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Shipping Stocks: वैश्विक तनाव और युद्ध के बीच शिपिंग सेक्टर पर बढ़ते खर्च को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार भारतीय झंडे वाले जहाजों के लिए री-इंश्योरेंस कॉस्ट कम करने हेतु एक डेडिकेटेड फंड लाने की तैयारी में है. इस कदम से न सिर्फ शिपिंग कंपनियों बल्कि री-इंश्योरेंस कंपनियों को भी बड़ा सहारा मिल सकता है.
General Insurance Corporation of India और शिपिंग कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती हाल के महीनों में री-इंश्योरेंस की लागत में तेज उछाल रहा है. अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच जारी तनाव के चलते समुद्री जोखिम बढ़ा है, जिससे री-इंश्योरेंस प्रीमियम 3 से 4 गुना तक महंगा हो गया है. इसका सीधा असर शिपिंग कंपनियों की ऑपरेटिंग कॉस्ट पर पड़ रहा है.
हमारे संवाददाता तरुण शर्मा ने सूत्रों के अनुसार बताया कि, भारतीय झंडे वाले जहाजों के लिए एक डेडिकेटेड री-इंश्योरेंस फंड बनाने पर विचार किया जा रहा है. इस फंड का मकसद बढ़ती री-इंश्योरेंस लागत को संतुलित करना होगा. इससे शिपिंग कंपनियों की लागत कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही री-इंश्योरेंस कंपनियों के संभावित नुकसान की भरपाई भी की जा सकेगी.
बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर पिछले हफ्ते एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमिटी की बैठक में चर्चा भी हो चुकी है.
यह फंड एक तरह का बैकस्टॉप मैकेनिज्म हो सकता है, जहां सरकार या संबंधित संस्थाएं जोखिम का एक हिस्सा अपने ऊपर लेंगी.
इससे:
अगर यह फंड लागू होता है, तो शिपिंग कंपनियों को सीधे तौर पर राहत मिलेगी:
यह कदम सिर्फ शिपिंग कंपनियों के लिए ही नहीं, बल्कि री-इंश्योरेंस कंपनियों के लिए भी पॉजिटिव माना जा रहा है.
यह खबर इंश्योरेंस और शिपिंग सेक्टर के स्टॉक्स के लिए पॉजिटिव ट्रिगर बन सकती है.