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HDFC Bank: केकी मिस्त्री को स्थायी चेयरमैन बनाने के पक्ष में CEO जगदीशन.
HDFC Bank के प्रबंध निदेशक और CEO शशिधर जगदीशन ने बैंक के भविष्य के नेतृत्व को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है. 18 अप्रैल को एक पोस्ट-अर्निंग्स कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान जगदीशन ने कहा कि वह, केकी मिस्त्री को चेयरमैन पद पर बरकरार रखने के पक्ष में हैं. जगदीशन ने जोर देकर कहा कि मिस्त्री जैसे अनुभवी व्यक्ति का बोर्ड के शीर्ष पर होना बैंक की स्थिरता के लिए आवश्यक है, हालांकि अंतिम फैसला बोर्ड के अन्य सदस्यों की सहमति पर निर्भर करेगा.
चेयरमैन की नियुक्ति की तकनीकी पहलुओं पर बात करते हुए जगदीशन ने बताया कि केकी मिस्त्री को फिलहाल तीन महीने के लिए अंतरिम जिम्मेदारी दी गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मिस्त्री को लंबी अवधि के लिए नियुक्त करने से पहले कुछ अनिवार्य प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा.
बैंक को इस मामले को सबसे पहले नामांकन और पारिश्रमिक समिति (NRC) के समक्ष रखना होगा, जिसके बाद बोर्ड इस पर विचार करेगा. अंत में, नियामक यानी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को सिफारिशें भेजी जाएंगी. जगदीशन ने आश्वस्त किया कि यह पूरी प्रक्रिया उचित समय के भीतर पूरी कर ली जाएगी.
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यह घटनाक्रम पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के 17 मार्च को हुए अचानक इस्तीफे के बाद आया है. चक्रवर्ती ने अपने त्याग पत्र में बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि बैंक की कुछ प्रथाएं उनकी व्यक्तिगत नैतिकता और मूल्यों से मेल नहीं खातीं.
हालांकि, केकी मिस्त्री ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए कहा था कि बैंक के भीतर गवर्नेंस या ऑपरेशन से जुड़ा कोई बड़ा मुद्दा नहीं है. CEO जगदीशन ने भी इस बात को दोहराते हुए कहा कि बैंक के भीतर किसी भी तरह के सत्ता संघर्ष (Power Struggle) की खबरें निराधार हैं और आगामी खुलासों (Disclosures) के जरिए स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी.
कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान जगदीशन ने दुबई में बैंक के उत्पादों की कथित 'मिस-सेलिंग' के विवाद पर भी खुलकर बात की. उन्होंने बैंक का बचाव करते हुए कहा कि इन निवेशों में शामिल खुदरा निवेशक पूरी तरह से जागरूक थे.
उन्होंने तर्क दिया कि ये निवेशक उच्च रिटर्न (High Yield) वाले उत्पादों की तलाश में थे और उन्हें निवेश से जुड़े जोखिमों की पूरी जानकारी थी. सीईओ ने संकेत दिया कि निवेशकों ने अपनी मर्जी और जोखिम की समझ के आधार पर ही निर्णय लिए थे, इसलिए इसे गलत तरीके से उत्पाद बेचना कहना उचित नहीं होगा.
एचडीएफसी बैंक के नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों के बीच एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है. बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ शशिधर जगदीशन की पुनर्नियुक्ति (Re-appointment) के मामले को वर्तमान में बोर्ड और नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति (NRC) द्वारा फिलहाल के लिए बंद (Ceased off) कर दिया गया है.
बैंक प्रबंधन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस विषय पर अभी तत्काल कोई फैसला नहीं लिया जा रहा है और इसे उचित समय (Due course) पर दोबारा विचार के लिए उठाया जाएगा. यह कदम बैंक के आंतरिक प्रशासनिक बदलावों और हालिया नेतृत्व परिवर्तनों के मद्देनजर बेहद अहम माना जा रहा है.