&format=webp&quality=medium)
डिफेंस सेक्टर में आने वाला है बड़ा मौका! (Image Source-AI)
भारत की सरहदों को और भी सुरक्षित और ताकतवर बनाने के लिए सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है. डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल यानी DAC ने हाल ही में करीब 2.38 लाख करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है.
इस खबर के बाद बड़े ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की एक रिपोर्ट आई है जो बताती है कि इस फैसले से किन डिफेंस कंपनियों के पास काम की कोई कमी नहीं रहने वाली है. चलिए समझते हैं कि इस मेगा प्लान में किस कंपनी के लिए क्या खास छुपा है और आने वाले दिनों में हमारी सेना और सैन्य क्षमता कितनी बदल जाएगी.
इस 2.38 लाख करोड़ के बजट में सेना के तीनों अंगों के लिए कुछ न कुछ बड़ा है. भारतीय वायुसेना के पुराने पड़ रहे मालवाहक विमानों (AN32 और IL-76) को बदलने के लिए 60 नए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदे जाएंगे. इसके अलावा, रूस से आने वाले S400 मिसाइल सिस्टम की अतिरिक्त यूनिट्स और 155mm धनुष होवित्जर तोपों को भी मंजूरी मिल गई है.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें-
थल सेना के लिए ट्रैक एयर डिफेंस सिस्टम और टैंक भेदी गोला-बारूद पर काम होगा. वहीं, इंडियन कोस्ट गार्ड को ऐसे हैवी-ड्यूटी एयर कुशन व्हीकल मिलेंगे जो पानी और जमीन दोनों पर तेजी से दौड़ते हुए गश्त और रेस्क्यू ऑपरेशन कर सकेंगे. यह सब इशारा कर रहा है कि भारत अब अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी मोर्चे पर ढील देने के मूड में नहीं है.
डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानी BEL इस समय सबसे मजबूत स्थिति में दिख रही है. कंपनी को जल्द ही भारतीय नौसेना के नेक्स्ट-जेन कोर्वेट प्रोग्राम से बड़ा फायदा होने वाला है. करीब 400 अरब रुपये के इस प्रोजेक्ट में 8 जहाज बनने हैं, जिनमें से 5 GRSE और 3 गोवा शिपयार्ड बनाएंगे. लेकिन असली खेल यहां BEL का है, क्योंकि इन जहाजों में लगने वाले इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और हथियारों के कंट्रोल सिस्टम का काम BEL को मिलेगा.
| कमाई और मुनाफा (अनुमान) | FY2026 में | FY2027 में | FY2028 में |
| कुल बिक्री (Sales) | ₹276.7 अरब | ₹328.5 अरब | ₹391.1 अरब |
| कामकाजी मुनाफा (EBITDA) | ₹78.9 अरब | ₹93.7 अरब | ₹109.5 अरब |
| शुद्ध मुनाफा (Net Profit) | ₹60.1 अरब | ₹71.3 अरब | ₹83.5 अरब |
| एक शेयर पर कमाई (EPS) | ₹8.2 | ₹9.8 | ₹11.4 |
| मुनाफे में बढ़त (EPS Gr. %) | 13.7% | 18.6% | 17.2% |
| डिविडेंड (कमाई का हिस्सा) | 12.4% | 12.4% | 12.4% |
उम्मीद की जा रही है कि साल 2027 की पहली छमाही तक BEL के हाथ में 120 से 150 अरब रुपये के ऑर्डर आ सकते हैं. साथ ही QRSAM और प्रोजेक्ट कुशा जैसे बड़े मिशन भी पाइपलाइन में हैं, जो इस कंपनी की ग्रोथ को नई ऊंचाई दे सकते हैं.
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के लिए सबसे चर्चा का विषय 'तेजस मार्क 1A' फाइटर जेट है. खबर है कि इसके सभी ट्रायल, जैसे मिसाइल फायरिंग और रडार इंटीग्रेशन, अप्रैल 2026 तक पूरे हो जाएंगे. इसके बाद वायुसेना अपने टेस्ट करेगी और 2027 की शुरुआत से इसकी डिलीवरी शुरू हो सकती है.
| कमाई और मुनाफे का मीटर (अनुमान) | FY2026 में | FY2027 में | FY2028 में |
| कुल बिक्री (Sales) | ₹363.5 अरब | ₹438.1 अरब | ₹567.5 अरब |
| कामकाजी मुनाफा (EBITDA) | ₹105.9 अरब | ₹122.7 अरब | ₹152.1 अरब |
| शुद्ध मुनाफा (Net Profit) | ₹91.3 अरब | ₹101.9 अरब | ₹126.0 अरब |
| एक शेयर पर कमाई (EPS) | ₹136.5 | ₹152.4 | ₹188.4 |
| मुनाफे में सालाना बढ़त (EPS Gr. %) | 9.20% | 11.60% | 23.60% |
| डिविडेंड (कमाई का हिस्सा) | 29.30% | 29.50% | 23.90% |
इसके अलावा, सरकार ने HAL को 29 अरब रुपये में 6 एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) मार्क-III देने का भी ऑर्डर दिया है. प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर के लिए भी 650 अरब रुपये की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है. हालांकि, तेजस की डिलीवरी में होने वाली देरी पर सबकी नजर रहेगी, लेकिन कंपनी के पास ऑर्डर्स की कोई कमी नहीं है.
भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ने एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है. कंपनी ने आकाश और एस्ट्रा मिसाइल सिस्टम के 90 प्रतिशत हिस्सों को भारत में ही बनाना शुरू कर दिया है. पहले इसके हाई-फ्रीक्वेंसी सीकर और रॉकेट मोटर बाहर से मंगाने पड़ते थे, लेकिन अब यह सब भारत में बन रहा है. इससे ग्लोबल सप्लाई चेन की दिक्कतों का डर खत्म हो गया है.
| कमाई और मुनाफे का मीटर (अनुमान) | FY2026 में | FY2027 में | FY2028 में |
| कुल बिक्री (Sales) | ₹44.0 अरब | ₹61.4 अरब | ₹81.7 अरब |
| कामकाजी मुनाफा (EBITDA) | ₹8.0 अरब | ₹12.1 अरब | ₹17.6 अरब |
| शुद्ध मुनाफा (Net Profit) | ₹8.2 अरब | ₹11.5 अरब | ₹16.4 अरब |
| एक शेयर पर कमाई (EPS) | ₹22.3 | ₹31.4 | ₹44.9 |
| मुनाफे में सालाना बढ़त (EPS Gr. %) | 48.50% | 41.10% | 42.80% |
| पूंजी पर मिलने वाला रिटर्न (RoE %) | 17.70% | 20.90% | 24.00% |
तेलंगाना के इब्राहिमपट्टनम में नई फैसिलिटी और झांसी में बनने वाला रिसर्च सेंटर कंपनी को और ताकत देगा. अनुमान है कि साल 2027 तक कंपनी को 150 अरब रुपये के नए ऑर्डर्स मिल सकते हैं.
एस्ट्रा माइक्रोवेव (AMPL) अब अपनी कंपनी को दो हिस्सों में बांटने जा रही है. एक हिस्सा सिर्फ डिफेंस और एयरोस्पेस देखेगा, जबकि दूसरा (ASTPL) स्पेस और मौसम विज्ञान पर फोकस करेगा. यह कदम 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है ताकि काम में ज्यादा सफाई आए.
| कंपनी का नाम | विवरण (Year) | FY2026 (अनुमान) | FY2027 (अनुमान) | FY2028 (अनुमान) |
| एस्ट्रा माइक्रोवेव (AMPL) | कुल बिक्री (Sales) | ₹11.1 अरब | ₹13.7 अरब | ₹17.2 अरब |
| शुद्ध मुनाफा (Profit) | ₹1.5 अरब | ₹2.2 अरब | ₹2.8 अरब | |
| मुनाफा ग्रोथ (%) | 0.50% | 44.50% | 27.60% | |
| जेन टेक्नोलॉजीज (ZEN) | कुल बिक्री (Sales) | ₹5.2 अरब | ₹9.9 अरब | ₹13.7 अरब |
| शुद्ध मुनाफा (Profit) | ₹1.9 अरब | ₹3.3 अरब | ₹4.4 अरब | |
| मुनाफा ग्रोथ (%) | -29.10% | 78.70% | 30.90% |
वहीं, जेन टेक्नोलॉजीज अपने सिम्युलेटर और एंटी-ड्रोन सिस्टम के दम पर आगे बढ़ रही है. कंपनी की सब्सिडियरी कंपनियों का रेवेन्यू 2028 तक 5 अरब रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. मिडिल ईस्ट के युद्ध का फिलहाल इनकी सप्लाई चेन पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा है, जो एक राहत की बात है.
डिफेंस सेक्टर में इस समय 'गोल्डन पीरियड' चल रहा है. ऑर्डर्स की भरमार है, तकनीक भारत में विकसित हो रही है और कंपनियों की बैलेंस शीट मजबूत हो रही है. हालांकि, मिडिल ईस्ट के हालात और विदेशी कंपोनेंट्स की सप्लाई पर नजर रखना जरूरी होगा. लेकिन जिस तरह से भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है, उससे साफ है कि डिफेंस कंपनियां आने वाले समय में निवेशकों और देश की सुरक्षा, दोनों के लिए बड़ी भूमिका निभाएंगी.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)
DAC ने कुल कितने बजट के प्रस्तावों को मंजूरी दी है?
DAC ने रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कुल 2.38 लाख करोड़ रुपये (INR 2.38t) के प्रस्तावों को मंजूरी दी है.
BEL को किन बड़े प्रोजेक्ट्स से फायदा होने वाला है?
BEL को मुख्य रूप से भारतीय नौसेना के नेक्स्ट-जेन कोर्वेट प्रोग्राम और QRSAM (क्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल) प्रोजेक्ट से बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद है.
तेजस मार्क 1A की डिलीवरी कब तक शुरू हो सकती है?
मिसाइल ट्रायल और रडार इंटीग्रेशन के काम अप्रैल 2026 तक पूरे होने की उम्मीद है, जिसके बाद साल 2027 की शुरुआत में इसकी डिलीवरी शुरू हो सकती है.
भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) की बड़ी उपलब्धि क्या है?
BDL ने आकाश और एस्ट्रा मिसाइल सिस्टम के 90% से ज्यादा कंपोनेंट्स को स्वदेशी बना लिया है, जिससे विदेशों पर निर्भरता कम हुई है.
एस्ट्रा माइक्रोवेव (AMPL) अपने बिजनेस में क्या बदलाव कर रही है?
AMPL अपने स्पेस, मौसम और जल विज्ञान के बिजनेस को अलग करके एक नई कंपनी 'ASTPL' बनाने की योजना बना रही है, जो शेयर बाजार में अलग से लिस्ट होगी.