ICICI Bank के Q4 नतीजों ने बाजार को चौंकाया, गिरते NPA के बीच निवेशकों को मिला ₹12 डिविडेंड का तोहफा

ICICI Bank Q4 FY26 Results: बैंक का शुद्ध मुनाफा 8.5% बढ़कर ₹13,702 करोड़ हो गया है. बैंक ने ₹12 प्रति शेयर डिविडेंड का भी ऐलान किया है. जानिए NPA और एसेट क्वालिटी की पूरी रिपोर्ट.
ICICI Bank के Q4 नतीजों ने बाजार को चौंकाया, गिरते NPA के बीच निवेशकों को मिला ₹12 डिविडेंड का तोहफा

ICICI Bank ने जारी किए Q4 नतीजे.

प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज ICICI Bank ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं और ये आंकड़े बैंक की मजबूती की एक नई कहानी कह रहे हैं.

बैंक ने न केवल अपने मुनाफे में शानदार बढ़त दर्ज की है, बल्कि इसकी एसेट क्वालिटी में जो सुधार आया है, उसने पूरे बैंकिंग सेक्टर को हैरान कर दिया है. बैंक का नेट प्रॉफिट 8.5% बढ़कर ₹13,702 करोड़ के पार निकल गया है. इसके साथ ही, बैंक ने अपने निवेशकों की जेब भरने के लिए ₹12 प्रति शेयर के डिविडेंड का भी ऐलान किया है.

मुनाफे का असली सीक्रेट

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इस तिमाही के नतीजों में सबसे ज्यादा ध्यान बैंक की प्रोविजनिंग ने खींचा है. प्रोविजनिंग वह पैसा होता है जो बैंक संभावित डूबने वाले कर्ज के लिए अलग रखता है. पिछले साल इसी तिमाही में बैंक ने ₹890.70 करोड़ अलग रखे थे, लेकिन इस साल यह आंकड़ा घटकर महज ₹96.16 करोड़ रह गया है.

पैरामीटरQ4 FY26 की स्थितिQ4 FY25 की स्थितिबदलाव (YoY)
शुद्ध मुनाफा (PAT)₹13,701.68 करोड़₹12,629.58 करोड़8.5%
कुल आय₹50,584.38 करोड़₹49,690.87 करोड़1.8%
ऑपरेटिंग प्रॉफिट₹18,199.11 करोड़₹17,664.25 करोड़3.0%
प्रोविजनिंग₹96.16 करोड़₹890.70 करोड़भारी गिरावट

प्रोविजनिंग में आई यह भारी कमी सीधे तौर पर बैंक के शुद्ध मुनाफे में तब्दील हो गई है. यह दिखाता है कि बैंक को अब अपने दिए हुए कर्ज की वसूली को लेकर बहुत ज्यादा भरोसा है.

एसेट क्वालिटी

बैंक ने अपने फंसे हुए कर्ज यानी NPA को कम करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है. जब किसी बैंक का NPA गिरता है, तो उसकी बैलेंस शीट उतनी ही साफ और मजबूत मानी जाती है.

  • ग्रॉस NPA Ratio: पिछले साल यह 1.67% था, जो अब सुधरकर 1.40% पर आ गया है.
  • नेट NPA Ratio: यह पिछले साल के 0.39% के मुकाबले अब महज 0.33% रह गया है.

ग्रॉस NPA का कुल मूल्य ₹23,051.93 करोड़ है, जबकि नेट NPA ₹5,459.46 करोड़ पर है. यह बैंक की रिकवरी और क्रेडिट क्वालिटी की बेहतरीन तस्वीर पेश करता है.

आय और खर्च का पूरा लेखा-जोखा

बैंक की कमाई के मुख्य स्रोत यानी ब्याज से होने वाली आय में भी स्थिरता देखी गई है. बैंक ने बाजार की अनिश्चितताओं के बीच भी अपनी ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी को बरकरार रखा है.

कमाई का गणित-

  • ब्याज से आय (Interest Earned): ₹43,275.39 करोड़ (पिछले साल ₹42,430.80 करोड़).
  • अन्य आय (Other Income): ₹7,308.99 करोड़.
  • ब्याज खर्च (Interest Expense): ₹20,296.32 करोड़.
  • ऑपरेटिंग खर्च (Operating Expenses): ₹12,088.95 करोड़.

इन आंकड़ों से साफ है कि बैंक अपनी लागत को नियंत्रित करने में सफल रहा है, जिससे ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 3% की बढ़त देखने को मिली है.

हर सेगमेंट में बैंक का जलवा

ICICI Bank की सबसे बड़ी खासियत यह रही है कि इसकी ग्रोथ किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है. बैंक ने रिटेल, होलसेल और ट्रेजरी, तीनों ही मोर्चों पर तगड़ा मुनाफा कमाया है.

सेगमेंटतिमाही मुनाफा (Q4 Profit)
रिटेल बैंकिंग₹6,927 करोड़
होलसेल बैंकिंग₹7,037 करोड़
ट्रेजरी₹3,742 करोड़

रिटेल और होलसेल बैंकिंग के बीच यह संतुलन बैंक को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने में मदद करता है.

बैलेंस शीट की ताकत और फंड जुटाने का प्लान

ICICI Bank की कुल एसेट्स अब ₹23.72 लाख करोड़ पर पहुंच गई हैं. बैंक का डिपॉजिट बेस और एडवांस (लोन) दोनों ही बहुत मजबूत स्थिति में हैं:

  • कुल डिपॉजिट: ₹17.94 लाख करोड़.
  • कुल एडवांस: ₹15.53 लाख करोड़.
  • कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR): 17.18%, जो दिखाता है कि बैंक के पास भविष्य की ग्रोथ के लिए पर्याप्त पूंजी मौजूद है.

यही नहीं, बैंक ने भविष्य के विस्तार के लिए भारी-भरकम फंड जुटाने की भी तैयारी कर ली है. बैंक घरेलू बाजार से ₹250 बिलियन और विदेशी बाजारों से 1.5 बिलियन डॉलर जुटाने की योजना बना रहा है.

पूरे साल का प्रदर्शन (FY26)

सिर्फ चौथी तिमाही ही नहीं, बल्कि पूरा वित्त वर्ष 2026 बैंक के लिए उपलब्धियों भरा रहा है. पूरे साल का शुद्ध मुनाफा ₹50,146.64 करोड़ रहा है, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹47,226.99 करोड़ के मुकाबले 6.2% ज्यादा है. बैंक की कुल आय भी ₹2,00,703.68 करोड़ के विशाल आंकड़े को पार कर गई है.

ICICI Bank के ये नतीजे इस बात का सबूत हैं कि बैंक अब पूरी तरह से अपनी पुरानी समस्याओं से उबर चुका है और एक नई रफ्तार के लिए तैयार है. प्रोविजनिंग में आई भारी कमी और एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार यह संकेत देता है कि बैंक की फंडामेंटल स्थिति अब बहुत मजबूत है. ₹12 प्रति शेयर का डिविडेंड निवेशकों के भरोसे पर खरा उतरने जैसा है. बैंक की बैलेंस शीट की ताकत और विविध आय के स्रोत इसे बैंकिंग सेक्टर का एक भरोसेमंद खिलाड़ी बनाए रखते हैं.

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