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Indian Railways sector growth FY26: भारतीय रेलवे क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों की कमाई वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में लगभग 5 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है. रेटिंग एजेंसी ICRA ने अपनी हालिया रिपोर्ट में ये कहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह वृद्धि भले ही मध्यम स्तर की हो, लेकिन वैगन निर्माण क्षेत्र की मज़बूत मांग इसके पीछे प्रमुख कारण होगी.
ICRA ने कहा कि जहां वैगन निर्माता कंपनियों की वृद्धि दर तेज़ रहने की संभावना है, वहीं रेलवे से जुड़े निर्माण (इन्फ्रास्ट्रक्चर) प्रोजेक्ट्स में लगी कंपनियों की ग्रोथ तुलनात्मक रूप से थोड़ी धीमी हो सकती है. फिर भी, इस सेक्टर की लाभप्रदता (Profitability) मजबूत बनी रहेगी. ICRA ने FY26 में औसतन ऑपरेटिंग मार्जिन 12 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान जताया है, जिसे ऑपरेटिंग लीवरेज और स्थिर इनपुट कीमतों का समर्थन मिलेगा.
सरकार बीते कई वर्षों से रेलवे सेक्टर को मज़बूत करने पर लगातार ध्यान दे रही है. लॉजिस्टिक्स लागत घटाने, ट्रांजिट समय कम करने और कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचे में भारी निवेश किया है. ट्रैक, सुरक्षा मानकों, स्टेशन सुधार और आधुनिक कोच जैसी यात्री सुविधाओं को भी लगातार बेहतर किया जा रहा है.
भारतीय रेलवे के पूंजीगत व्यय (Capital Outlay) में भी बीते पांच वर्षों में 130% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो FY26 के बजट अनुमान में ₹2.52 लाख करोड़ तक पहुंच गया है. हालांकि, बजटरी सहायता यानी सरकार द्वारा प्रत्यक्ष रूप से दी गई राशि में FY24 से FY26 के बीच सिर्फ 2% की वृद्धि हुई है.
ICRA के विश्लेषण में यह भी बताया गया है कि लगातार हो रहे निवेशों के चलते EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) और वैगन निर्माण कंपनियों के पास ठोस ऑर्डर बुक तैयार हुई है. इन कंपनियों का ऑर्डर-बुक-टू-इंकम रेशियो FY2015 के 1.33 गुना से बढ़कर FY2024 में 2.77 गुना हो गया है, जो अगले कुछ वर्षों के लिए स्थिर राजस्व की मजबूत संभावना को दर्शाता है.
यानी भले ही FY26 में सेक्टर की वृद्धि दर कुछ सीमित रहे, लेकिन मजबूत ऑर्डर बुक, लाभप्रदता और सरकारी निवेश के चलते भारतीय रेलवे क्षेत्र की तस्वीर मध्यम अवधि के लिए सकारात्मक और स्थिर बनी रहेगी.