शेयर बाजार में जब भी कोई बड़ी सरकारी कंपनी डिविडेंड का ऐलान करती है, तो निवेशकों की नजरें उस पर टिक जाती हैं. ऐसा ही कुछ आज इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के साथ हुआ.
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने दूसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों का उत्साह शेयर में नहीं दिखा और भाव लाल निशान में नजर आए. चलिए समझते हैं कि आज बाजार में क्या हलचल रही और कंपनी का प्रदर्शन कैसा है.
कितना डिविडेंड मिला और कब तक आएगा पैसा?
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- कंपनी के बोर्ड ने 6 मार्च की मीटिंग में अंतरिम डिविडेंड की मंजूरी दी है.
- यह डिविडेंड 20 फीसदी की दर से दिया जा रहा है.
- 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर निवेशकों को 2 रुपये मिलेंगे.
- कंपनी ने 12 मार्च 2026 को रिकॉर्ड डेट के तौर पर तय किया है.
- डिविडेंड की राशि पात्र निवेशकों के खाते में 5 अप्रैल 2026 तक पहुंच जाएगी.
इस साल डिविडेंड का अब तक का रिकॉर्ड क्या है?
- वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने निवेशकों का पूरा ख्याल रखा है.
- बोर्ड ने अब तक कुल तीन बार डिविडेंड देने का फैसला किया है.
- पहला अंतरिम डिविडेंड 5 रुपये प्रति शेयर दिया गया था.
- इसकी रिकॉर्ड डेट 18 दिसंबर 2025 थी.
- इससे पहले अगस्त में 3 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी दिया जा चुका है.
आज शेयर में कैसी हलचल रही?
- डिविडेंड के ऐलान के बाद भी शेयर दबाव में दिखा.
- दोपहर करीब 2:54 बजे शेयर 1.17 फीसदी की गिरावट के साथ 169.55 रुपये पर था.
- दिन के शुरुआती समय में भी शेयर 170.54 रुपये के आसपास कमजोर था.
- पिछले एक हफ्ते में शेयर ने करीब 9 फीसदी की गिरावट दर्ज की है.
- पिछले एक महीने में भी शेयर में करीब 3 फीसदी की सुस्ती रही है.
कंपनी की सालाना परफॉरमेंस और वैल्यूएशन क्या है?
- साल की शुरुआत से अब तक शेयर ने 3 फीसदी का मुनाफा दिया है.
- शेयर ने 27 फरवरी 2026 को 188.96 रुपये का 52-वीक हाई छुआ था.
- पिछले साल 5 मार्च को यह शेयर 117.75 रुपये के निचले स्तर पर था.
- एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी का मार्केट कैप 2.41 लाख करोड़ रुपये है.
- बाजार की अस्थिरता के कारण फिलहाल शेयर के भाव में उतार-चढ़ाव बना हुआ है.
दिसंबर तिमाही में कंपनी का बिजनेस कैसा रहा?
- दिसंबर तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन मुनाफा कई गुना बढ़ गया है.
- मुनाफा बढ़कर 12,125.86 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया.
- पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा केवल 2,873.53 करोड़ रुपये था.
- ऑपरेशंस से रेवेन्यू 6.94 फीसदी बढ़कर 2.31 लाख करोड़ रुपये हो गया.
- फ्यूल सेल्स 24.78 मिलियन टन से बढ़कर 26.015 मिलियन टन हो गई है.
निवेशकों के काम की बात
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन एक मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनी है, जिसने लगातार डिविडेंड देकर निवेशकों का भरोसा बनाए रखा है. हालांकि, बाजार की चाल कई बार कंपनी के अच्छे नतीजों के बाद भी अस्थिर रह सकती है. निवेशकों को कंपनी की भविष्य की योजनाओं और रिफाइनिंग मार्जिन पर नजर रखनी चाहिए.