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Indiabulls के दमदार तिमाही नतीजे (प्रतीकात्मक तस्वीर)
रियल एस्टेट और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में काम करने वाली Indiabulls लिमिटेड ने मार्च 2026 तिमाही के लिए तिमाही नतीजे पेश कर दिए हैं. इसी के साथ कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के रिजल्ट्स की भी जानकारी दी है. कंपनी के लिए FY26 एक ट्रांसफॉर्मेशन वाला साल रहा, जिसमें मर्जर के बाद कंपनी ने खुद को रियल एस्टेट फोकस्ड बिजनेस के तौर पर रीपोजिशन किया है. नतीजों में कंपनी ने मजबूत मुनाफा और मार्जिन दिखाया है, जो आगे के लिए पॉजिटिव संकेत देता है.
Indiabulls ने FY26 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है. पूरे साल के दौरान कंपनी का रेवेन्यू ₹880 करोड़ रहा, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹346 करोड़ दर्ज किया गया. इस तरह कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन 39.3% रहा, जो मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को दिखाता है.
मार्च 2026 तिमाही यानी Q4 की बात करें तो कंपनी ने और भी बेहतर प्रदर्शन किया. इस तिमाही में रेवेन्यू ₹418 करोड़ रहा, जबकि मुनाफा ₹194 करोड़ दर्ज किया गया. इस दौरान प्रॉफिट मार्जिन 46.4% रहा, जो बताता है कि कंपनी नए वित्त वर्ष में मजबूत मोमेंटम के साथ प्रवेश कर रही है.
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कंपनी के बिजनेस में रियल एस्टेट सेगमेंट सबसे बड़ा ग्रोथ ड्राइवर बना हुआ है. Q4FY26 में इस सेगमेंट ने ऑपरेटिंग लेवल पर करीब ₹143 करोड़ का योगदान दिया. पूरे साल के दौरान कंपनी ने ₹2,752 करोड़ की सेल्स बुकिंग दर्ज की, जिसमें 909 यूनिट्स और 21.6 लाख वर्ग फीट एरिया की बिक्री शामिल रही. इसके अलावा ₹400 करोड़ की कलेक्शन भी दर्ज की गई.
कंपनी का रेजिडेंशियल पोर्टफोलियो ₹2 करोड़ से ₹6 करोड़ के प्राइस सेगमेंट पर फोकस करता है, जिसमें लग्जरी और मिड-इनकम दोनों कैटेगरी शामिल हैं. ये प्रोजेक्ट्स दिल्ली NCR, मुंबई और लुधियाना जैसे प्रमुख बाजारों में मौजूद हैं.
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आने वाले समय के लिए कंपनी के पास मजबूत पाइपलाइन है. कुल GDV पाइपलाइन ₹21,000 करोड़ से ज्यादा की है, जिसमें 110.52 लाख वर्ग फीट का एरिया शामिल है. इसमें लॉन्च हो चुके प्रोजेक्ट्स, चालू साल के लॉन्च और भविष्य की डेवलपमेंट पाइपलाइन शामिल है, जिससे कंपनी को आने वाले वर्षों में अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी मिलती है.
रियल एस्टेट के साथ-साथ कंपनी का फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस भी स्थिर प्रदर्शन कर रहा है. स्टॉक ब्रोकिंग बिजनेस से FY26 में ₹124.4 करोड़ का रेवेन्यू आया, जबकि Q4 में इसमें साल-दर-साल 26% की ग्रोथ दर्ज की गई. इस बिजनेस में क्लाइंट एसेट्स ₹68,000 करोड़ से ज्यादा हो चुके हैं.
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एसेट रिकंस्ट्रक्शन बिजनेस में भी कंपनी ने संतुलित रणनीति अपनाई है. इस सेगमेंट में कुल ₹3,794 करोड़ के एसेट्स अंडर कलेक्शन रहे, जबकि FY26 में ₹288 करोड़ की रिकवरी दर्ज की गई.
कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CEO Divyesh Shah के मुताबिक, FY26 कंपनी के लिए मजबूत बदलाव और स्ट्रैटेजिक फोकस का साल रहा है. उन्होंने कहा कि कंपनी के पास FY27 के लिए मजबूत रियल एस्टेट पाइपलाइन है, जिससे आगे ग्रोथ की अच्छी संभावना है.
उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी के फाउंडर Sameer Gehlaut ने पिछले साल ₹400 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया, जो कंपनी के भविष्य पर उनके भरोसे को दिखाता है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 Indiabulls का FY26 प्रदर्शन कैसा रहा?
Indiabulls Limited ने FY26 में ₹880 करोड़ का रेवेन्यू और ₹346 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया.
Q2 Q4FY26 में कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा?
Q4 में कंपनी का रेवेन्यू ₹418 करोड़ और मुनाफा ₹194 करोड़ रहा, जिसमें 46.4% का प्रॉफिट मार्जिन दर्ज किया गया.
Q3 कंपनी के लिए सबसे बड़ा ग्रोथ ड्राइवर क्या है?
रियल एस्टेट सेगमेंट कंपनी के लिए मुख्य ग्रोथ इंजन है, जिसने Q4 में ₹143 करोड़ का योगदान दिया.
Q4 कंपनी की भविष्य की पाइपलाइन कैसी है?
कंपनी के पास ₹21,000 करोड़ से ज्यादा की GDV पाइपलाइन है, जो आने वाले वर्षों में रेवेन्यू विजिबिलिटी देती है.
Q5 फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस का प्रदर्शन कैसा रहा?
स्टॉक ब्रोकिंग और एसेट रिकंस्ट्रक्शन बिजनेस ने स्थिर प्रदर्शन किया, जिसमें ब्रोकिंग रेवेन्यू ₹124.4 करोड़ रहा.