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(Image- ANI)
Navratna Defence PSU: भारत सरकार ने डिफेंस सेक्टर में स्वनिर्माण को एक और मजबूती देने की दिशा में कदम बढ़ाया है. भारतीय सेना ने पाकिस्तान और चीन से लगी सीमाओं पर एयर डिफेंस को मजबूत करने के लिए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम 'अनंत शस्त्र' (Anant Shastra) की 5 से 6 रेजिमेंट खरीदने के लिए टेंडर जारी की है. भारतीय सेना ने 'अनंत शस्त्र' मिसाइल सिस्टम के खरीद के लिए 30,000 करोड़ रुपये के अनुमानित मूल्य की टेंडर डिफेंस पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को जारी की है. शुक्रवार को डिफेंस स्टॉक 1.87 फीसदी गिरकर 395.90 रुपए पर बंद हुआ है.
‘अनंत शस्त्र’ को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) द्वारा विकसित की गई थी और इसे पहले Quick Reaction Surface to Air Missile (QRSAM) के नाम से जाना जाता था. ANI की रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 30,000 करोड़ रुपये है और इसका उद्देश्य पाकिस्तान और चीन से लगी सीमाओं पर वायु रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना है. इस प्रणाली को विशेष रूप से क्षमताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है-
Highly Mobile- यह प्रणाली चलते वाहन पर तैनात हो सकती है, और थोड़ी दूरी पर रुककर लक्ष्य को ट्रैक कर फायर कर सकती है.
रेंज- लगभग 30 किमी तक का कवरेज, जिससे यह छोटे-से-मध्यम दूरी वाले वायु खतरों का सामना कर सकती है.
इंटीग्रेशन- यह मौजूदा प्रणालियों जैसे MR-SAM (Medium Range Surface to Air Missile), AKASH आदि के साथ मिलकर काम करेगी, जिससे एक बहु‑स्तरीय एयर डिफेंस जाल तैयार होगा.
दिन-रात संचालन- ट्रायल्स में इसे दिन और रात दोनों स्थितियों में परीक्षण किया गया है और प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया है.
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भारतीय सेना एएडी एमआर-एसएएम, आकाश (Akash) और अन्य छोटी वायु रक्षा प्रणालियों का संचालन करती है और किसी भी हवाई खतरे से बचाव के लिए भारतीय वायु सेना के साथ एकीकृत तरीके से काम करती है.
रक्षा अधिग्रहण परिषद ने मई में ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के तुरंत बाद इस खरीद प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी. यह मोबाइल सिस्टम चलते-फिरते लक्ष्यों की खोज, ट्रैकिंग और उन पर हमला कर सकता है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 30 किलोमीटर है, जो मौजूदा MRSAM और Akash सिस्टम्स का पूरक है.
परीक्षणों के दौरान, मिसाइल प्रणाली के प्रदर्शन का दिन और रात दोनों परिचालन परिदृश्यों में व्यापक मूल्यांकन किया गया है. पाकिस्तान के साथ चार दिवसीय संघर्ष के दौरान, जिसने चीनी हथियारों का इस्तेमाल किया था, भारतीय सेना की वायु रक्षा इकाइयों ने L-70 और Zu-23 एयर डिफेंस गन्स का उपयोग करके अधिकांश ड्रोनों को नष्ट कर दिया, जबकि Akash और MRSAM ने भारतीय वायु सेना के Spyder और Sudarshan S-400 एयर डिफेंस सिस्टम्सके साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
आर्मी एयर डिफेंस को पाकिस्तानी सेना में तुर्की और चीनी मूल के ड्रोनों से निपटने के लिए कई नए रडार, बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणालियाँ, साथ ही जैमर और लेजर-आधारित प्रणालियां भी मिल रही हैं.
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी बल में स्वदेशीकरण बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं. भविष्य में सेना में शामिल होने वाली संभावित स्वदेशी प्रणालियों में जोरावर लाइट टैंक (Zorawar light tank) और कई अन्य एयर डिफेंस सिस्टम्स शामिल हैं.
Q1. ‘अनंत शस्त्र’ क्या है?
यह भारत के DRDO द्वारा डिजाइन की गई है और अब इसका नया नाम 'अनंत शस्त्र' रखा गया है. यह प्रणाली हवाई खतरों से रक्षा के लिए डिजाइन की गई है.
Q2. इस परियोजना की कुल लागत क्या है?
इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹30,000 करोड़ है.
Q3. सेना ने कितने रेजिमेंट की खरीद की योजना बनाई है?
भारतीय सेना ने 5 से 6 रेजिमेंट ‘अनंत शस्त्र’ मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए टेंडर जारी किया है.
Q4. इस मिसाइल सिस्टम की रेंज क्या है?
'अनंत शस्त्र' प्रणाली की मारक क्षमता लगभग 30 किलोमीटर है.
Q5. इसका उपयोग किस ऑपरेशन के बाद तेजी से आगे बढ़ाया गया?
‘अनंत शस्त्र’ की प्रक्रिया को Operation Sindoor के बाद तेज किया गया.
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