फयदे की कोई गारंटी नहीं क्योंकि टैक्स ज़्यादा और एक्सेप्टेंस कम है.
Mark-to-market risk भी है. जिन शेयरों को एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा, वो वापस आपके पास आएंगे और तब तक अगर भाव ₹1550 से नीचे फिसल गया, तो डबल नुकसान. इस बायबैक में असली फायदा सिर्फ उन्हीं को होगा, जिनकी कम टैक्स स्लैब हो. होल्डिंग बहुत छोटी हो (Small Shareholder category) और Acceptance अच्छी मिले (जो कि अनिश्चित है.)