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AI शेयरों पर टूट पड़े दुनिया के बड़े फंड. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का क्रेज अब सिर्फ टेक्नोलॉजी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा. दुनिया के बड़े-बड़े हेज फंड्स भी अब AI शेयरों पर बड़ा दांव लगा रहे हैं.
Goldman Sachs की नई रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की दूसरी तिमाही की शुरुआत में ग्लोबल हेज फंड्स ने AI और चिप बनाने वाली कंपनियों में निवेश तेजी से बढ़ाया है. खास बात यह है कि सेमीकंडक्टर कंपनियां अब वॉल स्ट्रीट की सबसे बड़ी पसंद बनकर सामने आई हैं.
Goldman Sachs की Hedge Fund Trend Monitor रिपोर्ट के मुताबिक हेज फंड्स ने Information Technology सेक्टर में रिकॉर्ड स्तर पर निवेश बढ़ाया है. रिपोर्ट में 1,059 हेज फंड्स के डेटा का विश्लेषण किया गया, जिनकी कुल इक्विटी पोजिशन करीब 4.6 ट्रिलियन डॉलर की थी.
रिपोर्ट के अनुसार हेज फंड्स ने दूसरी तिमाही की शुरुआत में AI ट्रेड पर दोगुना भरोसा दिखाया. खासतौर पर सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ऑप्टिकल नेटवर्किंग और AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों में निवेश तेजी से बढ़ाया गया.
रिपोर्ट में कहा गया है कि हेज फंड्स की लॉन्ग पोर्टफोलियो होल्डिंग में सेमीकंडक्टर कंपनियों की हिस्सेदारी रिकॉर्ड 10 फीसदी तक पहुंच गई है. वहीं सॉफ्टवेयर कंपनियों में हिस्सेदारी घटकर 2019 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गई.
Goldman Sachs के मुताबिक अब हेज फंड्स AI बूम में सबसे ज्यादा भरोसा चिप बनाने वाली कंपनियों पर दिखा रहे हैं. सेमीकंडक्टर सेक्टर में सबसे बड़ी खरीदारी देखने को मिली.
रिपोर्ट में Lam Research, Applied Materials, Analog Devices, Micron Technology और Intel जैसी कंपनियों का नाम उन कंपनियों में शामिल किया गया जिनमें हेज फंड्स की दिलचस्पी सबसे ज्यादा बढ़ी है.
AI और टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी का असर हेज फंड्स के रिटर्न पर भी साफ दिखाई दिया. Goldman Sachs के मुताबिक Information Technology सेक्टर में सबसे लोकप्रिय हेज फंड लॉन्ग पोजिशन ने इस साल अब तक 62 फीसदी का रिटर्न दिया है. वहीं औसतन इक्विटी लॉन्ग/शॉर्ट हेज फंड्स ने 2026 में अब तक करीब 7 फीसदी रिटर्न कमाया है. इसमें सबसे बड़ा योगदान टेक्नोलॉजी शेयरों का रहा.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि हेज फंड्स अब अपने पोर्टफोलियो को कुछ चुनिंदा टेक कंपनियों तक सीमित करते जा रहे हैं. औसतन किसी भी हेज फंड के कुल लॉन्ग पोर्टफोलियो का 72 फीसदी हिस्सा सिर्फ उसकी टॉप 10 होल्डिंग्स में मौजूद है. Amazon, Nvidia, Alphabet, Microsoft और Meta Platforms फिलहाल हेज फंड्स की सबसे लोकप्रिय लॉन्ग पोजिशन बनी हुई हैं.
हालांकि AI शेयरों में तेजी के बावजूद निवेशकों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. Goldman Sachs ने रिपोर्ट में बताया कि S&P 500 कंपनियों में शॉर्ट इंटरेस्ट लगातार बढ़ रहा है और यह 2011 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक कई हेज फंड्स बाजार में तेजी के साथ-साथ अपने जोखिम भी बढ़ा रहे हैं. टेक शेयरों में हालिया रैली के बीच फंड्स ने अपनी मार्केट एक्सपोजर और लीवरेज भी बढ़ाया है.
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Goldman Sachs की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि हेज फंड्स अब इक्विटी में निवेश के लिए ETF यानी Exchange Traded Funds का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा रहे हैं. हेज फंड्स के लॉन्ग पोर्टफोलियो में ETF की हिस्सेदारी बढ़कर 4.9 फीसदी तक पहुंच गई है, जो Global Financial Crisis के बाद सबसे ऊंचा स्तर बताया गया है.