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हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2025) के नतीजे जारी किए हैं. कंपनी ने इस तिमाही में ₹3,859 करोड़ का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में दर्ज ₹142 करोड़ से लगभग 27 गुना अधिक है. कंपनी की कुल आय ₹1,10,919 करोड़ रही, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹1,20,700 करोड़ थी. हालांकि रेवेन्यू में हल्की गिरावट के बावजूद HPCL ने अपने मार्जिन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है.
HPCL का मेन रेवेन्यू सोर्स उसका डाउनस्ट्रीम पेट्रोलियम व्यवसाय रहा, जिसमें फ्यूल रिटेलिंग, रिफाइनिंग और ट्रांसपोर्ट शामिल हैं. कंपनी की कुल बिक्री ₹1,09,875 करोड़ रही. कंपनी का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच $5.95 प्रति बैरल रहा, जो पिछले साल के $4.03 प्रति बैरल की तुलना में काफी बेहतर है. कंपनी ने अपने उत्पादन और बिक्री दोनों में सुधार दिखाया. इस दौरान क्रूड थ्रूपुट 6.57 MMT और डोमेस्टिक सेल्स 11.16 MMT रही. एक्सपोर्ट बिक्री में भी हल्की बढ़ोतरी दर्ज हुई है.
कंपनी को सरकार की ओर से बड़ी राहत मिली है. पेट्रोलियम मंत्रालय (MoP&NG) ने 3 और 24 अक्टूबर 2025 के पत्रों के माध्यम से घरेलू LPG पर हुई अंडर-रिकवरी के लिए ₹7,920 करोड़ की भरपाई स्वीकृत की है. यह राशि 12 महीनों में किस्तों में जारी की जाएगी. HPCL ने बताया कि LPG की बिक्री लागत और बाजार मूल्य के बीच अंतर के कारण उसके पास ₹14,240 करोड़ का “निगेटिव बफर” है. कंपनी इस राशि को भविष्य की सब्सिडी समायोजन के लिए रखेगी.
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस तिमाही में शेयरधारकों के लिए ₹5 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड (50%) घोषित किया है. ₹10 फेस वैल्यू वाले शेयर पर यह डिविडेंड 6 नवंबर 2025 की रिकॉर्ड डेट के आधार पर पात्र निवेशकों को दिया जाएगा. भुगतान 27 नवंबर 2025 तक किया जाएगा.
कंपनी का टैक्स से पहले प्रॉफिट ₹10,677 करोड़ रहा, जबकि टैक्स भुगतान के बाद नेट प्रॉफिट ₹3,859 करोड़ रहा. वित्त वर्ष की पहली छमाही में HPCL का शुद्ध लाभ ₹7,970 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹776 करोड़ से कई गुना अधिक है. कंपनी का बेसिक अर्निंग पर शेयर (EPS) ₹18.14 रहा, जो पिछले साल ₹0.67 था. HPCL की नेट प्रॉफिट मार्जिन 3.50% रही, जो पिछले वर्ष की 0.58% से काफी ज्यादा है.
HPCL ने अपनी रिफाइनरी क्षमता को बढ़ाने और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेश बढ़ाने की योजना पर फोकस किया है. साथ ही, कंपनी क्रूड सोर्सिंग में विविधता लाने के लिए नए सप्लायर देशों से करार करने की दिशा में भी काम कर रही है. कंपनी ने स्वीकार किया कि मुंबई ऑफशोर ऑयलफील्ड (HOECL) से प्राप्त कुछ कच्चे तेल की क्वालिटी ने अक्टूबर में मैन्युफैक्चरिंग को प्रभावित किया, जिसका असर अगले तिमाही के उत्पादन पर देखा जा सकता है.
HPCL का सितंबर तिमाही का प्रदर्शन स्पष्ट रूप से यह दिखाता है कि कंपनी ने अपने रिफाइनिंग मार्जिन, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कैश फ्लो में शानदार सुधार किया है. इंटरिम डिविडेंड की घोषणा से निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा. आने वाले महीनों में LPG सब्सिडी के भुगतान और रिफाइनिंग सुधारों से कंपनी के प्रॉफिट और भी बेहतर हो सकते हैं.
Q1. HPCL का सितंबर 2025 तिमाही का प्रॉफिट कितना रहा?
कंपनी का शुद्ध प्रॉफिट ₹3,859 करोड़ रहा.
Q2. कंपनी ने कितना डिविडेंड घोषित किया है?
₹5 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया गया है.
Q3. रिकॉर्ड डेट कब तय की गई है?
6 नवंबर 2025 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है.
Q4. HPCL का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) कितना रहा?
$5.95 प्रति बैरल रहा.
Q5. कंपनी को सरकार से कितनी LPG सब्सिडी मिलेगी?
₹7,920 करोड़ की भरपाई 12 मासिक किश्तों में मिलेगी.